नालंदा- नौ मार्च को पुतला फूंक कर अगजा जलाएंगे नियोजित शिक्षक-संजीत कुमार शर्मा

एक भी शिक्षक पर कार्रवाई हुई तो डीईओ और मूल्यांकन निदेशक का होगा धेराव।*

अपने वाजिब मांगों के समर्थन एवं असंवैधानिक एफआईआर निलंबन, बर्खास्तगी तथा छात्र हित को दरकिनार करते हुए शिक्षकों के समस्या पर वार्ता नहीं किए जाने के विरोध में राज्य प्रस्तावित आंदोलन के कड़ी में जिले के प्रारंभिक मध्य माध्यमिक उच्च माध्यमिक हड़ताली शिक्षक अपनी चट्टानी एकता के साथ लोकतांत्रिक तरीके से 9 मार्च को बिहार शिक्षक राज्य संघर्ष समिति के बैनर तले सभी प्रखंड मुख्यालय पर माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षा मंत्री बिहार सरकार समेत अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग पटना बिहार का पुतला फूंक अगजा जलायेगे। उक्त आशय की जानकारी बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के घटक संघ के अध्यक्ष मंडल सदस्य संजीत कुमार शर्मा, रौशन कुमार,मदन कुमार, प्रकाश चंद भारती, कुमार अमिताभ , और प्रियरंजन ने ‌संयुक्त रूप से दी। जारी विज्ञप्ति में नेताओं ने कहा कि सूबे बिहार के लाखों शिक्षक अपने वाजिब मांगों को लेकर बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले हड़ताल पर हैं और करोड़ों बच्चों को शिक्षा व एम डी एम व स समय वर्ग प्रथम से मैट्रिक तक के मूल्यांकन किया जाना जिसे भी सरकार खानापूर्ति निलंबन बर्खास्तगी आदि कार्रवाई से नहीं डरने वाले शिक्षकों की जगह अन्य वैसे शिक्षकों से करवा रही है जिसका इनके पाठ्यक्रम से भैसुर का रिश्ता-नाता है। नेताओं ने चेतावनी भरी लहजे में कहा कि समन्वय समिति आठ माह पूर्व सरकार से अनुनय विनय किया था वाजिब मांगों को लेकर परंतु सरकार की अड़ियल रवैए ने महिने बीतने के बाद भी अपना रूख़ नहीं स्पष्ट किया इसी अन्यथा की स्थिति में सरकार ने हम-सब को हड़ताल पर जाने को विवश कर दिया। सरकार आज अपेक्षित वार्ता कर हड़ताल तोड़ाए हम-सब अपने छात्र छात्राओं के पाठ्यक्रम, परीक्षा , मूल्यांकन अन्य गतिविधियां जो हड़ताल के कारण बाधित है तन्मयता के साथ बखुबी पटरी पर लाने का काम करेंगे। नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि समन्वय समिति अपने को शैक्षणिक गैर शैक्षणिक अपितु वीक्षण , मूल्यांकन एवं एम पी पी आदि कार्यों से अलग किए हुए परंतु समन्वय समिति के घटक संघ के सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार की कार्रवाई हुई तो समन्वय समिति नालंदा इकाई चुप बैठने वाले में से नहीं। नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण मूल्यांकन बहिष्कार करने वाले एक भी शिक्षक पर कार्रवाई हुई तो डीईओ और मूल्यांकन निदेशक का धेराव करेंगे जिले के नियोजित शिक्षक। सभी ने कहा कि
नियमित शिक्षक कापी मूल्यांकन कर नियोजित शिक्षकों के पेट पर लता मारने के फिराक में है।यह दुर्भाग्य की बात हैकि एक शिक्षक ही दूसरे शिक्षक की लड़ाई को मूल्यांकन कर एवं विद्यालय खोलकर कमजोर कररहा है।आने वाला समय ऐसे शिक्षकों को कभी माफ नहीं करेंगा।
कार्यक्रम की सफलता व कार्रवाई आदि को लेकर समन्वय समिति की बैठक संघ कार्यालय साठोपुर में कल रविवार को दस बजे से होगा।

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