पटना. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और ओसामा खुर्शीद के खिलाफ केस करने वाले शाश्वत गौतम ने शुक्रवार को कहा कि दोनों सार्वजनिक रूप से गलती स्वीकार करें तो मैं उन्हें माफ करने को तैयार हूं। शाश्वत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशांत पर आरोप लगाया कि वह बिहार के युवाओं का डाटा चुरा रहे हैं। ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम के नाम पर प्रशांत युवाओं के फोन नंबर, पता और अन्य जानकारियां ले रहे हैं। वह इस डाटा को बेच देंगे। लोग गफलत में पड़कर एक ऐसे व्यक्ति को अपनी जानकारी दे रहे हैं जिसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।
प्रशांत के खिलाफ 10 करोड़ के डैमेज सूट का मुकदमा
प्रशांत किशोर के खिलाफ 10 करोड़ रुपए के डैमेज सूट का मुकदमा किया गया है। मुकदमा 25 फरवरी को पटना सिविल कोर्ट में किया गया। सब जज वन के कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। शाश्वत गौतम की ओर से अधिवक्ता विशाल ठाकुर और दिनकर दुबे ने डैमेज सूट फाइल किया है।
शाश्वत के लैपटॉप का डाटा ओसामा ने प्रशांत को दिया या नहीं, हो रही जांच
प्रशांत किशोर और ओसामा खुर्शीद के खिलाफ पाटलिपुत्र थाने में दर्ज केस में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की जांच करने में जुटी है कि केस करने वाले शाश्वत गौतम का लैपटॉप ओसामा ने गायब किया था या नहीं? अगर गायब किया तो उसका आईपी एड्रेस क्या था? उस लैपटॉप में ग्राफिक्स या चुनाव संबंधी डाटा थे या नहीं?
इन ग्राफिक्स या डाटा को ओसामा ने प्रशांत किशोर को दिया या नहीं? प्रशांत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जो डाटा मीडिया को दिया वे वाकई गौतम के लैपटॉप में थे या नहीं? पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि मामला बौद्धिक संपदा की चोरी का बनता है या नहीं? सूत्रों का कहना है कि बौद्धिक संपदा चोरी होने का मामला तभी बनता है जब किसी की रिपोर्ट, डाटा, ग्राफिक्स या कुछ भी पब्लिक डोमेन में आ जाए और फिर उसी डाटा या ग्राफिक्स या रिपोर्ट को दूसरा कोई जारी कर दे। इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही पुलिस इस नतीजा पर पहुंचेगी कि दर्ज केस की हकीकत क्या है।
प्रशांत के साथ काम कर चुके हैं शाश्वत
201 ए पाटलिपुत्र कॉलोनी में रहने वाले शाश्वत ने प्रशांत किशोर व ओसामा के खिलाफ 25 फरवरी को पाटलिपुत्र थाने में केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि प्रशांत और ओसामा और किसी अज्ञात ने उनकी बौद्धिक संपदा को छलकपट से साजिश करके चोरी, धोखाधड़ी और फरेब किया। शाश्वत के बयान पर इन दोनों पर भादवि की धारा 467, 468, 471, 420, 406 व 120 बी के तहत केस दर्ज किया गया है। शाश्वत कांग्रेस के लिए काम कर चुके हैं। 2015 के चुनाव में प्रशांत के साथ भी काम किया था। 2002 से 2007 तक अमेरिका में वरीय अधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं। ओसामा पटना विवि छात्र संघ के संयुक्त सचिव पद जदयू छात्र की टिकट पर 2018-19 में चुनाव लड़ चुके हैं। इधर, एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि केस दर्ज हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच करने में जुटी है।
ओसामा ने कहा-मानहानि का केस करेंगे
ओसामा ने कहा कि शाश्वत का आरोप निराधार है। मैंने उनका लैपटाप नहीं लिया है। पहले वे यह बताएं कि जिस लैपटॉप को गायब करने का केस किए हैं उसका आईपी एड्रेस क्या है? बात सही है कि शाश्वत को जानता हूं। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने मेरे दोस्त को फोन कर मुझे बुलाया था। मैं अब उन पर मानहानि का केस करूंगा।
प्रशांत ने कहा-छवि खराब करने की कोशिश
इस मामले में प्रशांत किशोर ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा अपने लिए दो मिनट की प्रसिद्धि हासिल करने का तरीका है। यह महज तीसरे दर्जे की शरारत और किसी व्यक्ति की छवि खराब कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चाहिए कि वे इस मामले की पूरी पारदर्शिता और शीघ्रता से जांच करें ताकि लोगों के सामने सच्चाई सामने आए। हम आगे विचार करेंगे कि ऐसे लोगों के खिलाफ क्या करना है?
उलझ गई है पुलिस
पुलिस बिहार की बात और बात बिहार के बीच उलझ गई है। शाश्वत ने दर्ज केस में दावा किया है कि उन्होंने 7 जनवरी, 2020 को बिहार बात की डॉट इन नाम से रजिस्ट्रेशन कराया था। वहीं प्रशांत ने 18 फरवरी को बात बिहार की डॉट इन के बारे में कहते हुए इस पर डेटा जारी किया था। यही नहीं इन दोनों के अलावा फेसबुक पर इन्हीं दोनों से मिलते-जुलते 7 पेज चल रहे हैं।