चुनावी रणनीतिकार और जदयू के पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशांत पर पिछले दिनों लॉन्च किए गए कार्यक्रम ‘बात बिहार की’ के कंटेंट की नकल का आरोप लगा है। मोतिहारी के रहने वाले और पेशे से इंजीनियर शौश्वत गौतम ने प्रशांत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी है। प्रशांत के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 और 420 यानी धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में प्रशांत के अलावा एक और युवक ओसामा का भी नाम है।
बताया जा रहा है कि केस दर्ज कराने वाले शाश्वत गौतम पहले कांग्रेस के लिए काम कर चुके हैं। शाश्वत ने ‘बिहार की बात’ नाम से एक प्रोजेक्ट बनाया था जिसे भविष्य में लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच शाश्वत के साथ काम करने वाले ओसामा ने इस्तीफा दे दिया। आरोप है कि ओसामा ने सारे कंटेंट प्रशांत किशोर के हवाले कर दिए और प्रशांत ने सारे कंटेंट को अपनी वेबसाइट पर डाल दिया। शाश्वत ने सारे सबूत पुलिस को सौंपे हैं। ओसामा पटना विश्वविद्यालय का छात्र रहा है और पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ चुका है।
प्रशांत किशोर ने 20 जनवरी को ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम लॉन्च किया था। प्रशांत के इस अभियान को काफी रिस्पॉन्स मिला और कुछ घंटों के भीतर ही तीन लाख से ज्यादा लोग जुड़ गए थे। प्रशांत ने कहा था कि इस मुहिम के जरिए बिहार को बदलने की चाहत रखने वाले युवाओं को जोड़ा जाएगा। अगले 100 दिनों के भीतर अभियान से 10 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
निष्पक्ष जांच होनी चाहिए: प्रशांत
प्रशांत ने इस मुद्दे पर कहा कि एक आदमी ने दो मिनट का प्रचार पाने के लिए यह सब किया है। जो भी जांच एजेंसियां हैं उनको स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।