29 मार्च कोरोना वायरस महामारी पिछले आठ दिनों से लाँकडाउन ने व्यवसायीयो की कमर तोड़ दी

बिहारशरीफ :-29 मार्च, कोरोना वायरस महामारी चलते पिछले आठ दिनों से चली लाँक डाउन ने व्यवसायीयो की कमर तोड़ दी है

नालंदा चैम्बर आँफ काँमर्स एंड इंडस्ट्रीज के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अकेला ने दो दिन पूर्व केन्द्रीय वितमंत्री निर्मल सीतारमण तथा रिजर्व बैंक के गवर्नर शाक्तिकांत दास द्वारा कारोबारीयो तथा आम नागरिको के लिए की गई कई
राहत पैकेज की घोषणाओ का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बदहाली तथा महामारी की मार झेल रही जनता को कुछ हद तक राहत मिलेगी श्री अकेला ने समूचे देश में लाँक डाउन के दौरान व्यापारियों पर काला बाजारी का आरोप लगाए जाने कडी आलोचना की है श्री अकेला ने कहा कि कोरोना वायरस के सकंट के दौर मे व्यापारीगण अपनी जान पर खेलकर जनता के लिए राशन उपलब्ध करा रहे हैं उनकी सराहना करने की बजाय उन पर ही कालाबाजारी का आरोप लगा कर बदनाम किया जा रहा है अकेला ने कहा कि व्यापारी सुबह जब दुकान के लिए बाहर निकलते हैं तो हमारे माता पिता चिंतित रहते हैं हमारे स्वास्थ्य के लिए हमारे बच्चे कहते की पापा बाहर मत जाओ प्लीज़,,,, वो भी समाचार देखते हैं और हमारे लिए चिंतित होते हैं पर हमारे हिस्से आती हैं सिर्फ बदनामी,जब की इतिहास गवाह है खाध सामग्री के व्यापारीगण सबसे कम लाभ में अपना व्यापार चलाते आ रहे है जिसकी। शिकायत किसी से भी नही करते उन्होने लोगो से व्यापारीयो पर मनगढ़ंत लगाने के बजाय उनकी भावनाओ का सम्मान करते कि अपील की है श्री अकेला ने कहा कि वर्तमान में व्यापारियों के समक्ष सबसे बड़ी चिंता दुकान का किराया चुकाने, बैक कि किश्त चुकाने, कर्मचारियों का बेचन देने, व्यापारिक लेन देन का भुगतान करने दुकानो गोदाम मे पड़े कच्चे माल की बर्बादी, बिजली बिल, जीएसटी रिटर्न भरने, अपने बच्चे स्कूली फीस तथा परिवार का भरन -पोषन समेत तमाम समस्याओं की भारमार है जिससे आसानी पार पाना सम्भव नहीं है श्री अकेला ने कहा कोरोना वायरस महामारी संकट से हर छोटे से छोटे व्यापारी से ले कर प्रत्येक कारोबारीयो को हर महीने 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये का नुकसान होगा, जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार किए जाने की जरुरत हैं, कारण सरकार व्यापारीयो से नियमित टैक्स की वसूली करती है तो राष्ट्रीय आपदा की इस घड़ी में अपने करदाताओ का ध्यान रखना ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *