Report: 83% ई-स्कूल और 46% बी-स्कूल ग्रेजुएट्स को नौकरी या इंटर्नशिप ऑफर नहीं मिला - Post2Pillar

Report: 83% ई-स्कूल और 46% बी-स्कूल ग्रेजुएट्स को नौकरी या इंटर्नशिप ऑफर नहीं मिला

भारत की अग्रणी कम्युनिटी एंगेजमेंट और हायरिंग प्लेटफॉर्म अनस्टॉप ने बेंगलुरु में आयोजित अपने वार्षिक अनस्टॉप टेलेंट मीट में अनस्टॉप टेलेंट रिपोर्ट 2025 जारी की है। इस रिपोर्ट में प्रमुख हायरिंग ट्रेंड्स, जेन-जी की कार्यस्थल से अपेक्षाएं और टैलेंट एंगेजमेंट में हो रहे बदलावों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

यह रिपोर्ट 30,000+ जेन-जी प्रोफेशनल्स और 700 एचआर लीडर्स के व्यापक सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट में अगली पीढ़ी की आवाजों और वास्तविक कहानियों को शामिल किया गया है। अनस्टॉप ने इसके साथ ही पूरे साल देशभर में कई राउंडटेबल चर्चाओं का आयोजन किया और उनके माध्यम से एचआर लीडर्स की राय को भी जाना गया। इससे यह रिपोर्ट टैलेंट एक्विज़िशन इकोसिस्टम में व्यापक बन गई है।

अनस्टॉप की रिपोर्ट से सामने आया कि 83% ई-स्कूल और 46% बी-स्कूल ग्रेजुएट्स को अब तक कोई नौकरी या इंटर्नशिप ऑफर नहीं मिला है। 51% जेन-जी प्रोफेशनल्स फ्रीलांसिंग और साइड हसल्स के जरिए एक से अधिक आय के स्रोत तलाश रहे हैं, जबकि बी-स्कूल स्टूडेंट्स में यह संख्या बढ़कर 59% हो जाती है। आर्ट्स और साइंस में ग्रेजुएट दो में से एक महिला 6 लाख रुपये सालाना से कम कमाती है, जबकि पुरुषों की बात करें तो वे काफी हद तक इस सीमा को पार कर जाते हैं। हालांकि, बी-स्कूल्स और ई-स्कूल्स में आय में समानता देखी गई है, जहां लिंग के आधार पर वेतन में भेदभाव नहीं किया जाता।

यह पता लगाने की कोशिश करते हुए जेन-जी मौजूदा परिदृश्य में किस तरह के काम कर रहे हैं, अनस्टॉप की रिपोर्ट बताती है कि जेन-जी टेलेंट और रिक्रूटर्स के बीच परफॉर्मंस फीडबैक को लेकर एक गहरा डिसकनेक्ट है। रिपोर्ट में सामने आया है कि 77% जेन-जी प्रोफेशनल्स मासिक या प्रोजेक्ट-बेस्ड रिव्यू को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 71% रिक्रूटर्स अब भी वार्षिक या अर्धवार्षिक रिव्यू पर निर्भर हैं। 70% जेन-जी उम्मीदवार केस स्टडीज, आइडियाथॉन्स और सिमुलेशन्स में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, जबकि केवल 25% रिक्रूटर्स ही इन्हें हायरिंग में प्राथमिकता देते हैं।

अनस्टॉप की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 73% रिक्रूटर्स ने प्रीमियर कॉलेज टैग को दरकिनार कर टैलेंट-बेस्ड हायरिंग को अपनाया है। यानी भर्ती करने के तौर-तरीके और प्राथमिकताएं काफी हद तक बदल चुकी हैं। एचआर अब ई-स्कूल स्टूडेंट्स के बीच एक प्रमुख कॅरियर विकल्प बनता जा रहा है, जो उद्योग में बदलाव का संकेत देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *