कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। अब वे क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के हॉल ऑफ फेम में शामिल हो गए हैं। वह इस क्लब में एंट्री करने वाले 11वें भारतीय क्रिकेटर है। इससे पहले बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, सुनील गावस्कर, अनिल कुंबले, सचिन तेंदुलकर, वीनू मांकड़, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, नीतू डेविड और डायना एडुल्जी ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल हो चुके हैं।
ICC Hall of Fame क्यों है खास?
आपको बता दें कि ICC Hall of Fame अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा शुरू किया गया एक विशेष सम्मान है, जिसका उद्देश्य क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों और खेल में योगदान के लिए सम्मानित करना है। यह क्रिकेट जगत का एक सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इसमें दुनियाभर के क्रिकेटरों को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट के इतिहास में विशेष योगदान देने वाले खिलाड़ियों को याद करना और उनकी विरासत को सम्मान देना है, ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके।
कब हुई थी शुरुआत?
ICC Hall of Fame की शुरुआत 2009 में हुई थी। इसे ICC और Federation of International Cricketers’ Associations (FICA) ने मिलकर लॉन्च किया था।
Hall of Fame में शामिल होने के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता?
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खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए कम से कम 5 साल हो चुके हों।
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उसने अपने समय में असाधारण प्रदर्शन किया हो।
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उसके आंकड़े और खेल भावना, दोनों ही क्रिकेट के उच्चतम मानकों के अनुरूप रहे हों।
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कैसे होता है चयन?
एक विशेष वोटिंग अकादमी होती है, जिसमें पूर्व खिलाड़ी, क्रिकेट विशेषज्ञ और पत्रकार शामिल होते हैं। वे नामांकित खिलाड़ियों की उपलब्धियों और प्रभाव के आधार पर वोटिंग करते हैं।







