पटना 13जनवरी, बिहार ऑनलाइन सेंटर एसोसिएशन की ओर से बोरिंग रोड स्थित एक होटल में आयोजित महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में एसोसियेशन के प्रेसीडेंट कन्हैया सिंह ने कहा कि बी एस ई बी की परीक्षा नीति से प्रदेश के 200 आनलाईन एक्जामिनेशन सेंटर का अस्तित्व संकट में है। बिहार सरकार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा बनाए गए बापू परीक्षा केंद्र और आदर्श परीक्षा केंद्रों में लगभग 11500 कंप्यूटर (नोड्स) लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा हाल ही में BSEB द्वारा 10000 नए कंप्यूटर लगाने का निविदा भी जारी की गई है। यह भी महत्वपूर्ण है कि ये बापू परीक्षा केंद्र और आदर्श परीक्षा केंद्र पीपीपी (PPP-पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर बनाए गए हैं यानी सरकार ने इन केंद्रों का संचालन बड़ी निजी कंपनियों के हाथों में सौंप दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी नाम पर चल रहे ये केंद्र भी वास्तव में निजी कंपनियों के माध्यम से ही संचालित हो रहे हैं। दूसरी ओर बिहार में लगभग 250 निजी परीक्षा केंद्र कार्यरत हैं जिनमें लगभग 15,000 कंप्यूटर नोड्स उपलब्ध हैं। इनमें से कई ऐसे केंद्र हैं जो वर्ष 2010-11 से लगातार सफलतापूर्वक परीक्षाएं आयोजित करा रहे हैं। जब बिहार में कोई सरकारी परीक्षा केंद्र नहीं था उस समय से ही निजी केंद्रों ने अपने यांत्रिकी और मानवीय संसाधनों के बल पर बिहार में ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पद्धती को खड़ा किया। आज स्थिति यह है कि सरकारी नाम से चल रहे पी.पी.पी. मोड के परीक्षा केंद्रों को अब पूरी तरह से व्यवसायिक बना दिया गया है और केंद्र सरकार व राज्य सरकार की लगभग सभी परीक्षाएं उन्हीं में कराई जा रही हैं। इससे वर्षों से काम कर रहे स्थानीय निजी परीक्षा केंद्रों को कोई अवसर नहीं मिल पा रहा है और पूरा सेक्टर बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। निजी परीक्षा केंद्रों से सीधे तौर पर 50000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। कई संचालकों ने जमीन बेचकर, लोन लेकर और अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर ये केंद्र बनाए है। अब जब परीक्षाएं आयोजित कराने का अवसर ही नहीं मिलेगा तो उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाना स्वाभाविक है। इन परिवारों के बच्चे स्कूल-कॉलेज में पढ़ रहे हैं, कुछ बच्चे बाहर भी पढ़ रहे हैं। जब आमदनी ही बंद हो जाएगी तो उनकी फीस, किराया और पढ़ाई कैसे चलेगी? इससे हजारों बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। बिहार ऑनलाइन सेंटर एसोसिएशन जो वर्ष 2018 से कार्य कर रही है हमेशा से पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत परीक्षा प्रणाली का समर्थक रहा है। निजी परीक्षा केंद्रों ने परीक्षा एजेंसियों की हर तकनीकी शर्त और जरूरी संसाधनों को पूरा किया है और वर्षों से ईमानदारी से काम किया है। लगभग पिछले 14-15 वर्षों से बिहार के निजी ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों द्वारा IBPS, JEE (Main एवं Advanced), SSC, Railway, NEET, PG, GATE, DRDO, DCL सहित देश की सबसे प्रतिष्ठित कंप्यूटर आधारित (CBT) परीक्षाओं को सफलतापूर्वक आयोजित किया जाता रहा है। परीक्षाओं का मूल उद्देश्य होता है कि परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी हो, तकनीकी रूप से मजबूत रहे, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न हो और अभ्यर्थियों को समय पर परिणाम मिल सके। बिहार के निजी परीक्षा केंद्रों ने इन सभी मानकों पर खरा उतरते हुए वर्षों से सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्था के साथ परीक्षाएं संचालित की हैं जिससे लाखों छात्र लाभान्वित हुए हैं।
उपरोक्त वस्तुस्थिति से अवगत होते हुए हम बिहार सरकार से यह मांग करते हैं कि जिस तरह पी.पी.पी. मोड पर बड़ी निजी कंपनियों को परीक्षा केंद्र चलाने का मौका दिया गया है, उसी तरह स्थानीय योग्य और प्रमाणित निजी परीक्षा केंद्रों को भी समानता का अवसर दिया जाए ताकि निष्पक्षता बनी रहे और हजारों परिवार बेरोजगार होने से भी बच सकें। बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी, से विनम्र अपील करते हैं कि इस गंभीर विषय
को मानवीय दृष्टिकोण से देखें। मुख्यमंत्री महोदय हमेशा से बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं। हम यह भी सरल शब्दों में कहना चाहते हैं कि बिहार के सभी निजी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बिहार के ही लोगों के हैं। इनमें काम करने वाले संचालक, कर्मचारी और उनके परिवार सभी बिहारवासी हैं। यह कोई बाहरी उद्योग नहीं, बल्कि बिहार के लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा हुआ क्षेत्र है।बिहार आनलाईन एक्जामिनेशन सेंटर एसोसियेशन के प्रेसीडेंट कन्हैया सिंह, सचिव यशवंत सिंह,कोषाध्यक्ष राजकुमार ने बोरिंग रोड चौराहा के पास स्थित एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपनी पीड़ा रखी।
इस मौके पर सदस्य मुकेश कुमार,दरभंगा के मुकेश कु सिंह, गया विनय सिंह, अजय सिंह, मिस वीणा, जयकुमार,अविनाश कुमार,शक्ति कुमार, संजय कुमार, कुमार कुणाल, उज्जवल सिंह, बबन कुमार गया,प्रभा सिंह ,सी एम प्रसाद, विवेक कुमार के साथ दर्जनों सेंटर संचालक उपस्थित थे। यह स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि बिहार सरकार द्वारा संचालित किसी भी परीक्षा को अब निजी ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर कराने से सख्त मना किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि बिहार सरकार का एक भी एग्जाम निजी परीक्षा केंद्रों को नहीं दिया जा रहा है। यह निर्णय सुनियोजित तरीके से छोटे एवं मध्यम स्तर के परीक्षा केंद्रों को समाप्त करने की मंशा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री महोदय से अनुरोध करना चाहते हैं कि बिहार के परिवारों पर अपनी दया दृष्टि रखें और इस उद्योग को बचाने के लिए उचित निर्णय लें ताकि बिहार के लोगों का भविष्य सुरक्षित रहे।






