नई दिल्ली: भारत में हेल्थ और हाइजीन सेक्टर की अग्रणी कंपनी यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड (Eureka Forbes Limited) ने अपने ग्राहकों की सेहत और पानी की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए एक नए राष्ट्रीय जागरूकता अभियान ‘स्टॉप, चेक, रिलैक्स’ (Stop, Check, Relax) की शुरुआत की है। इस कैंपेन का मुख्य उद्देश्य वॉटर प्यूरीफायर की सर्विसिंग के दौरान होने वाली उस बड़ी लापरवाही को उजागर करना है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं— यानी नकली या साधारण फिल्टर का इस्तेमाल।
कंपनी ने इस कैंपेन के केंद्र में अपने अत्याधुनिक ‘एक्वागार्ड नैनोपोर लॉन्ग-लाइफ फिल्टर्स’ (Aquaguard Nanopore Long-Life Filters) को रखा है। इसके जरिए ग्राहकों को संदेश दिया जा रहा है कि वे सर्विसिंग के वक्त थोड़ा ठहरें (Stop), फिल्टर की असलियत को जांचें (Check), और फिर पूरी तरह बेफिक्र (Relax) हो जाएं।
साधारण फिल्टर बनाम एक्वागार्ड नैनोपोर: क्या कहती है रिसर्च?
देश में दूषित पानी और जलजनित बीमारियों को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में यह कैंपेन एक कड़वी सच्चाई को सामने लाता है कि कोई भी वॉटर प्यूरीफायर सिर्फ तभी तक सुरक्षित है, जब तक उसके अंदर लगा फिल्टर असली है।
IIT मद्रास की रिपोर्ट का हवाला: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास में किए गए वैज्ञानिक परीक्षणों के नतीजे चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले साधारण या लोकल फिल्टर पानी में मौजूद पेस्टिसाइड्स (कीटनाशक), लेड, मरकरी और आर्सेनिक जैसी जानलेवा अशुद्धियों को साफ करने में पूरी तरह नाकाम रहते हैं।
इसके विपरीत, एक्वागार्ड नैनोपोर लॉन्ग-लाइफ फिल्टर्स अपनी एडवांस मल्टी-स्टेज प्यूरीफिकेशन टेक्नोलॉजी और बेहद बारीक छिद्रों (नैनोपोर) की मदद से माइक्रोप्लास्टिक्स, यूरेनियम, खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया को भी पानी से पूरी तरह बाहर निकाल देते हैं। यह तकनीक पानी की आखिरी बूंद तक शुद्धता और सुरक्षा की गारंटी देती है।
इस कैंपेन के तहत एक विज्ञापन फिल्म भी जारी की गई है, जो घर-परिवार के बेहद सामान्य और जाने-पहचाने माहौल पर आधारित है।
-
कहानी का ताना-बाना: फिल्म में प्यूरीफायर की सर्विस विज़िट के दौरान एक पति-पत्नी के बीच होने वाली सामान्य बातचीत को दिखाया गया है। बातचीत के दौरान एक छोटी सी याद दिलाने वाली बात उन्हें प्यूरीफायर में लगाए जा रहे नए फिल्टर को गौर से देखने के लिए प्रेरित करती है।
-
मूल विचार: यूरेका फोर्ब्स का कहना है कि जिस तरह लोग नया वॉटर प्यूरीफायर खरीदते समय महीनों रिसर्च करते हैं और सोच-समझकर फैसला लेते हैं, ठीक उसी तरह फिल्टर बदलते समय भी असली की पहचान करना बेहद जरूरी है।
