IPO News: पावरिका लिमिटेड ने अपने पहले इनिशियल पब्लिक ऑफर के लिए ₹5 की फेस वैल्यू वाले शेयर का भाव ₹375 से ₹395 तय किया है।
कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ या ऑफर) निवेश के लिए मंगलवार, 24 मार्च 2026 को खुलेगा और शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को बंद होगा। इन्वेस्टर्स कम से कम 37 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, इसके बाद 37 के मल्टीपल में शेयर खरीदे जा सकेंगे।
यह आईपीओ ₹1,100 करोड़ का है। इसमें ₹700 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹400 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा। ओएफएस के जरिए प्रमोटर्स- नरेश ओबेरॉय फैमिली ट्रस्ट और कबीर एंड किमाया फैमिली प्राइवेट ट्रस्ट अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
कंपनी पावर सॉल्यूशंस सेक्टर की एक ऐसी कंपनी है जो डीजल जनरेटर (DG) सेट बनाने में माहिर है। ये जनरेटर बैकअप और लगातार बिजली सप्लाई, दोनों कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं। कंपनी ‘कमिंस इंडिया’ के लिए ओरिजिनल इक्विपमेंट बनाने का काम करती है और उनके साथ पिछले 40 साल से भी ज्यादा समय से जुड़ी हुई है। कंपनी ने 1984 में डीजल जनरेटर का बिजनेस शुरू किया था और फिर 1996 में मीडियम स्पीड लार्ज जनरेटर (MSLG) भी बनाना शुरू कर दिया। कंपनी नॉन एक्सक्लूसिव बेसिस पर HD हुंडई हेवी इंडस्ट्रीज कंपनी लिमिटेड के साथ मिलकर इस सेगमेंट को आगे बढ़ा रही है। डीजल जनरेटर और बड़े जनरेटर, दोनों को मिलाकर कंपनी के पास 7.5 kVA से लेकर 10,000 kVA तक की पूरी रेंज है, जो अलग-अलग इंडस्ट्रीज की जरूरतों को पूरा करती है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) की तारीख तक, कंपनी के जनरेटर बिजनेस में कमिंस इंजन वाले डीजी सेट, हुंडई के साथ मिलकर बनाए गए MSLG और इससे जुड़े अन्य काम शामिल हैं।
जनरेटर बिजनेस के अनुभव के दम पर कंपनी ने 2008 में इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) के तौर पर विंड पावर सेक्टर में एंट्री की। इसके बाद कंपनी ने इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्टर और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर भी अपनी पहचान बनाई। RHP की तारीख तक, विंड पावर सेक्टर में कंपनी के काम में खुद के प्रोजेक्ट्स चलाना और विंड पावर इंडस्ट्री के लिए इंजीनियरिंग, सप्लाई और मेंटेनेंस (EPC और O&M) का काम शामिल है।
कंपनी के पास गुजरात में 12 विंड पावर प्रोजेक्ट्स
प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, कंपनी के पास गुजरात में 12 विंड पावर प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी कुल क्षमता 330.85 मेगावाट है। इसके अलावा कंपनी गुजरात में ही 52.70 मेगावाट का एक और प्रोजेक्ट बना रही है। इसके पूरा होने पर कंपनी की कुल क्षमता 383.55 मेगावाट हो जाएगी।
कंपनी डीजी सेट के साथ-साथ उससे जुड़े सामान जैसे फ्यूल और एग्जॉस्ट सिस्टम और कस्टमाइज्ड कंट्रोल पैनल भी बनाती है। कमिंस इंजन की मदद से कंपनी 7.5 kVA से 3,750 kVA तक के जनरेटर की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इंस्टॉलेशन का पूरा काम संभालती है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) की तारीख तक कंपनी की तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बेंगलुरु (कर्नाटक), सिलवासा (दादरा और नगर हवेली) और खोपोली (महाराष्ट्र) में हैं।
कंपनी का सेल्स नेटवर्क काफी बड़ा है, जिससे ग्राहकों तक पहुंचना और बाजार में पकड़ बनाना आसान होता है। 30 सितंबर 2025 तक, कंपनी के पास अपने रजिस्टर्ड और कॉर्पोरेट ऑफिस के अलावा 19 सेल्स और मार्केटिंग ऑफिस थे, जिनमें 123 लोगों की टीम काम कर रही थी। इसके अलावा कंपनी के पास 43 ऑथोराइज्ड डीलर्स भी थे। कंपनी इन डीलर्स को कमिंस के साथ मिलकर जॉइंट ऑथोराइजेशन सर्टिफिकेट देती है, ताकि अलग-अलग मार्केट सेक्टर्स में ग्राहकों को तुरंत सर्विस दी जा सके।
30 सितंबर 2025 को खत्म छमाही में रेवेन्यू ₹1,447.44 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹134.55 करोड़ रहा। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,653.27 करोड़ रहा, जो FY23 में ₹2,378.26 करोड़ था। FY25 में कंपनी का मुनाफा ₹175.83 करोड़ रहा, जो FY23 में ₹106.45 करोड़ था।
इस आईपीओ के लिए ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स हैं। MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ऑफर के लिए रजिस्ट्रार है। आईपीओ में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (NII) के लिए और 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है।
