Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री की रेस तेज हो गई है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और ‘समीकरणों’ के आधार पर 5 ऐसे नाम सामने आ रहे हैं, जो नीतीश कुमार के बाद बिहार की कमान संभाल सकते हैं। मुख्यमंत्री की रेस में एक सरप्राइज नाम आ श्रेयसी सिंह का आ रहा है। विशेष रूप से, श्रेयसी सिंह का नाम इस रेस में शामिल होना बिहार की राजनीति में “महिला नेतृत्व” और “युवा चेहरे” की नई बहस को जन्म दे रहा है। हालांकि, इस रेस का चैंपियंन कौन होगा यह अभी सिर्फ कायास बाजी तक ही सीमित है। बीजेपी के चाणक्य अमित शाह के दिमाग में किसका नाम चल रहा है, यह अंदाजा किसी को नहीं है।
बिहार के 5 संभावित दावेदार
1. सम्राट चौधरी (सबसे प्रबल दावेदार)
वर्तमान में उपमुख्यमंत्री और बिहार बीजेपी के अध्यक्ष सम्राट चौधरी इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
क्यों: वे ओबीसी (कुशवाहा) समुदाय से आते हैं, जो बिहार में लव-कुश समीकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ताजा अपडेट: हाल ही में नीतीश कुमार ने सार्वजनिक मंचों पर उनके कंधे पर हाथ रखकर कई संकेत दिए हैं। बीजेपी आलाकमान का उन पर भरोसा और उनकी आक्रामक कार्यशैली उन्हें नंबर 1 दावेदार बनाती है।
2. श्रेयसी सिंह (सरप्राइज पैकेज)
जमुई से बीजेपी विधायक और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह का नाम इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला लेकिन तार्किक है।
क्यों: बिहार में ‘स्वर्ण’ और ‘महिला’ कार्ड खेलने के लिए बीजेपी के पास श्रेयसी से बेहतर कोई चेहरा नहीं है। उनकी छवि साफ-सुथरी है, वे शिक्षित हैं और युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं।
राजनीतिक संकेत: हाल के दिनों में सदन के भीतर उनकी सक्रियता और बड़े नेताओं के साथ उनकी बैठकों ने इन चर्चाओं को हवा दी है कि बीजेपी उन्हें बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री (बीजेपी की ओर से) के रूप में प्रोजेक्ट कर सकती है।
3. विजय कुमार सिन्हा
वर्तमान उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी मुख्यमंत्री की रेस में एक अनुभवी नाम हैं।
क्यों: वे भूमिहार समाज से आते हैं और संगठन में उनकी पकड़ काफी मजबूत है। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल ने दिखाया कि वे प्रशासन और नियमों को बेहतर तरीके से समझते हैं।
चुनौती: जातिगत समीकरणों (Caste Arithmetic) के कारण कभी-कभी उन्हें चुनौती मिल सकती है, लेकिन उनकी निष्ठा और अनुभव उन्हें हमेशा रेस में बनाए रखता है।
4. नित्यानंद राय
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम लंबे समय से बिहार के अगले सीएम के तौर पर लिया जाता रहा है।
क्यों: वे यादव समुदाय से आते हैं। बीजेपी उनके जरिए आरजेडी के कोर वोट बैंक (यादव वोटर्स) में सेंध लगाना चाहती है। अमित शाह के करीबी होने के कारण दिल्ली दरबार में उनका पलड़ा भारी रहता है।
रणनीति: यदि बीजेपी बिहार में पूरी तरह से ‘यादव बनाम यादव’ की लड़ाई लड़ना चाहेगी, तो नित्यानंद राय ही सबसे उपयुक्त विकल्प होंगे।
5. संजय झा / विजय चौधरी (JDU के अंदरूनी विकल्प)
अगर उत्तराधिकारी जेडीयू से ही चुना जाना तय हुआ (जो मौजूदा हालात में थोड़ा कठिन लग रहा है), तो नीतीश कुमार के करीबी संजय झा या विजय चौधरी का नाम सामने आ सकता है।
क्यों: ये दोनों नेता नीतीश कुमार के ‘संकटमोचक’ माने जाते हैं। प्रशासनिक समझ और नीतीश की नीतियों को आगे ले जाने के लिए ये सबसे सुरक्षित विकल्प हैं।
क्या श्रेयसी सिंह बनेंगी बिहार की ‘गेमचेंजर’?
बिहार की राजनीति अब धीरे-धीरे ‘मंडल’ की राजनीति से आगे बढ़कर ‘महिला’ और ‘विकास’ की ओर मुड़ रही है। श्रेयसी सिंह का नाम रेस में आने का मतलब है कि बीजेपी बिहार में ओडिशा (मोहन चरण माझी) जैसा कोई प्रयोग कर सकती है—एक ऐसा चेहरा जो नया हो, ऊर्जावान हो और जिस पर भ्रष्टाचार का कोई दाग न हो।
हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सम्राट चौधरी का दावा सबसे मजबूत है, लेकिन बिहार की राजनीति में “नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी” होना किसी सस्पेंस फिल्म के क्लाइमेक्स से कम नहीं है।