नालन्दा से राकेश कुमार की रिपोर्ट—
पिछले 17 फरवरी से बिहार राज्य समन्वय समिति शिक्षक संघ के द्वारा अपनी वेतनमान समेत छह सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों की हड़ताल को लेकर अब जहां एक और विपक्ष ने भी साथ दे दिया है ,यही कारण है कि बजट सत्र के दौरान शिक्षकों का मुद्दा पूरी तरह से हावी रहा। आज इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र नालंदा में हड़ताली शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री की सद्बुद्धि के लिए हिंदू रीति रिवाज से हवन पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इतना ही नहीं इस हवन पूजन के बाद लोगों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। गौरतलब है कि रहुई प्रखंड में भी पिछले 17 फरवरी से सैकड़ों शिक्षक अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। हवन पूजन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि इस हवन पूजन के माध्यम से विहार में शिक्षा को ऊर्जावान बनाकर हम शिक्षा को उर्जान्ववित करना चाहते हैं और जब तक शिक्षा ऊर्जान्वित नहीं होगा तब तक हमारे बच्चो का भविष्य ऊर्जावान नही होगा। जब तक नियोजित शिक्षक भूखे रहेंगे हमारे शिक्षक के माध्यम से शिक्षा कभी भी प्रकाश नहीं पा सकेगा। हम लोग इस हवन के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री की सद्बबुद्धि के लिए इस हवन पूजन कार्यक्रम को कर रहे हैं और वह जल्दी से हम हड़ताली शिक्षकों को बातों को सुनकर उस पर अमल कर सके।नीतीश कुमार और शिक्षामंत्री का
शिक्षा के प्रति जिनकी नीति बिल्कुल उदासीन हो गई है उनके मन में इस शिक्षा के प्रति जागरूकता आए।जो शिक्षकों के प्रति अभी तक उनकी नींद नही टूटी और सोच भी नही बदली है। इसमें परिवर्तन आ सके,इसलिए बिहार राज्य समन्वय समिति शिक्षक संघ के द्वारा आज रहुई प्रखंड परिसर में हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। लगातार हड़ताल होने से शिक्षा का भी स्तर गिरता जा रहा है और बच्चों के भविष्य अंधकार में लटक गया है इसकी पूरी जवाबदेही बिहार सरकार की है जो अभी तक हमारी शिक्षकों की फरियाद को नहीं सुन पाई है और गहरी नींद में सोई हुई है।