कार्रवाई वापसी को लेकर आगामी 2 मार्च को जिले के सभी बीआरसी पर आक्रोशपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालय अध्यक्ष।*
डीईओ द्वारा नालंदा जिले के सैकड़ों शिक्षकों पर एफ आई आर की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण ।
आगामी 2 मार्च को सभी बीआरसी पर आक्रोष पूर्ण धरना देंगे जिले के तमाम नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष उक्त आशय का निर्णय बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के नालंदा जिला इकाई की अध्यक्ष मंडलीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। समन्वय समिति ने डीईओ के द्वारा शिक्षकों पर की गई कार्रवाई की घोर निंदा व भर्त्सना की । समन्वय समिति के जिला संयोजक राणा रंजीत कुमार ने कहा कि सरकार आंदोलनरत शिक्षकों पर एफआईआर करके शिक्षकों में भय पैदा कर मूल्यांकन कार्य संपन्न कराना चाहती है जो कदापि संभव नहीं है ऐसे प्रतिकूल समय में शिक्षकों की गोलबंदी नितांत आवश्यक है समन्वय समिति के अध्यक्ष मंडल सदस्यो ने डीईओ नालंदा को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर शिक्षकों पर से मुकदमा शीघ्र वापस नहीं किया गया तो बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समिति की जिला इकाई आंदोलन को और तेज करेगा इसी कड़ी में कल एक फरवरी को स्थानीय विधायकों को ज्ञापन दिया जायेगा और दिनांक पांच फरवरी को हजारों की संख्या में श्रम कल्याण मैदान से डीईओ कार्यालय होते जिला समाहरणालय तक आक्रोष पूर्ण मार्च निकाला जाएगा और मुख्यमंत्री के नाम जिला पदाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा ।बैठक में अध्यक्ष मंडल के सदस्य संजीत कुमार शर्मा ,रोशन कुमार, मदन कुमार, प्रकाश चंद भारती ,कुमार अमिताभ प्रियरंजन, अजीत आदि शामिल थे
इधर एफ आई आर होने से जिले तमाम शिक्षक संगठनों में काफी आक्रोश व्याप्त है और जिले के प्रारंभिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षक सरकार से आर-पार लड़ाई के मूड में है सभी इंटर के मूल्यांकन को ठप कर रखा है। इसी कड़ी में जिले के सभी शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष तेरहवें दिन भी हड़ताल पर कायम रहे तथा सभी बी आर सी पर धरना देकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने वाले शिक्षकों को हक हकूक के लिए हौसला अफजाई करने के लिए साथ साथ होने की बात।
