नई दिल्ली: भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (17 अक्टूबर) को दीनदयाल पोर्ट पर टूना-टेकरा में ‘पीपीपी मोड के तहत बीओटी के आधार पर कंटेनर टर्मिनल’ विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी। यह दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और डीपी वर्ल्ड के लिए उल्लेखनीय पड़ाव है। भारत के पश्चिमी तट पर सालाना 21.9 लाख टीईयू की क्षमता वाला यह मेगा कंटेनर टर्मिनल उत्तर, पश्चिम एवं मध्य भारत को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा। इससे इन क्षेत्रों में बढ़ती कारोबारी मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस विशेष मौके पर कच्छ जिला पंचायत के माननीय अध्यक्ष श्री जनक सिंह जडेजा, रापड़ के माननीय विधायक माननीय वीरेंद्र सिंह जडेजा, गांधीधाम की माननीय विधायक श्रीमती मालतीबेन माहेश्वरी, गांधीधाम नगरपालिका के अध्यक्ष श्री तेजस सेठ और डीपी वर्ल्ड के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) श्री सुरेश जोसेफ समेत कई अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
इस साझेदारी से उत्साहित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन श्री एस. के. मेहता ने कहा, “यह साझेदारी भारत की समुद्री कारोबार की क्षमता बढ़ाने की दिशा में हमारे साझा समर्पण को दिखाती है। टूना-टेकरा में यह कंटेनर टर्मिनल इस क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर सामने आएगा।”
इस मौके पर डीपी वर्ल्ड के एमडी एवं सीईओ (पश्चिम एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप) रिजवान सूमार ने कहा, “टूना-टेकरा मेगा-कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने के लिए दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के साथ साझेदारी की हमें खुशी है। यह आधारशिला उत्तर, पश्चिम एवं मध्य भारत को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला विश्वस्तरीय पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है। यह प्रोजेक्ट आर्थिक विकास को गति देगा और इसकी सहायता से हम सभी संबंधित पक्षों के लिए कारोबारी संभावनाएं बढ़ाने में सक्षम होंगे।”
इस प्रोजेक्ट को दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और हिंदुस्तान इन्फ्रालॉग प्राइवेट लिमिटेड के बीच सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। हिंदुस्तान इन्फ्रालॉग प्राइवेट लिमिटेड, भारत सरकार द्वारा समर्थित कोलैबोरेटिव इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड और डीपी वर्ल्ड का संयुक्त उद्यम है। यह प्रोजेक्ट नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन का हिस्सा है और भारत सरकार की पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान एवं नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी जैसी योजनाओं के लिए पूरक की तरह काम करेगा। कंटेनर टर्मिनल पूरी तरह से ग्रीन पोर्ट गाइडलाइंस के अनुरूप होगा। पोर्ट एनवायरमेंट मैनेजमेंट की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं को अपनाते हुए इस प्रोजेक्ट के तहत बंदरगाह के परिचालन में सस्टेनेबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। इससे भारत सरकार द्वारा लंबी अवधि में तय किए गए सस्टेनेबिलिटी के लक्ष्य में भी योगदान मिलेगा।
यह प्रोजेक्ट आर्थिक विकास को गति देने और समुद्री व्यापार की क्षमता के मामले में वैश्विक स्तर पर भारत को प्रतिस्पर्धी बनाने के भारत सरकार के लक्ष्य के अनुरूप ही है। इससे बंदरगाहों की दक्षता बढ़ेगी, कार्गो मूवमेंट सुगम होगा और इस क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित होगी।
यह गठजोड़ भारत के समुद्री क्षेत्र में एक उल्लेखनीय पड़ाव है, जो पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव लाने और व्यापार एवं वाणिज्य को गति देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
डीपी वर्ल्ड अभी भारत में पांच कंटेनर टर्मिनल का संचालन कर रही है। इनमें न्हावा शेवा के दो और मुंद्रा, कोचिन एवं चेन्नई के एक-एक टर्मिनल हैं। इनकी कुल क्षमता करीब 60 लाख टीईयू की है। टूना-टेकरा में 21.9 लाख टीईयू की सालाना क्षमता वाले नए ग्रीनफील्ड टर्मिनल के बनने से डीपी वर्ल्ड के कंटेनर टर्मिनल्स की कुल क्षमता बढ़कर 81.9 लाख टीईयू हो जाएगी। 2027 में निर्माण पूरा होने के बाद 21.9 लाख टीईयू की क्षमता वाले इस कंटेनर टर्मिनल में अत्याधुनिक उपकरण होंगे। इसमें 18,000 टीईयू से ज्यादा की क्षमता वाले नेक्स्ट जनरेशन वेसेल्स की हैंडलिंग में सक्षम 1,100एम बर्थ भी होगा। कंसेशन एग्रीमेंट के तहत बर्थ को 1375एम तक बढ़ाया जा सकेगा।