अपना घर, अपनी डिजाइन: होम बायर्स को आकर्षित कर रहे प्लॉटेड डेवलपमेंट्स

भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। खरीदारों की पसंद लगातार बदल रही है और शहर भी अपनी पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए तेजी से फैल रहे हैं। लंबे समय तक आवासीय बाजार में हाई-राइज अपार्टमेंट और गेटेड कम्युनिटीज का दबदबा रहा हैलेकिन अब प्लॉटेड डेवलपमेंट्स यानी योजनाबद्ध तरीके से विकसित प्लॉट्स घर खरीदने वालों और निवेशकों दोनों के लिए एक पसंदीदा विकल्प के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।

प्लॉटेड डेवलपमेंट्स इतने लोकप्रिय क्यों हो रहे हैं?

भारत भर में प्लॉटेड डेवलपमेंट्स की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण जमीन की कीमतों में होने वाली लगातार बढ़ोतरी है। आम तौर पर तैयार मकानों या पुराने अपार्टमेंट की कीमत समय के साथ कम हो सकती हैलेकिन जमीन की कीमत शहरों के विस्तार और बेहतर होते बुनियादी ढांचे के साथ बढ़ती रहती है।

किफायती होना भी एक बड़ा कारण है। बड़े शहरों में अपार्टमेंट की कीमतें इतनी अधिक हो गई हैं कि कई लोगों के लिए उन्हें खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में पहली बार घर खरीदने वाले और निवेशक टियर-शहरों या शहरों के बाहरी इलाकों में मिलने वाले प्लॉट्स को बेहतर विकल्प मान रहे हैंक्योंकि यहां निवेश की शुरुआती लागत अपेक्षाकृत कम होती है।

इसके अलावा मेट्रो कॉरिडोरएक्सप्रेस-वे और औद्योगिक विकास जैसी नई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं ने शहरों के आसपास नए आवासीय क्षेत्रों के विकास का रास्ता खोला है। ऐसे विकास से जमीन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी होती हैइसलिए प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स को लंबे समय के निवेश के लिए एक आकर्षक और सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

घर खरीदारों की बदलती पसंद

हाल के वर्षों में घर खरीदने वालों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखा गया है। अब लोग केवल एक सामान्य अपार्टमेंट खरीदने के बजाय ऐसे घर की तलाश में हैंजहाँ उन्हें अधिक जगहबेहतर प्राइवेसी और अपनी पसंद के अनुसार बदलाव करने की सुविधा मिल सके। प्लॉटेड डेवलपमेंट्स में खरीदारों को यह स्वतंत्रता मिलती है कि वे अपनी जरूरतजीवनशैली और बजट के अनुसार अपने घर का डिजाइन और निर्माण कर सकें।

बाजार के आंकड़ों में भी इस बदलती मांग का असर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर टियर-शहरों में प्लॉटेड डेवलपमेंट्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। अब कई लोग बड़े महानगरों की भीड़ और शोर-शराबे से दूरतेजी से विकसित हो रहे छोटे शहरों में निवेश करना और बसना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

द्वारका एक्सप्रेसवे: प्लॉटेड डेवलपमेंट के लिए उभरता प्रमुख कॉरिडोर

द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास के लिए तेजी से उभरता हुआ एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता हैजिससे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच आसान हो गई है और यात्रा का समय भी कम हुआ है। एक्सप्रेसवे के पूरा होने और इसके आसपास तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे के कारण इस पूरे इलाके में रियल एस्टेट गतिविधियों में काफी तेजी आई है। आवासीय परियोजनाओं की बढ़ती मांग और निवेशकों के मजबूत भरोसे के चलते पिछले कुछ वर्षों में यहां संपत्तियों की कीमतों में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। बेहतर कनेक्टिविटीव्यावसायिक विकास और रोजगार केंद्रों के करीब होने के कारण यह क्षेत्र योजनाबद्ध आवासीय परियोजनाओं के लिए काफी उपयुक्त माना जा रहा है। आने वाले समय में जैसे-जैसे यहां नए ऑफिसशॉपिंग सेंटर और सामाजिक सुविधाएं विकसित होंगीद्वारका एक्सप्रेसवे आवासीय जमीन में निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा।

डेवलपर्स का क्या कहना है

मैप्सको ग्रुप के डायरेक्टर राहुल सिंगला ने इस उभरते रुझान पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “टियर-II शहरों में प्लॉटेड डेवलपमेंट्स का तेजी से बढ़ना यह संकेत देता है कि रियल एस्टेट बाजार अब एक नए और परिपक्व दौर में प्रवेश कर रहा है। आज के समय में लोग जमीन के मालिकाना हक को फिर से सबसे सुरक्षित और लाभदायक निवेश के रूप में देखने लगे हैं। यह रुझान रियल एस्टेट बाजार के स्वरूप को बदल रहा है और घर खरीदारों तथा निवेशकों दोनों के लिए बेहतर अवसर पैदा कर रहा है। सोनीपत इसका एक अच्छा उदाहरण बनकर सामने आया है। दिल्ली-एनसीआर की सीमा के पास होनेहाईवे और एक्सप्रेसवे के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे के कारण इस शहर में रियल एस्टेट गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी वजह से सोनीपत अब प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है। नई पीढ़ी के घर खरीदार ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैंजहां उन्हें सुरक्षा के साथ-साथ लंबे समय में बेहतर रिटर्न की संभावना भी दिखाई देती है। सोनीपत की तेज रफ्तार से हो रही प्रगति यह स्पष्ट करती है कि टियर-II शहर आने वाले समय में रियल एस्टेट विकास के अगले बड़े केंद्र बनने जा रहे हैं।”

रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर जितेंद्र यादव ने द्वारका एक्सप्रेसवे के महत्व पर कहासाल 2025 में द्वारका एक्सप्रेसवे के पूरा होने और आईजीआई एयरपोर्ट तक लगभग 3.6 किलोमीटर लंबे टनल बनने से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो गई है और यात्रा का समय भी कम हुआ है। इससे प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तक घर खरीदारों की पहुंच आसान हो गई है। इन प्रोजेक्ट्स में खासतौर पर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और बड़े कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स की दिलचस्पी बढ़ी हैजिसके कारण ऐसे प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। एनसीआर के अन्य इलाकों की तुलना में द्वारका एक्सप्रेसवे निवेश के लिए अलग तरह के अवसर प्रदान करता है। यहां विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के बीच स्वतंत्र रूप से रहने का विकल्प मिलता हैजो प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की एक बड़ी खासियत है। इसके साथ ही सरकार द्वारा 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों के लिए भूमि अधिग्रहण की पहल से इस इलाके में पहले मौजूद कनेक्टिविटी की समस्याएं भी काफी हद तक दूर हो गई हैं। आज के खरीदार ऐसे स्वतंत्र प्लॉट्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैंजहां उन्हें अपने घर का डिजाइन अपनी पसंद के अनुसार तय करने की आजादीबेहतर प्राइवेसी और भविष्य में अच्छी पूंजी वृद्धि की संभावना मिलती है।”

रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन ने कहा, “सोनीपतरोहतकपानीपतरनाल और पंचकूला जैसे टियर-II शहरों में प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की बढ़ती संख्या भारत के आवासीय क्षेत्र को नई दिशा दे रही है। यह बदलाव सिर्फ घर बनाने तक सीमित नहीं हैबल्कि लोगों को अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार रहने की जगह डिजाइन करने का अवसर भी दे रहा है। ऐसे प्रोजेक्ट्स में प्राइवेसीलचीलापन और आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बुनियादी ढांचा भी उपलब्ध होता है। इन क्षेत्रों में निवेश करने वाले डेवलपर्स को बेहतर रिटर्न मिल रहा हैवहीं घर खरीदार भी किफायती कीमत और लंबे समय में बढ़ने वाली संपत्ति की वैल्यू के कारण इन शहरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कम भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहने की बढ़ती चाहत भी इस बदलाव को गति दे रही है। जो क्षेत्र पहले ज्यादा चर्चा में नहीं थेवे अब तेजी से विकसित होकर बेहतर आवासीय समुदायों में बदल रहे हैं। इन उभरते शहरों में घर अब सिर्फ रहने की जगह नहींबल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत और स्थायी संपत्ति बनते जा रहे हैं।”

जैसे-जैसे भारत का रियल एस्टेट बाजार विकसित हो रहा हैनिवेशकों और घर खरीदारों के बीच प्लॉटेड डेवलपमेंट्स के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। जमीन का मालिकाना हकअपनी पसंद के अनुसार घर बनाने की आजादीअपेक्षाकृत किफायती कीमत और भविष्य में बेहतर मूल्य वृद्धि की संभावना जैसे कई फायदे इस सेगमेंट को आवासीय बाजार में एक मजबूत विकल्प बना रहे हैं।

बेहतर होते बुनियादी ढांचे और उभरते शहरों में बढ़ती मांग के कारण आने वाले समय में प्लॉटेड डेवलपमेंट्स रियल एस्टेट क्षेत्र की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। यह न केवल लोगों को अपने सपनों का घर बनाने का अवसर देता हैबल्कि निवेश के लिए भी एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर रहा है।

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