नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के निर्माण ने एनसीआर के रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा दे दी है। जो इलाके पहले दूर और कम विकसित माने जाते थे, वे अब एयरपोर्ट आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते तेजी से हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। ऐसे में जिन निवेशकों ने पहले से इन क्षेत्रों में निवेश किया है, उनके लिए यह समय फायदे का सौदा साबित हो रहा है।
एयरपोर्ट के साथ विकसित हो रही एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रेल कनेक्टिविटी ने यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को निवेश का प्रमुख केंद्र बना दिया है। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल आवाजाही आसान हुई है, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। इसका सीधा असर प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों पर पड़ा है, जहां लगातार उछाल देखने को मिल रहा है।
स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स वाले इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 80 से 120 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के आसपास यह बढ़ोतरी और भी अधिक देखने को मिली है। क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता के अनुसार, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो कनेक्टिविटी ने बाजार की दिशा ही बदल दी है। पहले जहां मांग कम थी, वहां अब कीमतों और डिमांड में तेजी से उछाल आया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के ऐलान के बाद ही कई क्षेत्रों में 20-30 प्रतिशत तक शुरुआती बढ़त दर्ज की गई थी, जो प्रोजेक्ट के आगे बढ़ने के साथ कई जगह दोगुनी तक पहुंच गई। रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा का कहना है कि मजबूत इंफ्रा और कनेक्टिविटी के चलते क्षेत्र में आईटी, मेडिकल और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ा है और निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और रियल एस्टेट को मजबूती मिली है।
डेवलपर्स भी अब एयरपोर्ट-केंद्रित लोकेशंस पर तेजी से प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योगों के आगमन से हाउसिंग और कमर्शियल दोनों सेक्टर में ग्रोथ देखी जा रही है। रीयरको की एमडी गीतांजलि खन्ना के अनुसार, मेट्रो, रेल और हाईवे जैसी मॉडर्न कनेक्टिविटी नए इलाकों को लोगों और उद्योगों के लिए आकर्षक बनाती है। जेवर एयरपोर्ट ने पूरे नोएडा-ग्रेटर नोएडा के इंफ्रा और रियल एस्टेट, दोनों को नई गति और पहचान दी है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
आरजी ग्रुप के डायरेक्टर हिमांशु गर्ग के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और मेट्रो विस्तार ने इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। कनेक्टिविटी बेहतर होने से रेसिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है। भविष्य में यह क्षेत्र न सिर्फ निवेश बल्कि रहने और कारोबार के लिहाज से भी एक बड़ा रियल एस्टेट हॉटस्पॉट बनकर उभरेगा।
विजन बिजनेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह ने कहा, जेवर एयरपोर्ट के संचालन के साथ इस पूरे कॉरिडोर में रोजगार, लॉजिस्टिक्स और कॉरपोरेट गतिविधियों में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। इससे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा जिससे आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों में भी तेजी आएगी, जो निवेशकों के लिए बड़ा अवसर साबित होगा।