असफलता से घबराएं नहीं, सफलता खुद व खुद कदम चुमेगी: नेहाल अख्तर

 

सफलता पाना किसी के लिए भी इतना आसान नहीं होता और कई बार असफलताओं के पीछे सफलता का कहानी छिपी होती है। ऐसी ही एक कहानी है एक युवा उद्यमी की जिसने काफी कम समय में कड़ी महेनत से अपने को नई ऊंचाई तक ले जाने का काम किया है। उनकी संघर्ष की कहना लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत्र से कम नहीं है। वे कहते हैं कि इंसान की मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। कभी न कभी इसका फल जरूर मिलता है। हम बात कर रहे हैं आशिया फांउडेशन के एमडी नेहाल अख्तर के बारे में जिन्होंने बिहार जैसे पिछड़े राज्य में गरीब बच्चों को ट्रेनिग देकर हजारों को अच्छी कंपनी में नौकरी दिलाने का काम किया है। नेहाल आज के समय में सफल होने का मंत्र बताते हुए कहते हैं कि युवाओं को अपनी सोच हमेशा ऊंची रखनी चाहिए और असफलता से नहीं घबराना चाहिए। अगर युवा या कोई भी ऐसा करता है तो सफलता कदम चुमेगी। 

छोटे से गांव से निकलर सफलता के शिखर तक

बिहार के एक छोटे से गांव से निकलर पटना में हजारों बच्चों का भविष्य संवारने वाले नेहाल अख्तर इस्लामिया हाईस्कूल से 2011 में मैट्रिक पास किए। वहीं से इंटर की परीक्षा दी और पास आउट हुए। उसके बाद इलाहाबाद कॉलेज से ग्रेज्युएशन किया। उसके बाद नेहाल ने गरीब बच्चों को बेहतर जिन्दगी मुहैया कराने की ठानी। अपनी मां के नाम पर आशिया फांउडेशन की शुरुआत की। इसके बैनर तले उन्होंने बिहार के गरीब बच्चों को प्राइवेट कंपनियों में जरूरत के मुताबिक ट्रेनिंग देने की शुरुआत की। उन्होंने ट्रेनिंग किए हुए बच्चों को दिल्ली, मुंगई, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में नौकरी लगवाई। आज हजारों बच्चे अच्छी जगह पर नौकरी कर रहे हैं।

आखिर फांउडेशन की शुरुआत क्यों की?

नेहाल बताते हैं कि पढ़ाई पूरी कर वह जब पटना आए तो उनके जेब में मात्र 1100 रुपये था। अपन शुरुआत से ही कुछ अलग करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने वह चुना जो उनके जैसे बच्चों को जूझाना न पड़े। नौकरी के लिए दरबदर भटना सबसे बड़ी समस्या बिहार जैसे राज्य में है। इसलिए मैंने अपनी मां के नाम पर आशिया फांउडेशन की शुरुआत की। इसका उद्देश्य था की मैं गरीब और लचार बच्चों की सहायता करूं। इसमें मैं सफल रहा।

भविष्य की योजना

नेहाल कहते हैं कि वह वर्तमान को बेहतर बनाने पर ज्यादा विश्वास करते हैं। अगर आप वर्तमान को अच्छे तरीके से संवारेंगे तो भविष्य खुद व खुद बेहतर हो जाएगा। मेरी योजना है कि बच्चों की ट्रेनिंग और प्लेसमेंट को अगले लेवत तक ले जाऊं। यानी अभी मैं बिहार के बच्चों को सिर्फ देश के अंदर ही नौकरी के लिए नहीं बल्कि विदेश के लिए भी प्लेस कर पाऊं। आने वाले साल में मेरी योजना इसको देश के बाहर यानी विदेशों में ले जाने की है। हम उस दिशा में तैयारी कर रहे हैं।‌ ज्लद ही हम कई ऐसे कोर्स लाने की तैयारी कर रहे हैं जिसकी जरूरत विदेशों में है। उसके बाद हम बच्चों को उस कोर्स में इनरॉल करेंगे और फिर मोटी कमाई कराएंगे।

इनके जीवन से सीख

अनिश्चितता से घबराकर कई इंसान नए कदम उठाना बंद कर देते हैं। सफलता पाने वाला व्यक्ति कभी भी अनिश्चितता से नहीं घबराता। जिन्दगी में सफलता पाने के लिए आपको नई जिम्मेदारियां लेने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। इससे आपको अनुभव मिलता है जो भविष्य में काफी काम आता है। अनिश्चितता को स्वीकार करते ही दुनिया बदल जाती है। आप अपने जीवन के निर्माता खुद हैं। इसलिए खुद से सवाल करें कि आप क्या करना चाहते हैं और किस काम में बेस्ट हैं। अगर आपको खुद की खूबियों के बारे में पता लग जाता है तो सफल होने में देर नहीं लगती। इसलिए पहले खुद को पहचानने का प्रयास करें।

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