पचमढ़ी में दिखा विकास का नया रूप, MP बना पर्यटन का नया आकर्षण केंद्र

मध्य प्रदेश पर्यटन का नया आकर्षण का केंद्र तेजी से बन रहा है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “विरासत से विकास की ओर” की परिकल्पना को साकार करते हुए, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पचमढ़ी में ₹33.88 करोड़ से अधिक की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश “विरासत से विकास” की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। पचमढ़ी अपने अप्रतिम नैसर्गिक सौंदर्य के लिए पूरे देश और दुनिया में जाना जाता है। यह अंचल अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ कई ऐतिहासिक तथ्यों को भी अपने में समाहित किए हुए हैं। “सतपुड़ा की रानी” पचमढ़ी अब पर्यटकों का पहले से भी भव्य स्वागत करने के लिए तैयार है।

लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पचमढ़ी के विकास में आ रही बाधाओं को दूर कर इसे सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने पचमढ़ी के विकास के द्वार खोले हैं।” यह पहल, हर साल लाखों सैलानियों को अपनी ओर खींचने वाले इस नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर हिल स्टेशन को विश्व-स्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति, शिव शेखर शुक्ला ने इस अवसर पर कहा, “पचमढ़ी हमेशा से पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। यहां लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को सुखद और अविस्मरणीय अनुभव मिल सके।”

पर्यटकों की सुविधा प्राथमिकता

पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों के अनुभव को यादगार बनाने के लिए, पचमढ़ी के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर अब अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें पेयजल, सुव्यवस्थित पाथवे, मनमोहक सौंदर्यीकरण और विशेष रूप से पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ये पिंक टॉयलेट स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित किए जाएंगे, जिससे न केवल स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। पिछले वर्ष 2024 में ही 2 लाख 87 हजार 579 पर्यटक पचमढ़ी की अलौकिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचे थे। इन नई सुविधाओं के साथ यह संख्या निश्चित रूप से नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

धूपगढ़ की ऊंचाइयों तक पहुंचा विकास

मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ (1350 मीटर), जहां से सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है, अब पर्यटकों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। ₹60 लाख की लागत से जलगली से जलप्रदाय पाइपलाइन और पंप हाउस का कार्य पूरा हो चुका है।

वहीं, जटाशंकर और पांडव केव्स जैसे पवित्र स्थलों पर महिला पर्यटकों की सुविधा के लिए ₹19 लाख की लागत से पिंक टॉयलेट लाउंज बनाए गए हैं। इसके अलावा, जयस्तंभ क्षेत्र में ₹10 करोड़ की लागत से 4 किलाेमीटर लंबाई का पत्थरों से निर्मित आकर्षक पाथवे तैयार किया गया है। बैठक के सुंदर बैंचेस और लैंप लगाए गए हैं। पचमढ़ी प्रवेश द्वार का ₹35 लाख से किया गया भव्य सौंदर्यीकरण और सतपुड़ा रिट्रीट में ₹1.35 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक किचन, रेस्टोरेंट तथा स्विमिंग पूल का नवीनीकरण भी इस विकास यात्रा का अहम हिस्सा हैं।

पर्यावरण संरक्षण की ओर एक कदम : पॉलिथीन मुक्त पचमढ़ी

विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम “बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन” को ध्यान में रखते हुए, पचमढ़ी को पॉलिथीन मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। इस दिशा में, 34 लाख रुपये की लागत से एक पूरी तरह से स्वचालित आरओ जल प्रदाय प्लांट स्थापित किया जाएगा, जहां पानी को दोबारा उपयोग में लाई जा सकने वाली कांच की बोतलों में उपलब्ध कराया जाएगा। यह पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अभिनव और सराहनीय पहल है।

सुविधा के लिए रैंप तैयार कराया जाएगा

इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के अलावा, हांडी खो में 1.98 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विकास कार्य किए जाएंगे। यहां अस्थायी शेड, सुरक्षा रेलिंग, एम्फीथिएटर, पार्किंग, पहुंच मार्ग के साथ–साथ दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैंप तैयार कराया जाएगा। सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व क्षेत्र के अंतर्गत बी–फॉल, महादेव, चौरागढ़, डचेस फॉल, रम्य कुंड, रीछगढ़, फुटहिल, शैलांजलि में 2.13 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। 6.70 करोड़ रुपये की लागत से हिलटॉप बंगले को हेरीटेज होम स्टे में परिवर्तित किया जाएगा। इस बंगले में 4 कक्ष, लाइब्रेरी, छोटा स्वीमिंग पूल, किचन, रेस्टोरेंट बनाए जा रहे हैं, साथ ही सुंदर लैंडस्केपिंग की जाएगी। वहीं 9.90 करोड़ रुपये की लागत से कम्युनिटी सेंटर का विकास किया जा रहा है, जिसमें वैवाहिक समारोह, उच्च स्तरीय बैठक, कन्वेंशन और अन्य आयोजनों के लिए 500 व्यक्तियों की क्षमता वाला इनडोर हॉल तथा 600 व्यक्तियों की क्षमता वाला आउटडोर लॉन सभी मूलभूत और आधुनिक सुविधाओं के साथ निर्मित किया जाएगा। होटल ग्लेन व्यू में 34 लाख रुपये की लागत से केंद्रीय नर्सरी की स्थापना भी की जाएगी।

जंगल सफारी के लिए नई सौगात : ट्रेक्स क्रूज़र वाहन

वन्यजीव प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए एक नई सौगात के रूप में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जंगल सफारी के लिए 11 ट्रेक्स क्रूज़र वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा खरीदे गए ये 9 सीटर वाहन, आरामदायक और सुरक्षित जंगल सफारी का अनुभव प्रदान करेंगे, जिससे पर्यटक सतपुड़ा के वन्य जीवन को और करीब से निहार सकेंगे।

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