पटना :- सिटी के बैरिया डंपिंग यार्ड के मामले में सरकार को पहला बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने स्थानीय लोगों की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कचरा गिराने पर रोक लगाने के साथ कमिटी बनाकर जांच रिपोर्ट देने की बात कही है। याचिकाकर्ता के वकील रविंद्र शर्मा ने बताया कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने तल्ख टिपण्णी करते हुए कहा कि वहां के लोगों को बारूद के गोले पर बैठा दिया गया है। कमिटी बनाकर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही साथ कमिशनर को तलब किया गया है। जो स्थानीय लोगों की पहली जीत मानी जा रही है। बैरिया डंपिंग यार्ड के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों इस कचरा डंपिंग यार्ड से काफी परेशान हैं। जैसे तैसे कूड़ों का अंबार खड़ा होने से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। नगर निगम भी इस डंपिंग यार्ड को लेकर संवेदनशील नहीं है। शहर भर की गंदगी को गाड़ियों में भर भरकर यहां जैसे तैसे फेंक दिया जाता था। अभी तक ना पेड़ पौधे लगाए गए हैं और ना ही चारदीवारी है। जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक महकमे में भी शिकायत की थी। लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने कोर्ट का शरण लिया। जिसके बाद आज उन्हें राहत मिली है। इस लड़ाई की नींव बैरिया कर्णपुरा के पूर्व मुखिया राकेश कुमार, समाजसेवी स्वर्गीय सुरेश प्रसाद यादव, भाई राकेश कुमार, नरेश यादव, धर्मेंद्र सिंह ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रखी थी। स्थानीय लोगों ने सामाजिक और आर्थिक तौर पर भरपूर सहयोग किया था। अब देखना होगा कि आगे क्या कुछ निकलकर सामने आता है। बहरहाल स्थानीय लोगों ने कोर्ट का आभार जताते हुए हर्ष प्रकट किया है।
नोट:- ऑर्डर कॉपी में जारी कोर्ट का आदेश ही मान्य होगा।