पटना ( Post2pillar) :संपतचक नगर परिषद के बैरिया कर्णपुरा में बाबा चौहरमल की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। वार्ड पार्षद शंभू पासवान के द्वारा आयोजित इस समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपमुख्य पार्षद निशा कुमारी ने शिरकत की। इस दौरान उपमुख्य पार्षद निशा कुमारी, पूर्व मुखिया राकेश कुमार, वार्ड पार्षद शम्भू पासवान, वार्ड पार्षद जुली देवी, वार्ड पार्षद बिक्की कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह के दौरान मंच संचालन युवा समाजसेवी संदीप कुमार ने किया। उपमुख्य पार्षद निशा कुमारी ने कहा कि बाबा चौहरमल समाजिक न्याय के पुरोधा थे। उन्होंने समाजिक, जातिय बंदिशों को तोड़ते हुए समाज में बराबरी के लिए कृतिमान स्थापित किया था। आज हम सभी उनके पद चिन्हों पर चलते हुए शिक्षा के माध्यम से अलख जगाना है। हम तभी समाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं, जब हम सब शिक्षित होंगे। इसीलिए मैं सभी अभिभावकों से अपील करती हूं कि बच्चों को शिक्षित बनाइए और जहाँ कहीं भी मेरी जरूरत पड़े, उपमुख्य पार्षद के तौर पर याद कीजिए। जो बन सकेगा, मैं हर संभव मदद के लिए आपके साथ खड़ी हूँ।बैरिया कर्णपुरा के पूर्व मुखिया राकेश कुमार ने कहा कि बाबा चौहरमल को हम एक योद्धा के तौर पर नमन करते हैं। उन्होंने समाज में एक योद्धा के तौर पर अपनी भूमिका निभाई है। वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल की जयंती पर मैं संपतचक के सभी सदस्यों से आग्रह कर रहा हूँ कि जितने भी इस इलाके के गरीब तबके के लोग हैं। जो रोज कमाने खाने वाले हैं। एक दिन नहीं कमाएंगे तो दूसरे दिन नहीं खा पाएंगे वैसे लोगों से टैक्स लेना मानवीय नहीं है। उनसे टैक्स नहीं लिया जाए। क्योंकि वो इतने सक्षम नहीं हैं कि टैक्स भर पाएंगे। बाद बाकी बस हम बाबा चौहरमल जी को नमन करते हुए यही कहेंगे सबलोग मिल जुलकर संपतचक को सुंदर स्वच्छ आदर्श नगर परिषद बनाइए।वार्ड पार्षद शम्भू पासवान ने कहा कि बाबा चौहरमल जी हमारे लिए आदर्श हैं। हमारे दो बाबा हैं बाबा भीमराव अंबेडकर जी और बाबा चौहरमल जी। दोनों ने हमारे समाज के उत्थान के लिए बहुत योगदान दिया है। आज उन्हीं के बदौलत हम सब यहां तक पहुंचे हैं।वही युवा समाजसेवी संदीप कुमार ने बाबा चौहरमल को याद करते हुए क्रांतिकारी संबोधन किया। इस दौरान वार्ड पार्षदों को अंग वस्त्र माला पहनाकर स्वागत किया गया।बता दें कि समारोह में चैता का भी आयोजन था। जिसमें बाहर से आए कलाकारों ने बैरिया गांव में समां बांध दिया। चैता दुगोला सुनकर ग्रामवासी मंत्रमुग्ध आनंदित हो गए।