नालंदा- हिलसा में गुटखा छोड़ो आंदोलन के तहत प्रखंड के ब्रह्मस्थान में।

हिलसा में गुटखा छोड़ो आन्दोलन के तहत प्रखंड के ब्रह्मस्थान स्थित चिमनी में ईंट मज़दूरों के बीच नशा विरोधी अभियान चलाकर उन्हें जागरुक किया गया. साथ साथ कैंसर से जुड़ी कई तरह की भ्रान्तियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसके बचाव की जानकारी भी लोगों को दी गई. इस मौक़े पर लोगों को सम्बोधित करते हुए गुटखा छोड़ो आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार मानव ने तम्बाकू, धूम्रपान, गुटखा सेवन को कैन्सर जैसी प्राणघातक बीमारी का सबसे बड़ा कारण बताया तथा नशीली वस्तुओं से बचने की सलाह दी. कई तरह के पोस्टर एवं चित्रों के माध्यम से बताते हुए उन्होंने कहा कि आजकल मज़दूर वर्ग के कम उम्र के बच्चे भी फ़ैशन के तौर पर अभिभावकों अथवा मित्रों की देखा देखी तम्बाकू- गुटखा, शराब जैसे नशीले पदार्थों का सेवन शुरू कर देते हैं जिससे प्राणघातक बीमारी का ख़तरा और बढ़ जाता है. नशे पर रोक लगाकर बहुत हद तक इस जानलेवा बीमारी पर क़ाबू पाया जा सकता है क्योंकि मज़दूर वर्ग में नशा का सेवन

आम बात है . श्री मानव ने कहा कि और भी कई कारण हैं जिसके चलते लोगों को कैंसर हो रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों को कैन्सर के लक्षणों की पहचान करने, उन्हें शिक्षित करने के साथ साथ दुनिया भर में तेज़ी से फैल चुकी इस प्राणघातक बीमारी की रोकथाम हेतु आमजन को जागरुक करने के लिए गुटखा छोड़ो आन्दोलन के द्वारा इस तरह का आयोजन लगातार सभी वर्ग के लोगों के बीच किया जा रहा है. जागरुकता अभियान के क्रम में सभी को खानपान में सावधानी बरतने की सलाह देते हुए गुटखा, पानमशाला, तम्बाकू समेत हर तरह के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने का संकल्प दिलाया गया. इस अवसर पर उप मुखिया अनोज प्रसाद, सुधीर कुमार, पप्पू कुमार, राजीव शर्मा, सत्येंद्र प्रसाद, अदालत माँझी, लक्षमण प्रसाद, इन्दल पासवान, धर्मवीर कुमार, श्रीचरण प्रसाद, नागेन्द्र कुमार, प्रदीप कुमार, अर्जुन सिंह, मुकेश कुमार, दयानन्द कुमार, उमेश माँझी, संजीत कुमार, रूबी देवी, सरस्वती देवी समेत कई लोग उपस्थित थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *