बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति नालंदा इकाई के दस हजार हड़ताली शिक्षकों ने शनिवार को दर्जनों टीमों में बंटकर जिले के सभी प्रखंडों के गांव,गली ,टोले, मोहल्ले व वार्ड में द्वार द्वार घूम कर एक तरफ जहां कोरोनावायरस जागरूकता अभियान के तहत बचाव, परहेज, सतर्कता एवं साफ सफाई आदि का डेमो दिखाकर, पम्पलेट, डिटोल,साबुन सेनिटाइजर ,आदि संबंधित वस्तुएं वितरण किए वहीं दूसरी ओर माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर आम अवाम को कोरोनावायरस की खात्मा व नियंत्रण लिए अत्यावश्यक नहीं रहने पर रविवार को सुबह से रात भर तक अपने को अपने ही घरों में परिवार सहित रहने और रविवार को शाम पांच बजे ताली,थाली ,घंटी ,शंख आदि बजाकर, चिकित्सक, पुलिस, प्रेस, एंबुलेंस आदि कर्मी की धन्यवाद व हौसला अफजाई करने की अपील की।
बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक राणा रणजीत कुमार ने कहा कि एक तरफ जहां विश्व के कोने-कोने में कोरोना को लेकर दहशत व्याप्त है भारत भी अछुता नहीं राहत बचाव आदि गतिविधियों पर स्वयं भारत के माननीय प्रधानमंत्री गंभीर व संवेदनशील वहीं दूसरी तरफ बिहार सरकार व उनके तंत्र इसे खानापूर्ति समझकर सभी सरकारी गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को तो बंद करने समेत सरकारी कार्यालयों में अल्टरनेटिव व्यवस्था भी किया परंतु देश में मैट्रिक इंटर के रिजल्ट सर्वप्रथम घोषित करने के फिराक में सूबे बिहार के हजारों परीक्षकों को निलंबन, बर्खास्तगी आदि का भय दिखाकर मानवता के अधिकारियों का हनन एवं कोरोनावायरस जैसे संक्रमण वाली बीमारी के राहत, बचाव के आदि नियमों का खुलम खुला उल्लघंन करने काम कर रही है इसको लेकर समन्वय समिति नालंदा इकाई द्वारा अध्यक्ष,परीक्षा समिति व जिला प्रशासन को अनुरोध पत्र के माध्यम से ध्यान आकृष्ट कराया लेकिन सभी हठधर्मी वर्तमान सरकार के इशारे परअपने हठधर्मिता पर अड़े हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है। जिला स्तर पर जन-जागरूकता अभियान का नेतृत्व
समन्वय समिति नालंदा इकाई के अध्यक्ष मंडल सदस्य संजीत कुमार शर्मा रोशन कुमार मदन कुमार प्रकाश चंद भारती कुमार अमिताभ, प्रियरंजन ने किया। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि हड़ताल स्वयं सरकार की देन है इसलिए बिहार की शिक्षा शिक्षक व शिक्षार्थी के हितों मद्देनजर शिक्षकों के अपेक्षित मांगों को पूरा कर अविलंब हड़ताल तुड़वाने का काम किया जाना चाहिए।
वहीं प्रखंड स्तर पर जन-जागरूकता अभियान नेतृत्व मंडल का नाम अपितु
1-कतरीसराय में शम्भू शरण सिंह, मनोज़ कुमार, रंजीत कुमार,आशीष कुमार
2-गिरियक में जितेंद्र कुमार सिंह, सुनील कुमार, राकेश कुमार,, गीता कुमारी।
3-राजगीर में अति उत्तम कुमार, अनीश कुमार,निशिकांत, राजेश कुमार,
4- सिलाव में नवीन कुमार सिंह, रौशन कुमार,सुरज चौहान, अंजनी कु शान्डिल।
5– बिहार शरीफ में केके ब्रह्मचारी, नवल-किशोर शर्मा,अमित कुमार, अजीत कुमार। राजीव रंजन, अखिलेश कुमार, अभिषेक पाण्डेय, पंकज कुमार
6-नूरसराय में धर्मेन्द्र कुमार, सुधांशु कुमार, सुधीर कुमार
-7-वेन जितेंद्र कुमार, रौशन कुमार,रंजन भारती, रामाधीन,राजीव रंजन
,कौशलेन्द्र कुमार,।
8-परवलपुर में मुकेश कुमार, पंकज कुमार, अखिलेश कुमार, सुबोध कुमार सुमन।
9–एकंगरसराय में शशिकांत, सुनील कुमार।
10-इस्लामपुर में सूचित कुमार, अशीष कुमार ,ओमप्रकाश कुमार, विनायक प्रसाद,श्रवण भारती।
-11अस्थावां मे सूर्यकांत सिंह कांत, अमरेश सिंह,टेक्का खान
12-रहुई में रविकांत कुमार, संजीव कुमार, मुकेश मणि
13सरमेरा में सचिदानंद प्रसाद, विनोद तांती, विनोद कुमार।
14- बिंद – विकेश कुमार, सुशील कुमार, कौशलेंद्र कुमार
15–हरनौत में सुनील कुमार, रविशंकर कुमार, प्रकाश कुमार, रविरंजन पाण्डेय ,रूपा कुमारी।
16-थरथरी में धनंजय कुमार, विनोद कुमार, दयानंद कुमार, सचिन कुमार, शशिभूषण सिंह
17-चण्डी में शैलेन्द्र कुमार सिंह,जितन कुमार जन्मजय कुमार शाही, सुधांशु कुमार।
18–नगरनौसा – सत्यनारायण प्रसाद, दिनेश कुमार
19-हिलसा में ताड़कनाथ जायसवाल, ओंकार नाथ सुंदरम धर्मेन्द्र कुमार, अमरेन्द्र कुमार,
20–करायपरशुराय में विनोद कुमार,मिरनाल कुमार,।
समेत अन्य सैकड़ों हड़ताली शिक्षकों ने अपनी सक्रियता सुनिश्चित की।