अहमदाबाद ऑफिस की मजबूत मांग और किराये में 25.5% वृद्धि के साथ भारत का उभरता बिजनेस हब बना: रिपोर्ट - Post2Pillar

अहमदाबाद ऑफिस की मजबूत मांग और किराये में 25.5% वृद्धि के साथ भारत का उभरता बिजनेस हब बना: रिपोर्ट

Ahamadabad

नई दिल्ली: कंफडरेशन ऑफ रियल एस्‍टेट डेवलपर्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने रियल एस्टेट डेटा इंटेलिजेंस लीडर सीआरई मैट्रिक्स के सहयोग से कैलेंडर वर्ष 2025 की पहली छमाही के लिए अहमदाबाद ऑफिस मार्केट रिपोर्ट जारी की है, जो एक उभरते हुए व्यवसाय और वित्तीय केंद्र के रूप में शहर की तेजी से वि‍कसित हो रही स्थिति को दर्शाती है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अहमदाबाद का ऑफिस मार्केट अब मकान मालिकों के पक्ष में आ गया है, जिसमें ग्रेड A/A+ ऑफिस स्पेस में मार्केट किराए और पासिंग किराए के बीच 25.5% का प्रीमियम है। किराये में आया यह बदलाव बेहतर मूल्य निर्धारण शक्ति, मजबूत लीजिंग गति और शहर के वाणिज्यिक रियल एस्टेट परिदृश्य में बढ़ते किरायेदार विश्वास का स्पष्ट संकेतक है।
ऑफिस बाजार तेजी से बढ़ रहा
अहमदाबाद का ऑफिस बाजार तेजी से बढ़ रहा है, और यह मकान मालिकों के लिए अच्छा समय है। 2025 की पहली छमाही में, ऑफिस स्पेस की मांग और नई आपूर्ति दोनों 0.5 मिलियन वर्ग फीट रही। शहर में कुल ग्रेड ए ऑफिस स्पेस 30.5 मिलियन वर्ग फीट है, जिसमें 19.6% जगह खाली है, जो स्वस्थ स्थिति दर्शाता है। डेवलपर्स को शहर की संभावनाओं पर भरोसा है, और 2030 तक 9.7 मिलियन वर्ग फीट नया ग्रेड A/A+ ऑफिस स्पेस जुड़ने की उम्मीद है। यह दिखाता है कि भारतीय और विदेशी कंपनियां अहमदाबाद को बड़े शहरों के विकल्प के रूप में देख रही हैं।
पांच बड़े प्रोजेक्ट चल रहे
बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र ने 56% ऑफिस लीजिंग में हिस्सा लिया, जबकि आईटी/आईटीईएस ने 30% और औद्योगिक क्षेत्र ने 8% योगदान दिया। गिफ्ट सिटी की नजदीकी के कारण वित्तीय और तकनीकी कंपनियां अहमदाबाद की ओर आकर्षित हो रही हैं। इस दौरान एचएसबीसी ने सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में वेस्टपार्क में 0.18 मिलियन वर्ग फीट और कॉग्निजेंट व हेक्सावेयर ने गिफ्ट सिटी के प्रज्ञा II प्रोजेक्ट में जगह ली। सेकेंडरी बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में शहर का 62% ऑफिस स्टॉक है, लेकिन गिफ्ट सिटी तेजी से उभर रहा है, जहां छह महीनों में 0.3 मिलियन वर्ग फीट की लीजिंग हुई और पांच बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
आगे बढ़कर नेतृत्व करने को तैयार
क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा, “अहमदाबाद अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। यह रिपोर्ट दिखाती है कि शहर न सिर्फ तरक्‍की कर रहा है, बल्कि आगे बढ़कर नेतृत्व करने को तैयार है। 25.5% किराए का प्रीमियम, तेजी से हो रही लीजिंग और गिफ्ट सिटी का उभरना सिर्फ आंकड़े नहीं हैं; ये शहर के भविष्य को आकार देने वाले संकेत हैं। यह सिर्फ रियल एस्टेट की बात नहीं है—यह एक ऐसा माहौल बनाने की बात है जहां व्यापार, फाइनेंस और तकनीक मिलकर लंबे समय तक मूल्य पैदा करें। जैसे कि प्रधानमंत्री मोदी भारत को वैश्विक आर्थिक ताकत के रूप में देखते हैं, अहमदाबाद उस सपने को साकार करने का शानदार उदाहरण बन रहा है। क्रेडाई में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि शहर का विकास स्थायी, भविष्य के लिए तैयार और न्यू इंडिया के सपनों के अनुरूप हो।”
रिपोर्ट में मजबूत डेवलपर पाइपलाइन पर भी ध्यान दिया गया है। 2027 तक अहमदाबाद में आने वाली आपूर्ति का लगभग 35.3% गिफ्ट सिटी में केंद्रित है, जो शहर के वित्तीय और तकनीकी केंद्र के रूप में प्रगति में डेवलपर्स के विश्वास को दर्शाता है। डेवलपर्स ने कैलेंडर वर्ष 24 में नई आपूर्ति में सबसे अधिक योगदान दिया है। गिफ्ट सिटी में शिल्प सेंट्रिका, गांधीनगर में ट्रोगन ट्विन टावर्स और द गुडविल टावर आईटी सेज़ जैसे आगामी प्रोजेक्ट अगले कुछ वर्षों में शहर की वाणिज्यिक स्काईलाइन को फिर से परिभाषित करेंगे।
कॉर्पोरेट विकास की दौड़ में भी आगे
सीआरई मैट्रिक्स के सीईओ अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा, “पहले अहमदाबाद का हाउसिंग मार्केट मुंबई को बिक्री में पीछे छोड़ चुका था। अब यह भारत के कॉर्पोरेट विकास की दौड़ में भी आगे बढ़ रहा है। सिर्फ छह महीनों में, शहर ने जितना ग्रेड A/A+ ऑफिस स्पेस जोड़ा, उतना ही लीज भी किया—यानी मांग और आपूर्ति का सही संतुलन। यह संतुलन और गति का कमाल है। बैंक और वित्तीय कंपनियों ने 56% ऑफिस लीजिंग में हिस्सा लिया। जी हां, अहमदाबाद अब बीएफएसआई का बड़ा केंद्र बन गया है, और यह तो बस शुरुआत है। गिफ्ट सिटी अकेले 2027 तक की नई आपूर्ति का 35% से ज्यादा हिस्सा ले रहा है। सोचिए! किराए भी बढ़ रहे हैं—मार्केट किराया अब पुराने किराए से 25.5% ज्यादा है। यह साफ संकेत है कि अहमदाबाद अब मकान मालिकों का बाजार है। अब बात सिर्फ दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद या मुंबई की नहीं रही। अहमदाबाद ने कॉर्पोरेट दुनिया में अपनी जगह बना ली है और यह यहीं रहेगा। ‘अमदावाद’ बेस्ट मा बेस्‍ट छे – और हम इसके हर आंकड़े पर नजर रख रहे हैं।”

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