CM की कुर्सी या विरासत की जंग? पढ़ें क्यों विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं चिराग पासवान - Post2Pillar

CM की कुर्सी या विरासत की जंग? पढ़ें क्यों विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं चिराग पासवान

Chirag Paswan

बिहार विधानसभा चुनाव में होने में अभी करीब 5 महीने का वक्त है लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी है। बीजेपी, LJP (Ram Vilas) से लेकर RJD अपने वोट बैंक को साधने में लगे हुए हैं। इस बार JDU और उसके मुखिया सीएम नी​तीश कुमार का खराब स्वास्थ्य चर्चा का बाजार गर्म है। इस बीच चिराग पासवान ने बिहार लौटने और विधानसभा चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर दी है। आखिर क्यों चिराग कैबिनेट मिनिस्टर की कुर्सी छोड़कर बिहार चुनाव में अपना भविष्य आजमाना चाहते हैं। क्या वह किंगमेकर से किंग बनने का प्लान में है? या उनकी नजर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर चिराग पासवान बिहार चुनाव लड़कर क्या हासिल करना चाहते हैं?

बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के पीछे की वजह

1. मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा

चिराग पासवान एक राजनेता की तौर पर अपने को स्थापित कर चुके हैं। अब उनकी महत्वाकांक्षा बिहार की राजनीति में अपनी छवि को बड़ा करने की है। इसलिए वो बिहार विधानसभा चुनाव लड़कर किंगमेकर से किंग और फिर बिहार का मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रह हैं। ऐसा वह केंद्रीय मंत्री रहते नहीं कर सकते हैं। इसलिए लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत अजमाना चाहते हैं।

2. “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट”

चिराग का विजन डॉक्युमेंट ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ है। वह इसका जमकर प्रचार भी करते हैं। हालांकि, वह इस दिशा में कुछ कर नहीं पाए हैं। इसलिए वो अपने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए विधानसभा के जरिये बिहार में अपनी दस्तक देना चाहते हैं।

3. JDU और RJD को सीधी चुनौती

नीतीश कुमार (JDU) और तेजस्वी यादव (RJD) दोनों को चिराग सीधे चुनौती देना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें विधानसभा में उतरकर यह दिखाना होगा कि वे सिर्फ दिल्ली से भाषण देने वाले नेता नहीं, बल्कि ज़मीन से जुड़े हुए योद्धा हैं।

4. दलित नेता के रूप में राज्यव्यापी पहचान बनाना

रामविलास पासवान की तरह राज्य स्तर पर दलितों के बीच गहरी पैठ बनाना चिराग के लिए जरूरी है। बिहार विधानसभा चुनाव लड़कर वे खुद को पूरे राज्य के दलितों और युवाओं के नेता के रूप में पेश कर सकते हैं।

5. पार्टी को पुनर्गठित करना

2020 के विधानसभा चुनाव में LJP (Ram Vilas) ने अकेले चुनाव लड़ा और JDU को नुकसान पहुंचाया, लेकिन खुद ज्यादा सीटें नहीं जीत सकी। अब चिराग चाहते हैं कि पार्टी सिर्फ लोकसभा की नहीं, बिहार विधानसभा में भी एक निर्णायक ताकत बने।

6. राजनीतिक विरासत की लड़ाई जीतना

चिराग के पिता रामविलास पासवान कभी बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बन पाएं। चिराग पासवान इस सपने को पूरा करना चाहते हैं। इसलिए वो लोकसभा के बाद विधानसभा की ओर रुख कर रहे हैं।

किसको नुकसान होगा?

चिराग पासवान का मजबूत जनाधार बिहार में ही है, खासकर हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर और अन्य अनुसूचित जाति (SC) बहुल क्षेत्रों में। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जमुई से जीत दर्ज की थी। ऐसे में अगर वो बिहार विधानसभा चुनाव में एंट्री करते हैं तो आरजेडी, कांग्रेस, जेडीयू को इसका नुकसान होगा।

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