26 मार्चसेगरीबलोगोंतकराशनपहुंचाने का काम लगातार कर रहा है सर्वा फांउडेशन
मजदूर, श्रमिकों की सहायता, गरीबों को खाना, पानी मुहैया कराने की जिम्मेदारी संभाल रहे कार्यकार्ता
कोरेाना वायरस महामारी ने दुनिया भर में तबाही मचा दी है। इससे भारत भी अछूता नहीं है। लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक गाज देश के मजदूरों और गरीब लोगों पर पड़ी है। जिसकी वजह से देश के विभिन्न शहरों में भारी संख्या में श्रमिकों ने गांवों की तरफ कूच कर दिया है जो रोजी-रोटी के लिए अब तक शहरों में हैं। लॉकडाउन के कारण घर लौटने की तैयारी कर रहे मजदूरों में से बहुततों की हालत बेहद खास्ता है। दिल्ली-एनसीआर में भी लाखों प्रवासी श्रमिक बदहाली में जीने के लिए विवश हैं। इन गरीब श्रमिकों की मदद के लिए देश की सैंकड़ों स्वयंसेवी संगठन आगे आकर पूरी सिद्दत से काम कर रही है।
सर्वा फाउंडेशन मसीहा बनकर उभरा
दिल्ली-एनसीआर में लाखों मजदूरों को सहायता पहुंचाने वाले स्वयंसेवी संगठनों में एक दिल्ली का संगठन सर्वा फाउंडेशन है। फाउंडेशन की संस्थाप आचार्या अनिता दिन राहत अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जरूरदमंद को पका हुआ भोजन, फल, सूखे राशन के पैकेज और पीने का पानी मुहैया करा कर सही मायनों में मसीहा साबित हो रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर में व्यापक असर
आचार्या अनिता ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होने वाला क्षेत्र हैं। दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर औैर बेसहारा लोग कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बहुतों के पास खाने-पीने के लिए कुछ भी नही हैं। उनके पास पैसे भी नहीं है कि वो बाजार से खरीद कर खा सकें। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण पैदा हुए परिस्थतियों को झेलने के लिए ये लोग तैयार नहीं थे। इन लोगों की मदद करने के लिए सर्वा फाउंडेशन दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न जगहों में पका हुआ भेजन, सुखे पैकेज, फल, विस्कुल औैर पीने का पानी की बोतले लॉकडाउन-1 से ही मुहैया कराया जा रहा है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
बच्चों के अभियान में सफलता मिली
आचार्य अनिता बिगत कई सालों से अध्यात्मिक रूप से देश-विदेश में हजारों लोगों को मार्गदर्शन करके उन्हें शांति का रास्ता दिखा रही हैं। स्कूलों में बच्चों के तनाव को कम करने के लिए आचार्या ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। भिखारियों और मजबूर लोगों के मध्य नियमित खाद्दान्न कपड़े और कंबल आदि का वितरण करती आ रही हैं। लॉकडाउन के दौरान पंक्तिबद्ध करने खाद्दान्नों और पेयजल प्रवासी श्रमिकों और गरीबों के लिए उपलब्ध करारक आचार्या अनिता ने अनुकरणी कार्य को अंजाम दिया है जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।