राजगीर: “इतिहास गवाह है कि महान बनने के लिए उम्र की नहीं, बल्कि नेक इरादों की ज़रूरत होती है।” इसी सोच को हकीकत में बदलते हुए राजगीर स्थित चक्रपाणि रेजिडेंशियल स्कूल के चौथे वार्षिक उत्सव (4th Annual Function) में एक ऐसा ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा। कार्यक्रम में बिहार की पहली मिनी मॉडल और भारत की सबसे छोटी समाजसेवी के रूप में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुकीं लाडो बनी पटेल बतौर सेलिब्रिटी गेस्ट शामिल हुईं।
स्कूल प्रबंधन का विशेष सम्मान
इस भव्य आयोजन के लिए चक्रपाणि रेजिडेंशियल स्कूल के डायरेक्टर और प्रिंसिपल ने लाडो बनी पटेल को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। उन्होंने मंच से लाडो की अद्भुत उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामना की। स्कूल प्रबंधन ने लाडो को बिहार के बच्चों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बताया।
फर्राटेदार अंग्रेजी में विदेशी मेहमानों को किया मंत्रमुग्ध
इस भव्य आयोजन की सबसे खास बात लाडो का संबोधन रहा। अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पकड़ रखने वाली लाडो ने विदेशी मेहमानों के सामने लगातार 4 मिनट तक फर्राटेदार अंग्रेजी में स्पीच दी। उनकी इस बेमिसाल वक्तृत्व कला और आत्मविश्वास को देखकर वहां मौजूद विदेशी डेलीगेट्स दंग रह गए। उन्होंने खड़े होकर लाडो का अभिवादन किया और उन्हें भविष्य की एक महान वैश्विक लीडर बताया।
डिग्री से पहले ‘इंसानियत’: लाडो का भावुक संदेश
कार्यक्रम के दौरान लाडो ने अपनी माँ द्वारा दिए गए संस्कारों का जिक्र करते हुए एक बहुत ही गहरी और भावनात्मक बात कही। लाडो ने मंच से बच्चों को संदेश दिया:“मेरी मम्मी अक्सर मुझसे एक ही बात कहती हैं कि जीवन में डिग्री से ज्यादा एक अच्छा इंसान बनना ज़रूरी है। जिस दिन आप एक अच्छे और नेक दिल इंसान बन गए, कामयाबी खुद-ब-खुद आपके कदम चूमेगी।”200 अवार्ड्स और माँ रागिनी पटेल का तपमात्र 10 साल की उम्र में लाडो ने 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड्स जीतकर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। इस कामयाबी के पीछे उनकी माँ, प्रसिद्ध समाज सेविका रागिनी पटेल का अटूट समर्पण और मार्गदर्शन है। आज रागिनी पटेल की पहचान उनकी बेटी के महान कार्यों से होने लगी है।
माननीय मंत्री श्री श्रवण कुमार जी की सराहना
मुख्य अतिथि, बिहार सरकार के मंत्री श्री श्रवण कुमार जी ने लाडो की प्रतिभा और उनकी सेवा भावना की जमकर तारीफ की। उन्होंने मंच से लाडो को आशीर्वाद देते हुए ‘लाडो बनी फेस क्लब ट्रस्ट’ (LBFC Trust) के कार्यों की भी विशेष सराहना की और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
भविष्य का लक्ष्य: ‘गेम एकेडमी’ की सौगात
लाडो का सपना IAS अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए ‘लाडो बनी फेस क्लब ट्रस्ट’ ने चक्रपाणि स्कूल के साथ मिलकर एक आधुनिक ‘गेम एकेडमी’ शुरू करने का संकल्प लिया है, ताकि बिहार के बच्चे खेलों में भी विश्व स्तर पर नाम रोशन कर सकें।