नई दिल्ली | भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए निसान मोटर इंडिया (NMIPL) ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने देशभर में 54 नए कस्टमर टचपॉइंट्स की शुरुआत की है, जो भारत में निसान के रिटेल फुटप्रिंट को बढ़ाने की दिशा में एक आक्रामक कदम माना जा रहा है।
रणनीतिक विस्तार और मजबूत सेल्स
निसान का यह विस्तार केवल संख्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कंपनी की ‘प्रोडक्ट-आधारित विकास रणनीति’ का अहम हिस्सा है। इन नए केंद्रों में 3S (सेल्स, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स) के साथ-साथ 2S और 1S आउटलेट्स शामिल हैं। इन्हें रणनीतिक रूप से उन शहरों में स्थापित किया गया है जहाँ ग्राहकों को सर्विस और खरीदारी के लिए पहले मशक्कत करनी पड़ती थी।
नेटवर्क विस्तार के साथ-साथ कंपनी के सेल्स के आँकड़े भी उत्साहजनक रहे हैं:
-
कुल बिक्री (मार्च 2026): 10,388 यूनिट्स।
-
घरेलू होलसेल: 4,408 यूनिट्स (पिछले 5 वर्षों में एक महीने की सबसे अधिक बिक्री)।
-
मासिक वृद्धि: घरेलू बिक्री में 98% का जबरदस्त उछाल।
-
निर्यात (Export): 5,980 यूनिट्स।
आगामी लक्ष्य: 400 टचपॉइंट्स का विज़न
निसान मोटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सौरभ वत्स ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा:
“नई निसान मैग्नाइट की सफलता और हाल ही में लॉन्च हुई निसान ग्रेवाइट ने हमें नई ऊर्जा दी है। आने वाले समय में निसान टेक्टॉन और एक C-SUV 7-सीटर के साथ हमारा पोर्टफोलियो और बड़ा होगा। हमारा लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक टचपॉइंट्स की कुल संख्या को 400 तक पहुँचाना है।”
वैश्विक मानकों वाली सुविधा
निसान के ये नए आउटलेट्स केवल शोरूम नहीं हैं, बल्कि इन्हें निसान के वैश्विक रिटेल स्टैंडर्ड्स के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। यहाँ प्रशिक्षित सेल्स और सर्विस प्रोफेशनल्स तैनात किए गए हैं ताकि ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल सके।
मैग्नाइट की सफलता और ग्रेवाइट की लॉन्चिंग के बाद अब निसान का ध्यान अपनी सर्विस और पहुंच को और अधिक ग्राहक-केंद्रित बनाने पर है। भारतीय बाज़ार के प्रति कंपनी की यह प्रतिबद्धता दर्शाती है कि आने वाले समय में निसान देश के हर कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है।
