44 साल बाद एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी का स्वर्ण, बेटियां भविष्य की नई प्रेरणा: श्रवण कुमार

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री, जदयू विधायक दल के नेता और बिहार हॉकी संघ के अध्यक्ष श्रवण कुमार ने भारतीय टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
श्रवण कुमार ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की यह जीत देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। यह स्वर्ण पदक खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक सफलता से देशभर के युवा खिलाड़ियों, खासकर बेटियों को अपने खेल के सपनों को पूरा करने के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने पूरे बिहार की ओर से भारतीय महिला हॉकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है।
लालरेम्सियामी के गोल ने दिलाई ऐतिहासिक जीत
फाइनल मुकाबले में भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने निर्णायक गोल किया। वहीं, गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन को गोल करने से रोका। भारत ने 1-0 की बढ़त को अंत तक कायम रखा और एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
भारतीय महिला हॉकी टीम की इस उपलब्धि पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण और सचिव राणा प्रताप सिंह समेत बिहार हॉकी संघ के सभी पदाधिकारियों और खेल जगत से जुड़े लोगों ने खिलाड़ियों, कप्तान, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ को बधाई दी।
बिहार हॉकी संघ ने कहा कि भारतीय महिला टीम की यह उपलब्धि देश में महिला हॉकी को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी।

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