भारतीय डॉक्टर जितेंद्र कुमार राठौड़ का ब्रिटेन में निधन

कोरोना वायरस के कारण ब्रिटेन में भारतीय डॉक्टर जितेंद्र कुमार राठौड़ का निधन हो गया है। यह जानकारी सोमवार रात को वेल्स के अधिकारियों ने दी। राठौड़ ने 1977 में बॉम्बे विश्वविद्यालय से चिकित्सा की पढ़ाई की थी। वह बाद में ब्रिटेन चले गए और सालों तक उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में काम किया। कार्डिफ एंड वेल विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य बोर्ड ने कहा, ‘हम गहरे दुख के साथ आपको सूचित कर रहे हैं कि वेल्स विश्वविद्यालय के कार्डियो-थोरैसिक सर्जरी में एसोसिएट विशेषज्ञ जितेंद्र राठौड़ का निधन हो गया है।’ भारतीय डॉक्टर और नर्स ब्रिटेन के अस्पतालों में हजारों मरीजों का इलाज करने वाले एनएचएस कर्मचारियों के साथ फ्रंटलाइन में शामिल हैं।

भारत के योग्य डॉक्टर एनएचएस में कार्यरत दूसरे सबसे बड़े समूह हैं। जबकि ब्रिटेन से योग्यता प्राप्त दूसरे स्थान पर हैं। बोर्ड ने कहा, ‘कोविड-19 से पॉजिटिव होने के बाद आज सुबह हमारी सामान्य गहन चिकित्सा इकाई में उनकी मृत्यु हो गई। 1990 के दशक के मध्य से जीतू ने कार्डियो-थोरेसिक सर्जरी विभाग में काम किया और 2006 में विदेश में एक संक्षिप्त कार्यकाल के बाद यूएचडब्ल्यू में वापस आ गए।’

बोर्ड ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘वह एक अविश्वसनीय रूप से समर्पित सर्जन थे जिन्होंने अपने रोगियों की गहरी देखभाल की। उन्हें सभी पसंद करते थे और सभी लोग उनकी बहुत इज्जत करते थे। वह काफी दयालु और अद्भुत इंसान थे। काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय थी।’

राठौड़ के परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 5,373 हो गई। जिसमें से ज्यादातर भारतीय मूल के हैं। एनएचएस मृतकों की पहचान का खुलासा नहीं करता है। ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लाखों लोग रहते हैं।

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