कार्रवाई पर करारा जवाब देने को तैयार दस हजार हड़ताली नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष
बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति नालंदा इकाई के सभी प्रखंड गांवों के गली टोलों में प्रारंभिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों ने कोरोना को हराना है अवाम को जगाना है, तथा सरकार को झुकाना है के तर्ज पर जहां एक तरफ कोरोना महामारी से बचाव के लिए आम आवाम को सचेत रहने समेत कई टिप्स व सावधानियां आदि निर्भीक रूप से अपनाने की बात कही ,वहीं दूसरी ओर सरकार की नियोजन बाद, शिक्षा व शिक्षक विरोधी नीतियों का भी जमकर खुलासा करके अपार जन समर्थन हासिल किया । ग्रामीण परिवेश के लोगों ने शिक्षकों के इस पहल को सराहने के साथ साथ अपने अपने गली टोले में बुलाकर स्वागत भी किया।विदित हो कि सूबे बिहार के साढ़े चार लाख नियमित, नियोजित शिक्षक विगत 17 फरवरी से अपने वाजिब मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं साथ ही ये सब आज 31 वे दिन भी हड़ताल पर डटे हैं और 15 मार्च से कोरोनावायरस जागरूकता अभियान चला रहे हैं इसी कड़ी में नालंदा जिले में बुधवार को भी सभी प्रखंडों के गांवों, कस्बों,गली ,मोहल्ला अपितु
करायपरशुराय में विनोद कुमार,मिरनाल कुमार,।
हिलसा में तारकनाथ जसवाल,अजीत कुमार,
एकंगरसराय में शशिकांत, सुनील कुमार।
इस्लामपुर में सूचित कुमार, अशीष कुमार ओमप्रकाश कुमार
थरथरी में धनंजय कुमार।, मुकेश कुमार
चण्डी में शैलेन्द्र कुमार सिंह, जन्मजय कुमार शाही, सुधांशु कुमार।
नगरनौसा – सत्यनारायण प्रसाद, दिनेश कुमार
हरनौत में सुनील कुमार, रविशंकर पाण्डेय,रूपा कुमारी।
सरमेरा में सचिदानंद प्रसाद, विनोद तांती,।
बिंद – विकेश कुमार, सुशील कुमार, कौशलेंद्र कुमार
नूरसराय में धर्मेन्द्र कुमार
रहुई में रविकांत, आतिया प्रवीण, संजीव कुमार,
राजगीर में अति उत्तम कुमार, अनीश कुमार,निशिकांत, राजेश कुमार,
सिलाव में नवीन कुमार सिंह, रौशन कुमार।
परवलपुर में मुकेश कुमार, पंकज कुमार
,अखिलेश कुमार, सुबोध कुमार
,वेन में रौशन कुमार, जितेंद्र कुमार, रामाधीन,राजीव रंजन
,कौशलेन्द्र कुमार,।
अस्थावां मे सूर्यकांत सिंह कांत, अमरेश सिंह,
कतरीसराय में शम्भू शरण सिंह, मनोज़ कुमार, रंजीत कुमार,आशीष कुमार
गिरियक में जितेंद्र कुमार सिंह राकेश कुमार,
सहित सभी प्रखंडों पर सैकड़ों हड़ताली शिक्षक शिक्षिकाओं व पुस्तकालयाध्यक्षों ने जमकर सरकार के शिक्षा शिक्षक व शिक्षार्थी नीतियों की भर्त्सना की। मौके पर, अजीत कुमार, धर्मेंद्र कुमार,सनोज कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, मनोज कुमार, अभिषेक कुमार पाण्डेय, कौशल किशोर आदि ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर राज्य सरकार के साथ कोरोनावायरस जैसे महामारी के साथ खड़े हैं भले सरकार आम आवाम व ग़रीब गुरुवो के बच्चों के हितों को नजरंदाज कर हड़ताली शिक्षकों की वाजिब मांगों को अनसुनी कर रही है।
बिहार शरीफ प्रखंडाधीन मघड़ा गांव मंदिर परिसर के पास सैकड़ों लोगों को कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी देते हुए समन्वय समिति नालंदा इकाई के जिला संयोजक राणा रणजीत कुमार ने कहा कि कोरोना से घबराना व डरना नहीं है इसके लिए बचाव , परहेज व बताएं गये सावधानियां ही बेहतर विकल्प है। उन्होंने मजाकिया लहजे में हड़ताली शिक्षकों समेत आम लोगों को संबोधित कर कहा कि यदि हम शिक्षा शिक्षक व शिक्षार्थी हितों की बात करें तो कोरोनावायरस और राज्य सरकार दोनों की प्रकृति मिलती जुलती है और दोनों लाइलाज है वहीं खासकर नियोजित शिक्षकों के कोरोनावायरस से भी ज्यादा ख़तरनाक राज्य सरकार है। इसलिए न केवल शिक्षक व शिक्षार्थी बल्कि बिहार के शिक्षा को लेकर संवेदनशील रहने वाले बुद्धिजीवियों व आम आवाम को इनसे दो बांस दूरी बनाए रखने समेत इन्हें सत्ता से अलग रखना बेहद जरूरी है।मौक पर समन्वय समिति अध्यक्ष मंडल सदस्य संजीत कुमार शर्मा, रौशन कुमार,मदन कुमार, प्रकाश चंद भारती,कुमार अमिताभ , प्रियरंजन समेत अभिषेक पाण्डेय,पंकज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुधीर कुमार, जितेंद्र कुमार,, अजीत कुमार आदि ने भी सरकार के गलत नीतियों की भर्त्सना करते हुए जनसमूह का समर्थन प्राप्त किया।