वीक्षण और मूल्यांकन दोनों पर सरकार की गीदड़ भभकी एक जैसी तो फिर वीक्षण कार्य का समर्थन क्यों ??? आंदोलन के साथ षड्यंत्र और धोखा करने वाले संगठन व शिक्षकों को आने वाला समय कभी माफ नहीं करेगा। उक्त बातें नवनियुक्त माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष मंडल सदस्य डॉ गणेश शंकर पांडेय ने कहीं । उन्होंने कहा कि
समन्वय समिति के आंदोलन से बखौलाई सरकार की गीदड़ भभकी से ना डरे शिक्षक ,आर पार की लड़ाई में आंदोलनरत रहे क्योंकि सरकार की सांसें फूल रही है यदि समय रहते शिक्षा शिक्षक व शिक्षार्थी हित में हम सबो के पक्ष में घोषणा नहीं करती तो झारखंड की भांति सरकार की जनाजा निकलना भी सुनिश्चित है।![]()
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य शिक्षक संधर्ष समन्वय समिति के द्वारा 17 फरवरी 2020 से प्रस्तावित आंदोलन में भाग लेने वाले प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों एवं पुस्तकालय अध्यक्षों को सरकार के पत्र आदि गीदड़ भभकी से डरने की जरूरत नहीं है। सरकार समन्वय समिति के आंदोलन से पुरी तरह धबरा गई है। ऐसे समय में आप संयम और धैर्य के साथ आंदोलन में बने रहें। समन्वय समिति की पुरी शक्ति आपके साथ है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विरोधी सरकार शिक्षकों से वार्ता करने के बजाय उन्हें तरह तरह के फरमान निकालकर डराने पर तुली हुई है।लेकिन एक एक शिक्षक सरकारी गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं है। हमें एकजुट होकर आंदोलन में डटे रहना है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि धमकी देना बंद कर समन्वय समिति के प्रतिनिधियों के साथ निर्णायक वार्ता नहीं करती है।तो आगामी विधानसभा चुनाव में सूबे के नियोजित एवं पुस्तकालय अध्यक्ष झारखंड की भांति सरकार की ईंट से ईट बजा देंगे।