PATNA:- ईसाई कब्रिस्तानों में मृतकों के दफन के लिये जगह की कमी की वजह से इन्टरनेशनल ह्युमन राइट्स काउंसिल बिहार,पटना के महा सचिव एस.के.लॉरेन्स के द्वारा 2022 में माननीय मुख्य मन्त्री जी को पत्र लिखकर तथा मुलाकात कर पटना के सब्जी बाग स्थित कब्रिस्तान, जो लगभग 148 वर्षों से सरकार के आदेश से बन्द पड़ा था तथा दफन कार्य बन्द था,उसमें ईसाईयों के शवों को दफन करने की इजाजत मांगी गयी थी।जिसके आलोक में मुख्य मन्त्री के द्वारा डी एम पटना को आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश देने के उपरांत डी एम के द्वारा उचित जांच-पड़ताल कराने के उपरान्त एस.के.लॉरेन्स को इस कब्रिस्तान में मृतकों को दफन करने की इजाजत देने से सम्बंधित पत्र सौंपा था।जिसके तहत आज( 28 मार्च 2024 ) सब्जी बाग स्थित कब्रिस्तान में आर्च बिशप रेव.सबैस्टीयन कालुपुरा के नेतृत्व में सेमेट्री कमिटी के पदाधिकारीगण विकर जेनरल फादर जेम्स जॉर्ज, पास्टर मोजेज थॉमस,तथा पास्टर मनोज सिंह के साथ प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।जिसमें इन्टरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल, मायिनोरिटी डिपार्टमेंट,बिहार, पटना के महा सचिव एस.के.लॉरेन्स, फादर अमल राज,फादर एलेक्स,फादर कुलदीप,अन्य फादर गण,सिस्टर गण तथा कैथोलिक एवं प्रोटेस्टेंट ईसाई समुदाय के कई प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए।प्रार्थना के दौरान दफन कार्य करने की इजाजत देने के लिये सरकार को धन्यवाद दिया गया।तत्पश्चात मृतकों के कब्रों पर आर्च बिशप तथा धर्म गुरुओं के द्वारा पवित्र जल से आशीष प्रदान की गयी।
