पटना, 28 मई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल एवं संजय सिंह टाइगर ने कहा है कि राजस्थान से प्रवासी बिहारियों और छात्रों को रेल से भेजने का कांग्रेस का कथन सफेद झूठ है। जनता सब जानती है।
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ताद्वय ने आज यहां जारी अपने संयुक्त बयान में कांग्रेसी विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र के कथन को झूठ का पुलिंदा और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि प्रेमचन्द मिश्र को चुनौती देता हूँ कि साबित कर बतायें राजस्थान से बिहारी छात्रों को लेकर आई 13 रेलगाड़ियों के किराया मद में बिहार सरकार ने रेल मंत्रालय को एक करोड़ रुपया जमा किया नहीं किया है, जबकि यह राशी राजस्थान की कांग्रेस सरकार को देनी थी। यही नहीं महाराष्ट्र की शिवसेना-कांग्रेस की सरकार ने रेल मंत्रालय और बिहार सरकार को प्रवासी श्रमिकों की लिस्ट तक नहीं दी, जिसके कारण बिहारी प्रवासियों को आने में परेशानी का सामना करना पड़ा। रेल मंत्रालय द्वारा भेजी ट्रेनों में जब बिहार के यात्री जबरन चढ़ने लगे तो मेडिकल चेकअप जिसमे तीन हजार का खर्च के नाम पर वहां की सरकार ने बहाना बना कर आने से रोका। हद तो तब हो गयी जब बिहार कांग्रेस को सिर्फ अपने युवराज राहुल गांधी के केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र की चिंता सताई और राहुल बाबा को खुश करने के लिए बिहार में रह रहे वहां के लोगों को भेजने के लिए तीन बस की व्यवस्था की। अन्य राज्यों व शहरों में फंसे प्रवासी बिहारियों की चिंता इन्हें नहीं सताई।
पार्टी का वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर प्रेमचंद मिश्र के आक्षेप पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रवक्ताद्वय ने कहा कि श्री मोदी का बेदाग लंबा राजनीतिक जीवन रहा। उनकी ज़िंदगी एक खुली किताब है। इसलिए उनकी बढ़ती लोकप्रियता से तिलमिलाए और प्रदेश कांग्रेस में ही अलग-थलग पड़े प्रेमचंद मिश्र मीडिया में बने रहने के लिए घटिया बयान दे रहे हैं। समय आ रहा है जब भाजपा के प्रयास से बिहार में अपने-अपने गांव-घर को लौटे छात्र एवम मजदूर इस झूठ का बदला आने वाले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को चारों खाने चित्त कर लेंगे।