नालंदा से शंकर दयाल शर्मा की रिपोर्ट
नवनियुक्त माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीत कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार के विभागीय आदेश एवं आवंटन के वावजूद भी अधिकारियों के शिथिलता व लापरवाही के कारण जिले के सभी स्तर के नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को ईद के मौके पर भी लंबित चार माह का वेतन नहीं मिल सका जिससे शिक्षकों में काफी मायूसी व आक्रोश व्याप्त है वहीं एक खास समुदाय के शिक्षकों में वेतन नहीं मिलने के कारण ईद मुहर्रम जैसा प्रतीत हो रहा है । ऐसे अवसरों पर इनके घरो में बनने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजन व पकवान इस वर्ष फीकी है ।
उन्होंने कहा कि जिले के शिक्षक चार माह से वेतन का वाट जोह रहे हैं परंतु वेतन भुगतान से जुड़े विद्यालय से लेकर राज्य कार्यालय तक सभी नियोजित शिक्षकों की समस्या पर तनिक भी गंभीर नहीं दिखते बल्कि सभी टालमटोल नीति के तहत लापरवाह व निष्ठुर है, ऐसे लोगों की संवेदनशीलता व सक्रियता भी मृत हो चुकी है तभी तो शिक्षकों को अर्धवार्षिक वेतन भुगतान होता आ रहा है।
उन्होंने कहा कि पदाधिकारी वर्ग नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के वेतन भुगतान में लापरवाही बरतते हैं परंतु इनसे कार्य लेने में सक्रियता दिखाते हैं साथ ही नौकरी खाने आदि का धौंस दिखाकर नौकरो की भांति व्यवहार करते हैं जो कहीं से न्यायसंगत नहीं है आज भी कोरोनावायरस जैसे महामारी में बिना कोरोना प्रोटेक्शन के सबसे अधिक संख्या में नियोजित शिक्षकों को लगाया है व्यवस्था कुव्यवस्था में खरी खोटी प्रवासियों व पदाधिकारियों से उन्हें ही सुननी पड़ती है। इसलिए वेतन भुगतान से जुड़े सभी सक्षम लोगों वह पदाधिकारियों को शिक्षकों के पेट की समस्या पर गंभीर होने होनी चाहिए।
उन्होंने जिला पदाधिकारी से हड़ताल अवधि में निलंबित हुए शिक्षकों को निलंबन मुक्त करने समेत जिले के सभी स्तर के नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के वेतन भुगतान आदि समस्याओं को लेकर के निराकरण कराए जाने की मांग की।