- भुवनेश्वरमें सबसे ज़्यादा 72 फीसदी, जबकि नासिक में सबसे कम 2 फीसदी गिरावट देखी गई।
- रु1 करोड़ से कम कीमत वाली हाउसिंग युनिट्स ने 2025 की पहली तिमाही के दौरान कुल आपूर्ति में 72 फीसदी योगदान दिया।
- 2025 कीपहली तिमाही में रु 50 लाख से कम कीमत वाली हाउसिंग युनिट्स की आपूर्ति 54 फीसदी गिरी, इनका योगदान 24 फीसदी कम हुआ।
- रु1-2 करोड़ वाली हाउसिंग युनिट्स की योगदान 18 फीसदी से बढ़कर 2025 की पहली तिमाही में 23 फीसदी पर पहुंच गया ।
नई दिल्ली, 12 जून, 2025 जनवरी से मार्च के दौरान भारत के टॉप 15 टियर 2 शहरों में हाउसिंग की आपूर्ति 35 फीसदी गिरकर 30,155 युनिट्स पर आ गई है, इस अवधि के दौरान 48 फीसदी लॉन्च रु 50 लाख-1 करोड़ की रेंज में हुए हैं। एनएसई पर सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट में ये आंकड़े सामने आए हैं।
2024 की पहली तिमाही में 45,901 युनिट्स की आपूर्ति हुई थी, और कुल 36 फीसदी लॉन्च रु 50 लाख-1 करोड़ की रेंज में हुए थे।
2025 की पहली तिमाही में भुवनेश्वर में सबसे ज़्यादा 72 फीसदी गिरावट के बाद यह संख्या 772 युनिट्स पर पहुंच गई, जबकि नासिक में सबसे कम 2 फीसदी गिरावट के बाद 2466 युनिट्स की आपूर्ति हुई।
रिपोर्ट के अनुसार 2025 की पहली तिमाही में पूर्वी एवं मध्य भारत में नए लॉन्च में 68 फीसदी गिरावट आई, इसके बाद उत्तर भारत में 55 फीसदी, पश्चिमी भारत में 28 फीसदी तथा दक्षिणी भारत में 26 फीसदी गिरावट देखी गई।
2025 की पहली तिमाही के दौरान टॉप 15 टियर 2 शहरों में से सात राज्यों की राजधानी में आपूर्ति में 43 फीसदी गिरावट आई।
| New Supply (in Units) | |||
| Q1-2024 | Q1-2025 | % change | |
| Ahmedabad | 17108 | 11096 | -35% |
| Gandhi Nagar | 4825 | 4356 | -10% |
| Surat | 5439 | 3309 | -39% |
| Nashik | 2509 | 2466 | -2% |
| Vadodara | 2790 | 2149 | -23% |
| Jaipur | 2997 | 1348 | -55% |
| Coimbatore | 475 | 1077 | 127% |
| Lucknow | 2256 | 1026 | -55% |
| Nagpur | 1432 | 1036 | -28% |
| Bhubaneshwar | 2804 | 772 | -72% |
| Goa | 587 | 444 | -24% |
| Bhopal | 738 | 365 | -51% |
| Mangalore | 753 | 269 | -64% |
| Kochi | 437 | 225 | -49% |
| Trivandrum | 751 | 217 | -71% |
| 45901 | 30155 | -35% | |
इस अवसर पर प्रॉपइक्विटी के संस्थापक एवं सीईओ समीर जसूजा ने कहा, ‘‘डेवलपर्स के सतर्क रवैये और बदलती प्राथमिकताओं के चलते आपूर्ति में गिरावट आई है। वित्तीय रूप से सशक्त डेवलपर्स,, जिनकी बैलेंस शीट अच्छी है, वे अपना मुनाफ़ा बढ़ाने के लिए प्रीमियम होम लॉन्च करना चाहते हैं। यही कारण है कि रु 50 लाख से कम कीमत वाले घरों की आपूर्ति में लगातार गिरावट आ रही है। इस बीच रु 1-2 करोड़ कीमत वाले घरों की आपूर्ति का योगदान 18 फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी पर आ गया है।’
‘होम लोन की दरें तकरीबन 8-8.5 फीसदी बनी हुई हैं, इस बीच हाल ही में आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 50बीपीएस की कटौती से होम लोन की दरें और कम होंगी, जिससे टियर 2 शहरों में रु 50 लाख- 2 करोड़ की कीमत वाले घरों को बढ़ावा मिलेगा।’
‘सरकार द्वारा टियर 2 शहरों के विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट पर फोकस के चलते ये शहर विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं, ऐसे में इन शहरों में मांग बढ़ने की उम्मीद है।’
कीमतों के अनुसार आपूर्ति के रूझानः
| Price | % change (Y-o-Y) | % Share in Q1 2024 | % share in Q1 2025 |
| < Rs 50L | -54% | 33.01% | 23.62% |
| Rs 50L-Rs 1cr | -12% | 35.85% | 47.85% |
| Rs 1-2 cr | -17% | 18.38% | 23.35% |
| >Rs 2 cr | -73% | 12.76% | 5.18% |
2025 की पहली तिमाही में रु 2 करोड़ से कम कीमत की हाउसिंग युनिट्स ने कुल आपूर्ति में 95 फीसदी योगदान दिया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 87 फीसदी था।
2025 की पहली तिमाही में रु 50 लाख से कम कीमत वाली युनिट्स की आपूर्ति पर ध्यान दें तो इनकी संख्या आधी से अधिक यानि 7124 रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 15420 युनिट्स थी। कुल आपूर्ति में इनका योगदान 33 फीसदी से गिरकर 2025 की पहली तिमाही में 24 फीसदी पर आ गया।
इसी तरह 2025 की पहली तिमाही में रु 50 लाख से 1 करोड़ के बीच की कीमत वाली युनिट्स की आपूर्ति में भी 12 फीसदी गिरावट आई है और इनका योगदान 36 फीसदी से बढ़कर 48 फीसदी हो गया है।
रु 1-2 करोड़ वाली युनिट्स की आपूर्ति 17 फीसदी गिरावट हुई, और इसका योगदान 18 फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी हो गया है।
रु 2 करोड़ एवं इससे अधिक कीमत वाली युनिट्स की बात करें तो इनकी आपूर्ति 73 फीसदी गिरी है और इनका योगदान 13 फीसदी से कम होकर 5 फीसदी पर आ गया है।
राज्यों की राजधानियों पर नज़र डालें तो रु 50 लाख से कम कीमत वाली युनिट्स की आपूर्ति में 90 फीसदी गिरावट देखी गई है, वहीं रु 50 लाख- 1 करोड़ वाली युनिट्स की आपूर्ति 13 फीसदी गिरी है। हालांकि रु 1-2 करोड़ वाली युनिट्स की आपूर्ति 31 फीसदी बढ़ी है।
