लीडिंग एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल बड़ौदा बीएनपी पारिबा एसेट मैनेजमेंट इंडिया ने एक फंड ऑफ फंड (FoF) लॉन्च किया है। जिसका नाम है बड़ौदा बीएनपी पारिबा गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड। यह उन निवेशकों के लिए एक सरल, कम लागत वाला और निवेश का बेहतर विकल्प है, जो लंबी अवधि के लिए सोने से जुड़े एसेट्स में निवेश करना चाहते हैं। यह ‘न्यू फंड ऑफर’ (NFO) 4 अगस्त 2025 को खुलेगा और 14 अगस्त 2025 को बंद हो जाएगा।
यह फंड हाई लिक्विडिटी (जब चाहे पैसे निकाल सकने की सुविधा) देता है और उन निवेशकों के लिए डिजाइन किया गया है, जो कम जोखिम में समझदारी से सोने में निवेश करना चाहते हैं और लंबे समय में अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं। अगर आप अलॉटमेंट की तारीख से 15 दिनों के अंदर अपनी यूनिट्स बेचते हैं या बदलते हैं, तो 1% का एग्जिट लोड लगेगा। अगर आप 15 दिनों के बाद ऐसा करते हैं, तो कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा। इससे यह सोने में निवेश करने वालों के लिए एक सुविधाजनक और लचीला विकल्प बन जाता है।
सोने को आम लोगों की पहुंच में लाने का लक्ष्य
बड़ौदा बीएनपी परिबा एमएफ के सीआईओ – फिक्स्ड इनकम, प्रशांत पिंपले का कहना है कि भारत के घरों में दुनिया का सबसे ज्यादा सोना है। भारत के लोगों के पास करीब 25,000 टन सोना है, जो दुनिया के टॉप 10 रिजर्व बैंकों के कुल सोने से भी ज्यादा है। लेकिन पिछले कुछ सालों में सोने की कीमत बहुत बढ़ गई है, जिससे आम लोगों के लिए सोने में बचत करना मुश्किल हो गया है।
हमने अपने बड़ौदा बीएनपी पारिबा गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड के जरिए सोने को फिर से आम निवेशकों की पहुंच में लाने की कोशिश की है। यह फंड कम खर्च, आसान लेन-देन और कम से कम निवेश राशि जैसी सुविधाएं देता है।
बड़ौदा बीएनपी परिबा गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड निवेशकों को बिना किसी परेशानी के सोने में निवेश करने का एक आसान और सुरक्षित तरीका देता है। इसमें आपको फिजिकल गोल्ड खरीदकर उसे रखने की चिंता नहीं करनी पड़ती। इस फंड में आप सिर्फ 1,000 की एकमुश्त राशि से निवेश शुरू कर सकते हैं (और उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में बढ़ा सकते हैं)। अगर आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करना चाहते हैं, तो सिर्फ 500 रुपये से सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) भी शुरू कर सकते हैं। इस योजना का मकसद है कि हर भारतीय आसानी से सोने में निवेश कर सके।
आज के बाजार में क्यों जरूरी है यह फंड
आज सोने की कीमत लगभग 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जिससे कई निवेशकों के लिए सोना खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में यह फंड म्यूचुअल फंड यूनिट्स के जरिए सोने में निवेश का आसान तरीका देता है। इसके अलावा, दुनियाभर के सेंट्रल बैंक भी अब फिर से अपने सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं, क्योंकि दुनिया में अनिश्चितता और तनाव
