म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बेस्ट है लार्ज एंड मिड कैप फंड, कम जोखिम में मिलता है बेहतर रिटर्न

Mutual Fund

अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो अपने पोर्टफोलियो में लार्ज और मिड कैप फंड में जरूर निवेश करें। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में ओपन-एंडेड, एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी फंड्स के तहत 11 सब-कैटेगरी हैं। इनमें एक खास कैटेगरी जिसे निवेशकों के पोर्टफोलियो में जगह मिलनी चाहिए, वह है लार्ज एंड मिड कैप फंड। जून 2025 तक, लार्ज और मिड कैप कैटेगरी में एक्टिवली मैनेज्ड फंड्स के ₹2.94 लाख करोड़ के एसेट्स हैं। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, लार्ज एंड मिड कैप फंड्स कम से कम 35% निवेश लार्ज कैप और 35% मिड कैप शेयरों में करते हैं। बाकी 30% हिस्सा फंड मैनेजर की मर्जी से लार्ज, मिड, स्मॉल कैप शेयरों या डेट विकल्पों (जैसे बॉन्ड) में लगाया जा सकता है।

लार्ज और मिड कैप फंड्स क्यों चुनें?

1. स्थिरता और ग्रोथ का संतुलन

इस कैटेगरी की ताकत इसके दोहरे एक्सपोजर में दिखती है। लार्ज कैप में तुलनात्मक रूप से स्थिरता और कम उतार-चढ़ाव रहता है। वहीं, मिड-कैप लंबी अवधि के ग्रोथ की क्षमता दिखाते हैं। यह रणनीतिक संतुलन फंड मैनेजर को बाजार की स्थितियों के आधार पर पोर्टफोलियो को बैलेंस और मजबूत बनाने की सुविधा देता है। बाजार में अनिश्चितता या उतार-चढ़ाव की संभावना हो तो फंड मैनेजर नुकसान से बचाने के लिए लार्ज कैप में ज्यादा निवेश कर सकते हैं या 30% फ्लेक्सिबल हिस्से को डेट में निवेश कर सकते हैं।

इसके उलट, जब बाजार में तेजी हो या अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा हो, तो फंड मैनेजर मिड कैप या स्मॉल कैप शेयरों में निवेश बढ़ा सकते हैं, ताकि ज्यादा रिटर्न (अल्फा) कमाया जा सके।

2. अनुशासन के साथ लचीलापन

फ्लेक्सी-कैप या लार्ज-कैप फंड की तुलना में, लार्ज एंड मिड कैप फंड एक व्यवस्थित लेकिन लचीला ढांचा प्रदान करते हैं। इन फंड्स को कम से कम 35% निवेश लार्ज कैप और 35% मिड कैप में बनाए रखना जरूरी होता है, जिससे अनुशासन बना रहता है। बाकी के बचे 30% हिस्सा को लेकर यह लचीलापन होता है कि, उसे फंड मैनेजर बाजार के माहौल के अनुसार निवेश कर सकते हैं।

3. बाजार में डाइवर्सिफिकेशन (विविधता)

लार्ज और मिड कैप फंड्स का निवेश अलग अलग साइज की कंपनियों में होता है, जो उनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर तय होती हैं:

सेबी के अनुसार लार्ज कैप में टॉप 100 कंपनियां होती हैं, जबकि मिड कैप में रैंक 101 से 250 तक की कंपनियां शामिल हैं। इस तरह के मिक्स से अलग अलग सेक्टर और थीम में निवेश होता है, जिससे निवेशक को भी जहां पहले से स्थापित जानी-मानी बड़ी कंपनियों का भरोसा मिलता है, वहीं नई उभरती कंपनियों की ग्रोथ में हिस्सा लेने का मौका भी मिलता है।

इस तरह के फंड उन निवेशकों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन बन सकते हैं, जो भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था से जुड़ना चाहते हैं। इसमें सुरक्षा भी है और बेहतर रिटर्न की संभावनाएं भी।

किसे निवेश करना चाहिए?

यह कैटेगरी पहली बार म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो बनाने वाले निवेशकों के लिए और उन लंबे समय के निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है जो मिड-कैप फंडों की तुलना में कम जोखिम के साथ मिड-कैप की बढ़ती क्षमता का लाभ उठाना चाहते हैं। वे निवेशक भी इस कैटेगरी में निवेश कर सकते हैं जो एक ही, एक्टिवली मैनेज्ड फंड के माध्यम से अलग अलग मार्केट कैप में निवेश कर डाइवर्सिफिकेशन चाहते हैं। निवेशकों के पास आदर्श रूप से कम से कम 5 साल का निवेश लक्ष्य होना चाहिए ताकि मिड-कैप होल्डिंग्स अपनी ग्रोथ की क्षमता को महसूस कर सकें और शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव को झेल सकें।

जोखिम और रिटर्न एनालिसिस

हमने 1-अप्रैल-2005 से 31-दिसंबर-2023 तक निफ्टी 100 TRI (लार्ज कैप), निफ्टी मिडकैप 150 TRI (मिड कैप), निफ़्टी स्मॉलकैप 250 TRI (स्मॉल कैप) और निफ्टी लार्ज मिडकैप 250 TRI (लार्ज और मिड कैप प्रॉक्सी) के रिटर्न और स्टैंडर्ड डेविएशन (जोखिम) की तुलना की।

3 साल और 5 साल की रोलिंग रिटर्न देखने पर पता चला कि Nifty Large Midcap 250 TRI की स्टैंडर्ड डेविएशन (जोखिम) बाकी इंडेक्स के मुकाबले कम थी, यानी इसमें कम उतार-चढ़ाव देखा गया। इसके अलावा, 2005 से अब तक के 3 साल के रोलिंग रिटर्न में लार्ज एंड मिड कैप इंडेक्स ने करीब 60 फीसदी अवधि में लार्जकैप इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है।

इसलिए, लार्ज एंड मिड कैप फंड एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं जो अच्छे रिटर्न के साथ कम जोखिम का संतुलन देते हैं।

हिस्ट्री देखें तो ऐसा देखा गया है कि जब बाजार में गिरावट आती है, तो लार्ज कैप कंपनियां अपनी स्थिरता की वजह से बेहतर प्रदर्शन करती हैं। वहीं जब बाजार तेजी के मूड में होता है, तो मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियां ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं।

ऐसे में, लार्ज एंड मिड कैप फंड इन दोनों स्थितियों के बीच संतुलित निवेश का मौका देते हैं, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है। ये फंड उन नए सेक्टर्स और ट्रेंड्स में भी निवेश करते हैं, जो अक्सर सिर्फ लार्ज कैप पोर्टफोलियो में नहीं होते।

निष्कर्ष

  • लार्ज एंड मिड कैप फंड आपको लार्ज कैप से स्थिरता और मिड कैप में ग्रोथ, दोनों का फायदा देते हैं।
  • इनमें एक अनुशासित निवेश नियम, अच्छी तरह से डाइवर्सिफिकेशन और बाजार के अनुसार ढलने की फ्लेक्सिबिलिटी होती है। यही वजह है कि ये फंड्स लंबे समय के निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं।
  • अगर आप चाहते हैं कि आपकी दौलत धीरे-धीरे और स्थिर रूप से बढ़ती रहे, वह भी बिना ज्यादा जोखिम उठाए, तो ये कैटेगरी आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है।

(लेखक : अभिषेक तिवारी, ईडी एंड सीबीओ, पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड)

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