चीन से निकलकर भारत आने को तैयार विदेशी कंपनियां बनेंगी रियल एस्टेट सेक्टर की संजीवनी 

राकेश यादव सीएमडी, अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप

राकेश यादव
सीएमडी, अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप

कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर की अर्थव्यवस्था रेंगती हुई नजर आ रही है लेकिन भारत के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, चीन में सक्रिय करीब 1000 विदेशी बड़ी कंपनियां भारत में फैक्ट्री लगाने के जगह तलाश रही है। इनके आने से भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए बड़े मौके बनेंगे।

प्रॉपर्टी बाजार को कैसे लाभ होगा?

आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि चीन से विदेशी कंपनियों के आने से भारतीय रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को कैसे फायदा मिलेगा? इसका जवाब यह है कि जब विदेशी कंपनियां भारत में आएंगी तो यहां पर अपना प्लांट लगाएंगी है। इसके लिए उनको ऑफिस से लेकर फैक्ट्री का निर्माण करना होगा। फिर बिल्डिंग बनेंगी और घरों का निर्माण होगा। इसका फायदा किसे होगा? कंपनी बनेगी तो लाखों कर्मचारी भी काम करेंगे। उनके रहने के लिए घर की जरूरत होगी। इससे घरों की मांग बढ़ेगी। यह मांग पहले चरण में सबसे ज्यादा एनसीआर और उसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बढ़ेगी क्योंकि यूपी सरकार कंपनियों को लाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

सरकारों ने शुरू किया काम

केंद्र और राज्य सरकार ने चीन से निकलने वाली कंपनियों को भारत लाने का काम शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और युमना एक्सप्रेसवे के आसपास कंपनियों को जगह मुहैया कराने की तैयारी कर रही हैं। चीन से निकलकर जो कंपनियां भारत की आने की तैयारी में हैं उनमें 300 कंपनियां मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइसेज, टेक्सटाइल्स और फैब्रिक्स के क्षेत्र में सक्रिया हैं। इनके आने से भारत एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इससे न सिर्फ भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा बल्कि रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन समेत तमाम छोटे बड़े उद्योगों की रफ्तार तेजी होगी। वहीं, रोजगार के भी बड़े अवसर पैदा होंगे।

निवेशकों को पैकेज देगी यूपी सरकार

यूपी सरकार चीन से निकलकर भारत आने वाली कंपनियों को विशेष पैकेज देने की बात कही है। हाल ही में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया था कि नई कंपनी या निवेशक प्रदेश में आता है तो उन्हें विशेष पैकेज व सहूलियत देने का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है। अपर मुख्य सचिव, गृह के मुताबिक मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने को कहा है। इससे यह तय है कि आने वाले समय में विदेशी कंपनियों का सबसे बड़ा हब यूपी बनने वाला है। यह सुस्त पड़े रियल एस्टेट सेक्टर को संजीवनी देने का काम करेगा।

रियल एस्टेट निवेश का बेहतर विकल्प

कोरोना संकट के बीच शेयर बाजार का हाल किसी से छिपा नहीं है। निवेशकों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, रियल एस्टेट में किए निवेशकों के साथ ऐसी कोई घटना आपको आज तक सुनने को नहीं मिली होगी। इसलिए कोरोना संकट के बाद रियल एस्टेट एक बेहतर विकल्प बनने वाला है। सरकार भी घर खरीदारों को एक दशक में सबसे सस्ता होम लोन दे रही है। साथ ही सब्सिडी भी दे रही है। प्रॉपर्टी की कीमत भी नहीं बढ़ी है। यानी निवेश करने वाले को मोटा रिटर्न मिलना तय है।

युवाओं की ताकत हमारे लिए वरदान

भारत की सबसे बड़ी संपदाओं प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ 54 करोड़ युवाओं की ताकत। यह भी विदेशी कंपनियों को भारत आने के लिए आकर्षित कर रही है। इसमें कोई शक नहीं है आने वाला समय भारत का है और विश्व की कंपनियां इस बात को भली-भांति समझ रही है।

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