वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट पर उत्तर भारत के रियल एस्टेट सेक्टर के दिग्गजों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। प्रोमोटर्स ने बजट को आधारभूत ढांचे से जुड़ा, समावेशी, आर्थिक विकास को गति और सुधारों को नई दिशा देने वाला बताते हुए सराहना की है। रियल एस्टेट सेक्टर ने इनकम टैक्स छूट सीमा 12 तक करने, स्वामिह फंड- 2.0, किराये से अर्जित आए पर टीडीएस की सीमा 6.00 लाख करने और पीपीपी मॉडल पर इंफ्रा बूस्ट करने की घोषणा को अभी तक का सबसे बढ़िया निर्णय बताया है। आइए जानते हैं कि बजट को लेकर रियल एस्टेट प्रोमोटर्स की प्रतिक्रिया।
गौड़ ग्रुप के सीएमडी और क्रेडाई नेशनल के चेयरमैन, मनोज गौड़ ने कहा कि बजट 2025 दिखाता है कि सरकार अर्थव्यवस्था को बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए गंभीर है। स्टार्ट-अप्स और रोजगार सृजन के लिए उठाए गए कदम, साथ ही आयकर स्लैब में की गई कटौती, इन उपायों से रियल एस्टेट क्षेत्र में पैसे की उपलब्धता बढ़ेगी और लोगों की घर खरीदने की इच्छा भी बढ़ेगी।
नाहर समूह की उपाध्यक्ष और NAREDCO- महाराष्ट्र की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंजू याग्निक ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 समावेशी विकास, आर्थिक विकास और खपत बढ़ाने पर रणनीतिक ध्यान देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। वित्त वर्ष 26 के लिए, वित्त मंत्री सीतारमण ने बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक विकास पर सरकार के ध्यान की पुष्टि करते हुए ₹11.21 लाख करोड़ आवंटित किए हैं।
बजट पर दिनेश गुप्ता, सचिव, क्रेडाई पश्चिमी यूपी ने अवगत कराया कि, “बजट की घोषणाएं रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बढ़िया परिणाम देने वाली है। टैक्स स्लैब बढ़ाने के फैसला बहुत सकारात्मक है जो हर प्रकार से घर खरीदने वालों के हित में है। स्टक प्रोजेक्ट के लिए फंड बढ़ाने का फैसला हाउसिंग को बूस्टर डोज देगा जिससे सप्लाइ बढ़ेगी और वर्षों से सपने घरों का इंतेजार कर रहे घर खरीदारों को अपना घर मिल सकेगा। इन्फ्रस्ट्रक्चर को बढ़ावा देने से पूरी इकोनोमी का चक्र चल पड़ता है जिसका परोक्ष प्रभाव रियल एस्टेट सेक्टर को भी मिलता है। इसके साथ अगर इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस लाया जाता तो बजट रियल एस्टेट सेक्टर के लिए और भी बेहतर हो जाता।”
रेनॉक्स ग्रुप के एमडी, शैलेन्द्र शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, “सरकार के कई निर्णय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बहुत ही स्वागत योग्य है। स्वामिह फंड का दायरा बढ़ने से पुराने स्टक प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मदद मिलेगी और सेक्टर में नए तथा काम करने वाले प्रोमोटर को मौका मिलेगा। इनकम टैक्स में बचत होने से आम जनता की सैविंग बढ़ेगी जिससे वे निवेश करने हेतु आगे आएंगे, ऐसे में घर खरीदने वालों को निवेश करने के मौका और प्रोत्साहन मिलेगा। रेन्टल इनकम पर टीडीएस की सीमा बढ़ने का लाभ सेकंड या थर्ड होम लेने वालों को मिलेगा जो एक सकारात्मक पहल है। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लाभ हमे पिछले 2-3 वर्षों में दिखा है और आशा है कि आने वाले वर्ष में भी इसका प्रभाव रियल एस्टेट पर दिखेगा।”
विकास गर्ग, जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, गंगा रियल्टी ने कहा कि हम केंद्रीय बजट 2025 का स्वागत करते हैं जो रियल एस्टेट क्षेत्र, विशेष रूप से घर खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा लेकर आया है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ₹12 लाख तक की आय पर कर छूट एक बड़ा बदलाव है। इससे लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी, जिससे पहली बार घर खरीदने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा और घर खरीदना पहले से अधिक सुलभ होगा।
इरोस ग्रुप के निदेशक अवनीश सूद के अनुसार, “केंद्रीय बजट 2025 मध्यम वर्ग को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है, जिससे घर खरीदना अधिक सुलभ हो जाता है और रियल एस्टेट निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है। पहली बार घर खरीदने वालों को बढ़े हुए कर प्रोत्साहन और किराए पर टीडीएस सीमा में ढील का लाभ मिलेगा, जिससे वित्तीय तनाव कम होगा। SWAMIH फंड के तहत 40,000 इकाइयों के पूरा होने सहित किफायती आवास पहल, इच्छुक घर के मालिकों के लिए अधिक विकल्प प्रदान करेगी। संपत्ति कर प्रावधानों का युक्तिकरण अनुपालन को सरल बनाता है, जिससे खरीदारों पर बोझ कम होता है। ये उपाय मध्यम वर्ग को सशक्त बनाएंगे, जिससे घर के स्वामित्व में दीर्घकालिक सामर्थ्य और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सारांश त्रेहान, मैनेजिंग डायरेक्टर, त्रेहान ग्रुप ने कहा कि ₹12 लाख तक की आय पर कर माफी दी गई है। यह कदम डिस्पोजेबल आय में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगा, जिससे पहली बार घर खरीदने वालों के लिए घर का मालिकाना हक प्राप्त करना अधिक संभव होगा। सरकार द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग पर लगातार जोर देना एक सही दिशा में कदम है।
निराला वर्ल्ड के सीएमडी, सुरेश गर्ग का मानना है कि इनकम टैक्स की लिमिट बढ़ने से आम जनता की खरीदारी की क्षमता बढ़ेगी। किराये से अर्जित आय पर टीडीएस की सीमा बढ़ने से किराये पर आश्रित वर्ग के लोग राहत मिलेगी और लोग नया घर लेने का निर्णय ले सकेंगे। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और रुके पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए स्वामी फंड -2 से 15,000 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इन प्रयासों से रोजगार और निवेश के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए आवश्यक फंड मिल सकेगा जिसका रियल एस्टेट सेक्टर पर अनुकूल असर पड़ेगा।
केडब्ल्यू ग्रुप के निदेशक पंकज कुमार जैन के अनुसार, “वेतनभोगी करदाताओं में कर कटौती से आवासीय और कमर्शियल संपत्ति की मांग में तेजी आएगी, विशेष रूप से रियल एस्टेट में मध्य खंड श्रेणी में। अगर आरबीआई होम लोन की ब्याज दरों को कम करता है तो यह और बढ़ेगा मांग बढ़ेगी। SWAMIH फंड 2 और अर्बन चैलेंज फंड के निर्माण से इस क्षेत्र को और बढ़ावा मिलेगा क्योंकि ये फंड रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। कुल मिलाकर वित्त मंत्री ने एक ऐसा बजट दिया है जिससे इस क्षेत्र को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा।
हिमांशु गर्ग, निदेशक, आरजी ग्रुप ने बजट को देश के माध्यम वर्ग के लिए बहुत बढ़िया बताया है। उनके अनुसार सरकार ने इन्फ्रस्ट्रक्चर बढ़ाने पर पूरा फोकस किया हुआ है जो पूरी अर्थव्यवस्था को रीवाइव करेगा और इसका प्रभाव रियल एस्टेट पर पड़ेगा। डायरेक्ट टैक्स में 12 लाख की बचत से लोग पहले से ज्यादा बचत कर सकेंगे और उनके लिए निवेश के नए अवसर बनेंगे। बजट में किराए पर टीडीएस में 6 लाख तक की बढ़ोतरी से किराये हेतु निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इन प्रयासों द्वारा, विशेष रूप से, लोग दूसरे फ्लैट की खरीद को प्रोत्साहित होंगे, जिससे रियल एस्टेट में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। स्वामिह फंड 2.0 लाने से सरकार द्वारा रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखाई गई है। इससे रुकी हुई परियोजनाओं के अधिग्रहण और संयुक्त उपक्रम के रूप में परियोजना पूरा करने के विकल्प मिलेंगे।

