मोतीहारी हरिसिद्धि – अतिक्रमण को लेकर सात घरों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

स्थानीय ब्लॉक गेट के समीप धनखरैया वार्ड संख्या दो में हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में अंचल प्रशासन ने रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान एसडीओ धीरेंद्र कुमार मिश्रा, डीएसपी ज्योति प्रकाश, सीओ सतीश कुमार, थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिंह सहित पुलिस बल की मौजूदगी में सात लोगों के घर बुलडोजर से तोड़े गए। अतिक्रमणकारियों में पप्पू खंडेलवाल, किनदेव प्रसाद, नगीना सहनी, हीरालाल साह, लालबाबू सहनी, नसरुद्दीन मियां शामिल हैं। इस बावत सीओ श्री कुमार ने बताया कि आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल ने अतिक्रमण हटाने को लेकर हाई कोर्ट में मुकदमा किया है। इसी के आलोक में नोटिस देकर कार्रवाई की गई है। विधायक राजेन्द्र कुमार राम ने कहा कि यह सरकार का तुगलकी फरमान है गरीबों को घर उजाड़ने का। पहले से जो भूमिहीन परिवार घर बनाए हैं। पूर्व के प्रशासन ने बसाया। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई कहीं से भी निंदनीय है।

आरटीआई कार्यकर्ता के घर पर हमला पत्नी से किया गया बदसलूकी बदसलूकी

प्रशासन ने परिवार को नहीं दिया सुरक्षा

श्री अग्रवाल का परिवार है दहसत में

अतिक्रमण हटाने से नाराज सैकड़ो ग्रामीणों ने आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल के घर पर हमला बोल दिया। उनके घर का बंद दरवाजा तोड़कर कूलर, फ्रिज तोड़ दिया। अन्य सम्पतियों को नुकसान पहुंचाया। उनकी पत्नी मोनिका देवी के साथ बदसलूकी करते हुए वहां से कब्जे में लेकर दूसरी जगह चले गए। उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद वह बीच सड़क पर धरने करते हुए बैठकर डीएम को बुलाने की मांग करने लगी। सूचना पर पुलिस पहुंची और अपनी सुरक्षा में उन्हें थाने पर लाई। उल्लेखनीय है कि अतिक्रमण के मामले पर लंबे समय से न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे आरटीआई कार्यकर्ता श्री अग्रवाल पूर्व में अपनी हत्या की आशंका को लेकर सनहा दर्ज करा चुके हैं। इस बावत घटना के दिन थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा था कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। आवेदन मिलने पर आगे की करवाई की जाएगी।
बताते चले बिपिन अग्रवाल का पूरा परिवार रात भर दहसत में रहा ।घर का कोई भी सदस्य नहीं सोया ।दिन भर अधिकारियों को फोन लगते रह गए और सभी ने अपनी अपनी सफाई के साथ व्यस्तता दिखते रहे।थानाध्यक्ष हरसिद्धि से फोन द्वारा सुरक्षा की बाते हुई तो उन्होंने कहा अभी हमारे पास कोई भी आदेश प्राप्त नहीं है जिलाधिकारी फोन नही उठा रहे थे S P महोदय साहब फोन उठाये पर व्यस्तता के चलते ठीक से बात नही हो पाई है उक्त सभी बातें बिपिन अग्रवाल ने स्वयं बताया।उन्होंने यह भी बताया है कि मैंने इन सभी घटना को लेकर आवेदन थाना पर दिया है जिसमे वहीं के स्थानी लोग व कुछ उसके रिस्तेदार लोग भी है लेकिन प्रशासन ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं किया है।

अंचलाधिकारी हरसिद्धि से पूछे जाने पर उन्होंने बताया मैं कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अतिक्रमण मुक्त करवा रहा था तो कैसे लोगों को भड़का सकता हूँ मैं अपना काम कर रहा था और वहां था भी नही।
ज्ञात रहे लगभग डेढ़ वर्ष पहले संग्रामपुर थाना अंतर्गत मंगलपुर निवासी राजेन्द्र सिंह (आर टी आई कार्यकर्ता)की हत्या NH28 पर मठबनवरिया के समीप कर दिया गया था अन्धाधुत गोलियों से कर दिया गया था उसके सुरक्षा में भी प्रशासन कहीं न कहीं चूक हुई थी।
सवाल यह उठता है क्या बिपिन अग्रवाल के जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ऐसी घटना जायज है यदि नही तो कहां सोया है प्रशासन ,क्या ऐसे आर टी आई कार्यकर्ता की हत्या के बाद जागेगी प्रशासन ।यह बहुत बड़ा प्रश्न है?

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