पटना (Post2pillar ):आज भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति का वर्चस्व पूरे विश्व में सर चढ़ के बोल रहा है। दुनिया के सोलह देशों में बोली जाने वाली भोजपुरी का लोकसंगीत भी उतना ही समृद्ध हुआ है। उसी लोकसंगीत की वाहक लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव का आज जन्म दिन है।आज जहां भोजपुरी लोकगीतों की प्रसिद्धि पूरे विश्व में फैल रही हैं वहीं कुछ गीतों में उसकी कुछ कमियां भी लोग देख रहे हैं। नाम अश्लील या द्विअर्थी कह लें या फूहर कह लें वो अलग बात है। पर उन कमियों के बीच महत्वपूर्ण यह भी है कि आज के लोकसंगीत का तहखाना कहा जाने वाला यूट्यूब पर ग्लोबली भोजपुरी गीत ट्रेंड कर रहा है। उन सबके बीच अपने अलग अंदाज से गायकी करने वाली मनीषा श्रीवास्तव अपने माटी की खुशबू अपने पारम्परिक लोकसंगीत को साथ लेके चल रही हैं और एक अलग पहचान बना चुकी हैं।मुल रुप से रोहतास की बेटी व पटना की बहु मनीषा श्रीवास्तव का जीवन भोजपुरी लोकगीतों को समर्पित हो चुका है। तमाम कठिनाईयों के बीच अपने आप को संयमित रखते हुए निरंतर कार्यक्रम करते रहना एक मजबूत इच्छा शक्ति की पहचान है।एक स्त्री के जीवन में माँ बनना सबसे सौभाग्य की बात है। पर सामाजिक जीवन जीने वाली स्त्री को घर परिवार व बच्चों के देखभाल के साथ साथ अपने प्रोफेशन को जारि रखना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में मनीषा श्रीवास्तव एक मां के रुप में अपने बेटी का बेहतरीन ख्याल रखते हुए अपने प्रोफेशन लोकगायिका के रुप में अपनी उपस्थिति हर मंचों पर सौ प्रतिशत देती हैं।बचपन से लिक से हट कर कुछ करने की ललक और अपने दादा जी की प्रेरणा व आशीर्वाद से लोक संगीत को चुनने वाली मनीषा श्रीवास्तव एक आईटी (इंजिनियरिंग) की छात्रा रह चुकी हैं तथा संगीत से प्रभाकर की डीग्री हासिल की हैं। जहां भोजपुरी में कम्प्यूटर के भरोसे आटो ट्यून के सहारे लोग बिना कुछ संगीत का ज्ञान सिखे गायक बन जा रहे हैं वहीं मनीषा ने संगीत को पढ़ा, समझा और फिर अपने आपको लोक गायिका के रुप में निखारा है।आज भोजपुरी लोकगीत के दुनिया की परम्परिक गीतों के साथ साथ साफ सुथरे आधुनिक गीतों को गा कर अपने आपको भोजपुरी में स्थापित कर चुकी इस लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हैं। आप निरंतर इसी उत्साह के साथ आगे बढते रहिए और भोजपुरी लोकसंगीत का नाम रौशन करते रहिए।