बेंगलुरु, 20 अगस्त 2026: भारतीय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) स्टार्टअप ‘अल्ट्रावायलेट’ (Ultraviolette) ने एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने ट्रैक और ऑफ-रोड ट्रेनिंग व सर्टिफिकेशन के लिए दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर राइडिंग एकेडमी शुरू करने की घोषणा की है।
कंपनी ने अपने दो प्रमुख राइडिंग कार्यक्रमों—ऑफ-रोड के लिए ‘इंटू द वाइल्ड’ (Into the Wild) और ट्रैक राइडिंग के लिए ‘ट्रैक अटैक’ (Track Attack)—को मिलाकर एक बहु-स्तरीय (Multi-level) ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म में बदल दिया है।
ट्रेनिंग प्रोग्राम की मुख्य बातें
-
प्रोग्रेसिव लेवल ढांचा: दोनों प्रोग्राम (लेवल 1 से लेवल 3 तक) तीन चरणों में बंटे होंगे, जिनमें थ्योरी, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन शामिल हैं।
-
विशेषज्ञ ट्रेनर: प्रशिक्षण राष्ट्रीय चैंपियन और प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। इसमें कॉर्नरिंग, ब्रेकिंग, थ्रॉटल कंट्रोल, बॉडी पोजिशनिंग और इमरजेंसी रेस्पॉन्स जैसी तकनीकें सिखाई जाएंगी।
-
योग्यता आधारित सर्टिफिकेशन: अगले लेवल पर जाने के लिए केवल उपस्थिति काफी नहीं होगी, बल्कि राइडर्स को असेसमेंट पास करना अनिवार्य होगा।
दो अलग-अलग ट्रेनिंग पाथवे
| प्रोग्राम | मुख्य उद्देश्य | ट्रेनिंग का दायरा |
| Track Attack |
ट्रैक और परफॉर्मेंस राइडिंग |
रेसिंग लाइन, कॉर्नर एंट्री/एग्जिट, लैप स्थिरता और ट्रैक सुरक्षा अनुशासन। |
| Into the Wild |
ऑफ-रोड राइडिंग |
रेतीले व ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर नियंत्रण, बाधाओं को पार करना और बाइक रिकवरी। |
अल्ट्रावायलेट के सीईओ और सह-संस्थापक नारायण सुब्रमण्यम ने कहा, “ट्रैक और ऑफ-रोड राइडिंग में कंट्रोल, प्रिसिजन और मशीन की समझ बहुत जरूरी है। F99 सुपरबाइक के साथ भारत की सबसे तेज मोटरसाइकिल का रिकॉर्ड बनाने के बाद, यह एकेडमी भारत में इलेक्ट्रिक मोटरस्पोर्ट्स की दिशा में हमारा पहला बड़ा कदम है।”
कब से शुरू होगी ट्रेनिंग?
एकादमी का पहला ‘इंटू द वाइल्ड’ (लेवल 1) सत्र 23 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होगा, जिसके बाद 27 सितंबर 2026 को ‘ट्रैक अटैक’ सत्र का आयोजन किया जाएगा।
