NH-24 ट्रांसफॉर्म हुआ स्मार्ट लग्जरी कॉरिडोर में, दिल्ली-एनसीआर के निवेशकों के लिए बना नया पसंदीदा ठिकाना

NH-24

NH-24 अब सिर्फ एक हाइवे नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में तेजी से उभरता हुआ स्मार्ट और लग्ज़री हब बन चुका है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, RRTS कॉरिडोर, मेट्रो एक्सटेंशन और 14 लेन की आधुनिक सड़क ने इसे एक कनेक्टेड कॉरिडोर में तब्दील कर दिया है। इससे न केवल दिल्ली से जुड़ाव मजबूत हुआ है, बल्कि गाज़ियाबाद, इंदिरापुरम, वेव सिटी और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक जैसे इलाकों में हाई एंड रेजिडेंशियल और कमर्शियल डेवलपमेंट को भी रफ्तार मिली है।

कनेक्टिविटी से बनी नई पहचान

दिल्ली से महज 45 मिनट में मेरठ तक पहुंचने वाले एक्सप्रेसवे और सराय काले खां से चल रही आरआरटीएस जैसी परियोजनाओं ने NH-24 की पहचान को पूरी तरह बदल दिया है। यहां रहने वालों को अब बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, तेज आवाजाही और सुविधाजनक जीवनशैली का अनुभव मिल रहा है। एसकेए ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय शर्मा कहते हैं, NH-24 पर तेजी से हो रहा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और मेट्रो कनेक्टिविटी इसे दिल्ली से वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए एक परफेक्ट लग्ज़री होम डेस्टिनेशन बना रहा है।

लग्ज़री लिविंग, अफॉर्डेबल प्राइस

मैजिकब्रिक्स के मुताबिक, NH-24 पर लग्ज़री अपार्टमेंट्स की कीमत ₹7,200 प्रति वर्गफुट के करीब है, जो नोएडा एक्सप्रेसवे जैसे इलाकों की तुलना में कम है। यानि यहां हाई क्वालिटी लिविंग बिना बजट के बाहर जाए संभव है। एसकेए के डायरेक्टर, संजय शर्मा का कहना है कि एनएच-24 पर लग्ज़री और अफॉर्डेबिलिटी का ऐसा बैलेंस है, जो आज के यंग होमबायर्स को बेहद आकर्षित कर रहा है। खासकर, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप कल्चर से जुड़े लोगों के लिए यह आदर्श निवेश लोकेशन बन चुका है।

वेव सिटी और आसपास बन रही स्मार्ट लाइफस्टाइल

NH-24 पर वेव सिटी, इंदिरापुरम, सिद्धार्थ विहार जैसे क्षेत्र स्मार्ट और ग्रीन टाउनशिप के रूप में विकसित हो रहे हैं। यहां पार्क, स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग स्पॉट्स और हाईस्पीड इंटरनेट जैसी सभी सुविधाएं मौजूद हैं। काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का कहना है, NH-24 अब सिर्फ रिहायशी नहीं रहा, यह एक ‘स्मार्ट-सेल्फ सस्टेनेबल हब’ बन चुका है। विशेष रूप से वेव सिटी का इलाका लग्ज़री बायर्स और NRI निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है।

बढ़ता कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर

इस कॉरिडोर पर कमर्शियल प्रॉपर्टीज की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। दुकानों की कीमतें ₹11,000 से ₹21,000 प्रति वर्गफुट तक पहुंच रही हैं। ऑफिस स्पेस और को-वर्किंग स्पेस में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। इन्वेस्टर्स क्लिनिक के को फाउंडर, सनी कत्याल कहते हैं, NH-24 के दोनों तरफ कमर्शियल बेल्ट का तेजी से विकास हो रहा है। यह कॉरिडोर अब सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि बिज़नेस शुरू करने के लिहाज़ से भी एक हॉट डेस्टिनेशन बन गया है।

निवेश के लिहाज़ से मजबूत विकल्प

ट्रांसपोर्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश, नए स्कूल और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी और अपेक्षाकृत कम प्रॉपर्टी रेट्स ने इस पूरे कॉरिडोर को निवेशकों की नई पसंद बना दिया है। अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर, कुशाग्र अंसल कहते हैं,आज अगर कोई दिल्ली के पास लग्ज़री और लो लॉन्ग-टर्म प्राइस में निवेश करना चाहता है, तो NH-24 सबसे व्यवहारिक और रणनीतिक विकल्प बन गया है। आने वाले 3-5 वर्षों में यहां की प्रॉपर्टी वैल्यू में बड़ा उछाल देखा जा सकता है।

अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर में एक कनेक्टेड, स्मार्ट और लग्ज़री लाइफस्टाइल की तलाश में हैं, तो NH-24 कॉरिडोर आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है – जहां सुविधा, सुकून और स्मार्ट इन्वेस्टमेंट, तीनों का संगम है।

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