Post2pillar:-आस्था के महापर्व छठ को पिछले 25 वर्षों से कैमूर के करजी गांव की मीरा उपाध्याय पूरे नियम और निष्ठा के साथ निभाते आ रही हैं। पेशे से गृहणी मीरा उपाध्याय को यह पर्व उन्हें अपने पूर्वजों से विरासत में मिली थी जिसे वो आज तक निभा रही हैं । इस पर्व को लेकर मीरा बताती हैं कि शुरुआती दिनों में तो यह पर्व काफी कठिन लगता था पर साल दर साल करते करते अब यह सामान्य लगने लगा है। उन्होंने बताया कि पहले और अब के छठ में काफी अंतर दिख रहा है। पहले लोग छठ घाट पर पूरे परिवार के साथ हर्षोलास के साथ छठ मनाते थे पर अब आधुनिकता और समय के आभाव के कारण अब यह पर्व घरों के छत तक सिमटता हुआ नजर आता है । उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस छठ अपने आस पास सफाई रखे और आपस में मिलजुलकर रहें । इस पूजन को संपन्न करने में मीरा उपाध्याय का पूरा परिवार उनका सहयोग करता है जिनमें खासकर उनके पति अरविंद उपाध्याय, पुत्र अभिषेक उपाध्याय, प्रिंस उपाध्याय व पुत्री अंजू और संगीता की सहभागिता रहती है ।