नवनियुक्त माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीत कुमार शर्मा ने कहा कि जिन नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को कोरोना कार्य हेतु क्वारेंटिन सेंटरों पर लगाया गया हैं
उन्हें अपने तथा अपने परिवार की वर्तमान एवं भविष्य का ख्याल रखकर अपने कर्तव्य का निर्वहन बुद्धिमता पूर्वक अपनी सुरक्षा, सतर्कता व सजगता के साथ करनी होगी अन्यथा छोटी सी भूल इहलीला समाप्ति करने के लिए काफी है क्योंकि निरंकुश सरकार एक परंपरा के तहत सेवावधि में दिवंगत हुए शिक्षको के परिजनों को नियोजित शिक्षक नियमावली के अनुरूप चार लाख रूपए चार साल में भुगतान करती आ रही है वो भी संघ के द्वारा ध्यान आकृष्ट कराने पर ये बातें भी समझ लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षक संघ संघर्ष अवधि में अपने 75 शिक्षकों को सरकार के अड़ियल व हठधर्मिता की बलि बेदी पर न्योछावर कर चुका है परंतु सरकार ने दिवंगत के परिजनों को चार लाख की अनुग्रह राशि तो दूर अबतक इनके प्रति संवेदना भी प्रकट नहीं किया है। इसलिए भ्रम का त्याग कर बचाव के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि आशा, जीविका, सहायिका आदि सभी को पचास लाख के बीमा किए जाने संबंधी पत्र निकाले जा रहे हैं परंतु कोराना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों से दरकिनार किया जा रहा है जो कहीं से न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नियोजित शिक्षकों के साथ भेदभाव वर्षों से करते आ रही है फलस्वरूप ईद , दशहरा आदि जो भी पर्व त्यौहार रहे नियोजितों को अर्धवार्षिक मेहनताना मिलता आ रहा है वर्तमान में रमजान जैसे पावन अवसर पर भी चार माह का वकाया वेतन के लिए वाट जोहना पड़ रहा है कोरोना महामारी,लाक डाउन में नियोजित इधर कुआं उधर खाई के बीच खड़ा होकर भुखे मरने को विवश हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी लाभों से उपेक्षित वंचित
नियोजित शिक्षकों के साथ पदाधिकारी वर्ग भी दुर्व्यवहार करने से नहीं चूकते इसी का ताजा उदाहरण बिंद प्रखंड के अमरावती उच्च विद्यालय क्रोटाइन सेंटर पर कोरोना कार्य में लगे शिक्षकों के साथ बिंद प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया है जिसकी सूचना संघ को मिला है। ऐसे पदाधिकारी वर्ग के मनमानी रवैए के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम से लगाई गई गुहार।
श्री शर्मा ने जिला पदाधिकारी से हड़ताल अवधि में जिले के निलंबित किए गए शिक्षकों को संघ एवं सरकार के बीच वार्ता अनुरूप निलंबन मुक्त करने तथा सभी स्तर के नियोजित शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान कराए जाने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की।