नीतीश बाबा अनुनय-विनय के साथ आलोचना ठीक नहीं लेकिन क्या करूं थोड़ा जिद्दी इंसान हूं। आज तक मैं आपके कामों की आलोचना करता रहा हूं क्योंकि वह मेरा कर्तव्य था लेकिन अब वक्त आ गया है कि एक बार आपसे विनती भी कर लूं। एक बिहारी होने के नाते मुझे यह अहसास है कि आप बीते 15 साल में जो कर सकते हैं उसका 20 फीसदी भी नहीं कर पाएं। आप लालू और उनके जंगल राज की आड़ में अपना बचाव करते रहे हैं लेकिन अब यह करने का समय नहीं बचा है। पूरी बिहार की अस्मिता आपके हाथों में है। कोरोना संकट ने बिहारी प्रवासी मजदूर की गंभीर हालत को हम सबने देख लिया है। ऐसे में वक्त आ गया है कि आप अपने हाथ से एक बार फिर सुनहरे बिहार का इतिहास लिख डालें। अगर आप सोच रहें होंगे कि यह यह होगा तो मेरा सुझाव है कि सर इसका रास्ता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर होकर निकलेगा।
कोरोना संकट के बीच प्रवासी मजदूरों और कोटा में फंसे छात्रों को लेकर आप विपक्ष के निशाने पर हैं। यह समस्या एक साल या एक महीने में विकराल नहीं हुई है। बीते 30 साल में दिन-प्रतिदिन बिहार से हर वर्ग के पलायन ने इस समस्या इतना विकराल बना दिया है। बिहार के गौरवशाली नाम पर प्रवासी शब्द धब्बे के तौर पर चिपक गया। देशभर में सबसे कठोर मेहनतकश लोग दो जून की रोटी के लिए दर-बदर भटने पर मजबूर हुए। ऐसा नहीं कि यह सिर्फ मजदूर के साथ है। मैं आपको बता दूं कि ब्लू कॉलर पेशे में शामिल बिहारियों की स्थिति भी कुछ अच्छी नहीं है लेकिन वह बोलने की स्थिति में भी नहीं है।
खैर, एक कहावत है कि अंत भला तो सब भला। कोरोना महामारी ने आपके फिर से गलती सुधारने और बिहारी आबाम को सुनहरा भविष्य देने का मौका दिया है। कोरोना के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा उठल-पुथल होने वाली है। चीन से दुनियाभर की कंपनियां बाहार निकलेंगी। उनके लिए भारत एक पसंदीदा गंतव्य होगा। यहां पर सस्ता मैनपावर और बड़ा बाजार उनको पैसा लगाने के लिए मजबूर करेगीा। इसी को देखते हुए यूपी सरकार ने तैयारी भी शुरू कर दी है। चीन छोड़ रही कंपनियों को आकर्षित करने में जुटी योगी सरकार ने विशेष पैकेज और सुविधाएं देने का ऐलान किया है। आप भी इस मौके को भुना सकते हैं।
बिहार के पास आज के वक्त वो सबकुछ है जो एक इंडस्ट्री को चाहिए। आप बिहार में पांच से छह इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा करें और उस पर काम शुरू करें। आप एनएच-57 जो मुजफ्फरपुर और पटना को जोड़ती है, एनएच-2 पटना-आरा के बीच, एनएच- 98 अरवलजहानाबाद के बीच इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बना सकते हैं। इसके अलावा भी आप और स्पॉट तय कर सकते हैं। इसके आसपास आप आईटी, फूड-प्रोसेसिंग, कॉल सेंटर, एजुकेशन आदि का पूरा हब बना सकते हैं। बिहार में जमुई जिले में बॉक्साइट, यूरेनियम, भभुआ में सीमेंट, डोलोमाइट, कांच, मुजफ्फरपुर में माइका, नवादा, जमुई, गया में नमक और गया में बेरिलियम पाया है। इनस जुड़े उद्योगों का बढ़ावा आप इन जिलों में दे सकते हैं।
फॉलो करने के लिए नोएडा एक बेस्ट मॉडल होगा: बिहार को एक समृद्ध राज्य बनाने के लिए आपको नोएडा का मॉडल फॉलो करना चाहिए। यहां पर राज्य सरकार ने अथॉरिटी का गठन कर दिया है। वह किसानों से जमीन लेकर डेवलप करती है। अथॉरिटी सिवर, बिजली और सड़क की सुविधा देती है। उसके एवज में इंडस्ट्री करोड़ों निवेश कर लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराती है। साथ ही राजस्व से राज्य सरकार को लाखों की कमाई होती है। बिहार में एक भी शहर प्लांड तरीके से नहीं बसा है। अगर आप प्लांड शहर बसाते हैं तो लाखों को रोजगार के साथ खरबों का निवेश आकर्षित होगा। पटना, गया, मुजफ्फपुर के आसपास के एरिया में बेहतरीब तरीक से विकास हो रहा है। आप मौका रहते इसको एक प्लांड शहर बना सकते हैं।
तो अब देर मत कीजिए सुशासन बाबू… लगा दीजिए पूरा जोर और बदल डालिए बिहारी आबाम की किस्मत। वैसे चुनाव भी होने वाला है तो यह आइडिया गेम चेंजर साबित होगा…
#Biharmigrantworkers #Nitishkumar #Industrialcorridor #Youthofbihar