Nalanda-
नवनियुक्त माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीत कुमार शर्मा ने कहा कि जिले समेत सूबे बिहार में कोरोनावायरस के संबंध में जानकारी का घोर अभाव है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जब हड़ताली शिक्षकों ने कोरोना भगाओ देश बचाओ जन जागरूकता अभियान के क्रम में बहुत ऐसे लोग मिले जो पूर्व से इस संबंध में कुछ भी नहीं जानते थे इसलिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार की आवश्यकता है वावजूद जिले के दस हजार हड़ताली शिक्षक विगत तीन माह का वेतन से वंचित होने पर तथा आर्थिक तंगी फटेहाली में अभिषप्त होकर भी जिले के सभी प्रखंडों के कोने कोने में कोरोनावायरस जागरूकता अभियान के क्रम में किसी तरह आम अवाम की इससे बचाव, सुरक्षा परहेज व सावधानियां बरतने की अपील किया गया और पम्पलेट डिटोल साबुन, मास्क आदि वितरण भी किए गए । जबकि सरकार के तरफ से इस संबंध में कोई भी सुविधाएं, सुरक्षा व बचाव के लिए दूर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सुचना आदि का भी घोर अभाव है।
श्री शर्मा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन समेत हम-सब हड़ताली शिक्षकों द्वारा आप सबों से घर से बाहर सड़कों पर निकलने या अन्य जगह पांच की संख्या में इक्कठा नहीं होने व भीड़ नहीं लगाने का बार बार अनुरोध आखिर क्यों कर रहे हैं? आम जनों को भी यह समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती संक्रमण के दौर में यदि आप सबों ने एहतियातन बरतने समेत अपने अपने घरों में नहीं रहे तो जिस प्रकार की महामारी व बिमारी है जहां विकसित राष्ट्रों ने घुटने टेक दिए वे अपने आंखों के सामने हजारों नागरिकों को तड़प तड़प कर मरते देखने को विवश हुए हैं ऐसे में भारत जैसे विकासशील राष्ट्र की क्या वजूद रह जाता है। इसलिए भगवान ना करे परंतु आपकी अनसुनी व अनदेखी आपके साथ आपके परिजनों को फोटो फ्रेम में रहने को विवश करने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इसलिएद स्वयं बचे औरों को बचाये फार्मूला का आत्मसात करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सूबे बिहार में भयंकर महामारी फैली हुई है और वाजिब मांगों को लेकर सूबे बिहार के साढ़े चार लाख शिक्षक हड़ताल में रहकर विद्यालयों में पूर्ण तालाबंदी किए हुए हैं ऐसे में राज्य सरकार ने औपचारिक तौर पर अभी तक हड़ताली संगठन के साथ वार्ता का कोई पत्र भेजने का भी पहल नहीं किया है वहीं दूसरी ओर प्रारंभिक से उच्चतर माध्यमिक तक के शिक्षार्थियों को वोट बैंक के खातिर 31 मार्च,एम डी एम, साईकिल पोशाक, नेपकिन व छात्रवृत्ति आदि का राशि उनके खाते में जमा कराने की बात कह रही है जो विद्यालय बंद व शिक्षकों की अनुपस्थिति रहने के कारण फर्जी खातों में राशि भेजकर बंदरबांट होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हड़ताली शिक्षकों का हड़ताल के पूर्व माह का भी मेहनताना उपलब्ध नहीं कराकर घोर अन्याय कर रही है जबकि सूबे बिहार में हड़ताली शिक्षक आमजनों के बीच कोरोनावायरस के संबंध में जागरूकता अभियान चलाकर सरकार के ही दायित्वों में मददगार बने और आज भी यदि राज्य सरकार हम-सब को मुश्किल की इस घड़ी में आम आवाम की भलाई के खातिर कोरोनावायरस से बचाव आदि के लिए संसाधन व किट उपलब्ध कराए तो हम-सब हड़ताली आमजनों के बीच इसे पहुंचाने में मददगार सिद्ध होंगे पर राज्य सरकार संवेदनहीन होकर अपनी हठधर्मिता पर मुश्किल के ऐसे घड़ी में अड़ी है जो दूर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि केवल लाक डाउन से नहीं अपितु इसे सख्ती के साथ अनुपालन कराये जाने की नितांत आवश्यकता है संक्रमित लोगों को सहानुभूति व संवेदनशीलता के साथ आइसोलेट कराई जाए, कालाबाजारी व जरूरी समाग्री आदि का भी ध्यान रखना चाहिए।कोरोनावायरस जैसे वैश्विक महामारी में आमजनों के राहत एवं बचाव के मद्देनजर माननीय सांसद नालंदा आदरणीय कौशलेंद्र कुमार जी के तर्ज पर सूबे बिहार के माननीय मंत्री ,विधायक व पदाधिकारी वर्ग सभी अपने अपने तिजोरी खोले ताकि सरकारी अस्पतालों में इससे संबंधित संसाधनों आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।