बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले जिले के तमाम प्रारंभिक से उच्चतर माध्यमिक तक के नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष विगत 17 फरवरी से बेमियादी हड़ताल पर अडिग है। 21वें दिन भी जिले के तकरीबन दस हजार की संख्या में हड़ताली शिक्षकों
शिक्षिकाओं ने एवं पुस्तकालय अध्यक्षों ने चट्टानी एकता के साथ मांगों के समर्थन तथा कार्रवाई के विरोध में होली नहीं मनाने का निर्णय लिया । पुतला दहन कार्यक्रम जिले के सभी प्रखंडों में समन्वय समिति प्रखंड इकाई के संयोजक अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष के द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।
समन्वय समिति नालंदा इकाई के अध्यक्ष मंडल सदस्य संजीत कुमार शर्मा, रौशन कुमार,मदन कुमार , प्रकाश चन्द्र भारती , कुमार अमिताभ, प्रियरंजन ने एक स्वर में कहा में कहा कि राज्य सरकार वित्तीय रोना छोड़ हठधर्मिता को त्याग कर छात्र हितों के मद्देनजर सम्मानजनक वार्ता करके हड़ताल तुड़वाने हेतु हमारी मांगे पूरी करने के साथ-साथ असंवैधानिक करवाई को वापस ले।अन्यथा की स्थिति में नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालय अध्यक्ष आगामी लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के तहत सरकार के पूरी व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करने का काम करेंगे जिसका जिम्मेदार स्वयं राज्य सरकार की होगी।
वहीं दूसरी ओर समन्वय समिति के अध्यक्ष मंडल सदस्य कुमार अमिताभ का पहल को हडतालियों ने सराहा क्योंकि कुमार अमिताभ ने गांधीवादी व लोकतांत्रिक तरीके से एमपीपी व मूल्यांकन आदि कार्य करने वाले को बिना कुछ बोले मूल्यांकन एम पी पी कार्य करने वाले से अपने पेट के खातिर अपने को मूल्यांकन व एम पी पी कार्य से दूर रखने का अनूठा मैसेज देने का काम किया वहीं दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षकों ने भी परीक्षकों को स सम्मान पूर्वक लोकतांत्रिक तरीके से गेंदे का फूल भेंटकर अपने हक हकूक के लिए बिना बोले सजग होने का मैसेज देने का काम किया।