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Post2Pillar https://post2pillar.com Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar Mon, 15 Jun 2026 13:24:09 +0000 en hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://post2pillar.com/wp-content/uploads/2019/12/cropped-post2pillar-32x32.png Post2Pillar https://post2pillar.com 32 32 यूरेका फोर्ब्स ने लॉन्च किया ‘स्टॉप, चेक, रिलैक्स’ कैंपेन; नकली फिल्टरों के के बीच असली चुनने की अपील https://post2pillar.com/health/eureka-forbes-launches-stop-check-relax-campaign-urges-consumers-to-choose-genuine-filters-over-counterfeits/ https://post2pillar.com/health/eureka-forbes-launches-stop-check-relax-campaign-urges-consumers-to-choose-genuine-filters-over-counterfeits/#respond Mon, 15 Jun 2026 13:22:17 +0000 https://post2pillar.com/?p=4422

नई दिल्ली: भारत में हेल्थ और हाइजीन सेक्टर की अग्रणी कंपनी यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड (Eureka Forbes Limited) ने अपने ग्राहकों की सेहत और पानी की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए एक नए राष्ट्रीय जागरूकता अभियान ‘स्टॉप, चेक, रिलैक्स’ (Stop, Check, Relax) की शुरुआत की है। इस कैंपेन का मुख्य उद्देश्य वॉटर प्यूरीफायर की सर्विसिंग के दौरान होने वाली उस बड़ी लापरवाही को उजागर करना है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं— यानी नकली या साधारण फिल्टर का इस्तेमाल।

कंपनी ने इस कैंपेन के केंद्र में अपने अत्याधुनिक ‘एक्वागार्ड नैनोपोर लॉन्ग-लाइफ फिल्टर्स’ (Aquaguard Nanopore Long-Life Filters) को रखा है। इसके जरिए ग्राहकों को संदेश दिया जा रहा है कि वे सर्विसिंग के वक्त थोड़ा ठहरें (Stop), फिल्टर की असलियत को जांचें (Check), और फिर पूरी तरह बेफिक्र (Relax) हो जाएं।

साधारण फिल्टर बनाम एक्वागार्ड नैनोपोर: क्या कहती है रिसर्च?

देश में दूषित पानी और जलजनित बीमारियों को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में यह कैंपेन एक कड़वी सच्चाई को सामने लाता है कि कोई भी वॉटर प्यूरीफायर सिर्फ तभी तक सुरक्षित है, जब तक उसके अंदर लगा फिल्टर असली है।

IIT मद्रास की रिपोर्ट का हवाला: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास में किए गए वैज्ञानिक परीक्षणों के नतीजे चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले साधारण या लोकल फिल्टर पानी में मौजूद पेस्टिसाइड्स (कीटनाशक), लेड, मरकरी और आर्सेनिक जैसी जानलेवा अशुद्धियों को साफ करने में पूरी तरह नाकाम रहते हैं।

इसके विपरीत, एक्वागार्ड नैनोपोर लॉन्ग-लाइफ फिल्टर्स अपनी एडवांस मल्टी-स्टेज प्यूरीफिकेशन टेक्नोलॉजी और बेहद बारीक छिद्रों (नैनोपोर) की मदद से माइक्रोप्लास्टिक्स, यूरेनियम, खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया को भी पानी से पूरी तरह बाहर निकाल देते हैं। यह तकनीक पानी की आखिरी बूंद तक शुद्धता और सुरक्षा की गारंटी देती है।

इस कैंपेन के तहत एक विज्ञापन फिल्म भी जारी की गई है, जो घर-परिवार के बेहद सामान्य और जाने-पहचाने माहौल पर आधारित है।

  • कहानी का ताना-बाना: फिल्म में प्यूरीफायर की सर्विस विज़िट के दौरान एक पति-पत्नी के बीच होने वाली सामान्य बातचीत को दिखाया गया है। बातचीत के दौरान एक छोटी सी याद दिलाने वाली बात उन्हें प्यूरीफायर में लगाए जा रहे नए फिल्टर को गौर से देखने के लिए प्रेरित करती है।

  • मूल विचार: यूरेका फोर्ब्स का कहना है कि जिस तरह लोग नया वॉटर प्यूरीफायर खरीदते समय महीनों रिसर्च करते हैं और सोच-समझकर फैसला लेते हैं, ठीक उसी तरह फिल्टर बदलते समय भी असली की पहचान करना बेहद जरूरी है।

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घर खरीदने में ना करें देरी! ईरान संकट से बढ़ रही कंस्ट्रक्शन लागत, महंगे होंगे आशियाने: राकेश यादव https://post2pillar.com/economy/dont-delay-buying-a-home-construction-costs-rising-due-to-iran-crisis-homes-set-to-become-more-expensive-rakesh-yadav/ https://post2pillar.com/economy/dont-delay-buying-a-home-construction-costs-rising-due-to-iran-crisis-homes-set-to-become-more-expensive-rakesh-yadav/#respond Sat, 30 May 2026 10:12:35 +0000 https://post2pillar.com/?p=4417
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसके चलते पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी तेजी से बढ़ा है, जिसका सीधा असर स्टील, सीमेंट, पेंट और एल्युमीनियम जैसी निर्माण सामग्रियों की कीमतों पर पड़ा है। कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में हो रही इस लगातार वृद्धि ने रियल एस्टेट डेवलपर्स के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लागत बढ़ने के कारण आने वाले समय में डेवलपर्स को मजबूरन घरों की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी। ऐसे में, यदि आप अपना घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अब और देरी न करें। बढ़ती निर्माण लागत के कारण प्रॉपर्टी के दाम कभी भी बढ़ सकते हैं।

श्रमिकों की कमी से भी संकट

भीषण गर्मी और कूकिंग गैस की समस्या के कारण कंस्ट्रक्शन साइट्स पर मजदूरों की कमी हो गई है, जिससे निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। काम धीमा होने से निवेश और रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, बाजार में घरों की मांग लगातार बनी हुई है, लेकिन सप्लाई चेन की चुनौतियों और बढ़ती लागत ने डेवलपर्स का काम मुश्किल कर दिया है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो डेवलपर्स के लिए मौजूदा बजट में प्रोजेक्ट पूरा करना संभव नहीं होगा और जल्द ही प्रॉपर्टी की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

घरों की नई सप्लाई पर होगा असर

निर्माण सामग्री (स्टील, सीमेंट, पेंट) की लगातार बढ़ती कीमतों और मजदूरों की भारी कमी ने रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ी अनिश्चितता पैदा कर दी है। इस अस्थिर माहौल में, ज्यादातर डेवलपर्स नया जोखिम लेने से बच रहे हैं। उनका पूरा फोकस अब नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने के बजाय, पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर है। इससे नए प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग कम हो सकती है। यह बाजा में सप्लाई कम करने का काम करेगा, जिससे कीमत बढ़ेगी।
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क्रिकेट की दुनिया में वैभव का चमत्कारी सफर, सचिन से काफी आगे निकला बिहार का यह लाल https://post2pillar.com/sports/vaibhavs-miraculous-journey-in-the-world-of-cricket-this-son-of-bihar-has-surpassed-even-sachin/ https://post2pillar.com/sports/vaibhavs-miraculous-journey-in-the-world-of-cricket-this-son-of-bihar-has-surpassed-even-sachin/#respond Sat, 30 May 2026 03:08:40 +0000 https://post2pillar.com/?p=4410
वैभव सूर्यवंशी की चर्चा भारत ही नहीं पूरी दुनिया में हो रही है। जिस अंदाज में उन्होंने आईपीएल के इस सीजन में बल्लेबाजी की, उससे दुनिया के दिग्गज बॉलर और बैट्समैन अचंभित हैं। वैभन ने काफी समय में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों को भी पीछे छोड़ दिया है। वैभव की असली पहचान उनकी बेखौफ बल्लेबाजी है। उनके बल्ले की टाइमिंग और गेंद को हिट करने की क्षमता उस उम्र के खिलाड़ियों में बहुत कम देखने को मिलती है।
लेकिन वैभव को यहां तक पहुंचाने में उनके पिता के योगदान को भूलना नहीं चाहिए। वैभव की यह सफलता केवल उनके टैलेंट की नहीं, बल्कि उनके पिता के संघर्ष और बलिदान की भी कहानी है। बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से आने वाले वैभव के पिता, संजीव सूर्यवंशी, पेशे से एक किसान हैं। जब उन्होंने देखा कि उनके छोटे से बेटे में क्रिकेट का जुनून है, तो उन्होंने गांव में ही प्रैक्टिस के लिए एक पिच बनवा दी। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि बेटे को बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए बेहतर सुविधाओं की जरूरत है। अपने बेटे के सपनों को पंख देने के लिए इस पिता ने अपना पुश्तैनी खेत तक बेच दिया और पटना शिफ्ट हो गए। उन्होंने अपने बेटे को पूर्व रणजी खिलाड़ी मनीष ओझा की अकादमी में दाखिला दिलाया। यह वह दौर था जब परिवार ने भारी आर्थिक तंगी का सामना किया, लेकिन पिता ने वैभव की ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं आने दी। वैभव ने भी पिता के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया। रोज 6-7 घंटे की कड़ी प्रैक्टिस और अनुशासन ने उन्हें आज उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां करोड़ों रुपये उनके कदम चूम रहे हैं।

क्या वैभव संभाल पाएंगे शोहरत का यह दबाव?

आईपीएल में जलवा बिखेरने के बाद वैभव के लिए सबसे बड़ी चुनौती शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को सीनियर लेवल के लिए तैयार करना होगा। हालांकि, उनके कोच और पिता का मानना है कि वैभव मानसिक रूप से बहुत परिपक्व हैं। आगे की राह उनके लिए घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे) में लगातार रन बनाने और आईपीएल के नेट्स में इंटरनेशनल खिलाड़ियों से सीखने की है। अगर वैभव ने खुद को जमीन से जोड़े रखा और अपने खेल पर फोकस किया, तो वह दिन दूर नहीं जब यह लड़का टीम इंडिया की नीली जर्सी में विराट कोहली जैसी सफलता की कहानियां लिखेगा।
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सुमित्रा जन कल्याण सेवा संस्थान की पहल से वर्मी कम्पोस्ट प्रशिक्षण का आयोजन https://post2pillar.com/news/vermicompost-training-organized-through-the-initiative-of-sumitra-jan-kalyan-seva-sansthan/ https://post2pillar.com/news/vermicompost-training-organized-through-the-initiative-of-sumitra-jan-kalyan-seva-sansthan/#respond Sun, 24 May 2026 16:44:24 +0000 https://post2pillar.com/?p=4406
मुजफ्फरपुर (वेब डेस्क): बिहार के ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक खेती के साथ-साथ अब ‘ग्रीन एग्रो-बिजनेस’ (Green Agro-Business) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में युवाओं और किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘सुमित्रा जन कल्याण सेवा संस्थान’ द्वारा पूर्व में एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया था। इस जमीनी पहल का असर अब यह हुआ है कि जिले के कई ग्रामीण परिवार जैविक उत्पादों के जरिए न सिर्फ अपनी खेती को समृद्ध कर रहे हैं, बल्कि नियमित आय भी अर्जित कर रहे हैं।
केमिकल मुक्त खेती और लागत कम करने पर था फोकस
संस्थान द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और सक्रिय किसानों को केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट – Vermicompost), जैविक कीटनाशक (Organic Pesticides) और नीम आधारित विभिन्न कृषि उत्पाद तैयार करने का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) दिया गया था। संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहे रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर निर्भरता को कम करना था। इसके साथ ही, किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी खेती की बढ़ती लागत को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) को बढ़ावा देना था।
हुनर सीखकर ग्रामीणों ने शुरू किया खुद का बिजनेस
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि यह सिर्फ कागजों या क्लासरूम तक सीमित नहीं रहा। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कई उत्साही लाभार्थियों ने स्थानीय स्तर पर ही अपनी वर्मी कम्पोस्ट इकाइयां और जैविक उत्पाद निर्माण केंद्र शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें बाजार से महंगे दामों पर रासायनिक खाद खरीदनी पड़ती थी, जिससे खेती की लागत बहुत अधिक आती थी और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी घट रही थी। लेकिन अब वे खुद अपने घरों और खेतों में उच्च गुणवत्ता वाली केंचुआ खाद और नीम आधारित कीटनाशक तैयार कर रहे हैं। इन इको-फ्रेंडली उत्पादों की स्थानीय बाजारों और नजदीकी किसानों के बीच भारी मांग है, जिससे इन नए ग्रामीण उद्यमियों को घर बैठे ही बंपर कमाई का जरिया मिल गया है।
लाभार्थियों के जीवन में आया बड़ा बदलाव

प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सुमित्रा जन कल्याण सेवा संस्थान की इस पहल ने उनके सोचने और काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। जैविक खेती की इन नई और वैज्ञानिक तकनीकों की सटीक जानकारी मिलने से फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। कई महिला लाभार्थियों ने कहा कि इस हुनर ने न केवल ग्रामीण समाज में उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए आय में योगदान देने का एक बेहतरीन अवसर भी प्रदान किया है।

टिकाऊ खेती की ओर बढ़ते कदम

सुमित्रा जन कल्याण सेवा संस्थान के पदाधिकारियों का मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सामुदायिक एकजुटता (Community Mobilization) और ग्रामीणों के सहयोग से यह पूरा अभियान बेहद सफल रहा है। संस्था का यह दृढ़ विश्वास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक विकास तभी संभव है जब हर हाथ में हुनर हो। अतीत में चलाए गए ये प्रशिक्षण शिविर आज ग्रामीण युवाओं को पलायन से रोकने और उनके पैतृक गांवों में ही रोजगार सृजन करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुए हैं।

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आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने लॉन्च किया ‘सर्विस एश्योर’, अब सड़क पर गाड़ी खराब होने पर 30 मिनट में मिलेगी मदद https://post2pillar.com/auto/icici-lombard-launches-service-assure-now-get-assistance-within-30-minutes-in-case-of-a-roadside-vehicle-breakdown/ https://post2pillar.com/auto/icici-lombard-launches-service-assure-now-get-assistance-within-30-minutes-in-case-of-a-roadside-vehicle-breakdown/#respond Fri, 22 May 2026 06:50:05 +0000 https://post2pillar.com/?p=4404

मुंबई : भारत की प्रमुख प्राइवेट जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में शामिल आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने आज अपनी आईएल स्मार्ट असिस्ट (रोडसाइड असिस्टेंस) सेवा के तहत ‘सर्विस एश्योर’ लॉन्च करने की घोषणा की। यह इंडस्ट्री की पहली रोडसाइड सहायता सेवाओं में से एक है, जिसमें वादा किया गया है कि अगर किसी प्राइवेट कार का ब्रेकडाउन हो जाए या एक्सीडेंट हो जाए, तो कंपनी आठ मेट्रो शहरों में 30 मिनट के भीतर मदद पहुंचाएगी।

यह लॉन्च कंपनी के 25 साल पूरे होने के मौके पर किया गया है और मोटर इंश्योरेंस को सिर्फ क्लेम सर्विस से आगे बढ़ाकर सर्विस एश्योरेंस कैटेगरी में बदलने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।

सर्विस एश्योर फिलहाल मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे और अहमदाबाद में उपलब्ध है।

गाड़ी खराब होना किसी भी कार मालिक के लिए सबसे तनावपूर्ण स्थिति होती है। यह परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब यह साफ नहीं होता कि मदद कब तक पहुंचेगी। भारत में रोडसाइड असिस्टेंस सेवा कई सालों से उपलब्ध है, लेकिन ग्राहकों को मदद पहुंचने का समय आमतौर पर स्पष्ट तौर पर नहीं बताया जाता था।

‘सर्विस एश्योर’ इस स्थिति को बदलता है। अब कंपनी ने ग्राहकों के लिए एक तय और मापने योग्य समय सीमा तय की है, जिसके तहत मदद पहुंचाने का वादा किया गया है।

जब किसी ग्राहक की गाड़ी खराब हो जाती है या उसका एक्सीडेंट हो जाता है, तो उसे सिर्फ आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के टोल-फ्री नंबर 1800 2666 पर कॉल करना होता है। इसके बाद कंपनी पॉलिसी की जांच करती है, व्हाट्सऐप के जरिए ग्राहक की सही लोकेशन कन्फर्म करती है और जरूरत पड़ने पर ट्रेन्ड टेक्निशियन या टोइंग ट्रक भेजती है। इसके बाद ग्राहक को टेक्निशियन या ड्राइवर की जानकारी दी जाती है और 30 मिनट की सर्विस एश्योरेंस समय-सीमा शुरू हो जाती है।

अगर तय समय से देरी होती है, तो ग्राहक को कंपनी की ओर से कॉल किया जाता है और कुछ तय सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें क्लेम एक्सपर्ट से व्यक्तिगत सहायता, गाड़ी की जांच कर खराबी का कारण पता लगाना, ग्राहक सहायता और फर्स्ट-एड किट को दोबारा भरने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

‘सर्विस एश्योर’ से पहले आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने जून 2024 में ‘स्मार्ट सेवर प्लस’ लॉन्च किया था। यह इंडस्ट्री के शुरुआती ऐड-ऑन में से एक था, जिसके तहत कंपनी ने चुनिंदा पार्टनर गैरेज में 50,000 रुपये तक के मोटर क्लेम की मरम्मत सिर्फ 5 दिनों में पूरी करने का वादा किया था। इसके साथ ही, चुने गए पार्टनर गैरेज में हुई मरम्मत पर 24 महीने या 10,000 किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) तक काम की क्वालिटी की गारंटी भी दी जाती है।

अब आईएल स्मार्ट असिस्ट – सर्विस एश्योर के जरिए कंपनी इसी भरोसे वाली सेवा को रिपेयर के समय से आगे बढ़ाकर ब्रेकडाउन के समय तक ले जा रही है। इन दोनों सेवाओं से यह दिखता है कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड कई साल से मोटर इंश्योरेंस अनुभव को बदलने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी अब इसे सिर्फ क्लेम सर्विस तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि ऐसी सर्विस बना रही है जिसमें ग्राहक को सड़क पर मदद की जरूरत पड़ते ही भरोसेमंद सहायता मिल सके।

गौरव अरोरा, चीफ कमर्शियल लाइंस एंड मोटर (अंडरराइटिंग एंड क्लेम्स), आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने कहा कि, “डेढ़ साल पहले हमने स्मार्ट सेवर प्लस के जरिए अपने ग्राहकों से उनकी कार की मरम्मत के समय को लेकर वादा किया था। अब सर्विस एश्योर के जरिए हम यह वादा कर रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर हम कितनी जल्दी उनके पास पहुंचेंगे। हर कदम हमें एक आसान सोच के करीब ले जा रहा है — मोटर इंश्योरेंस की पहचान सिर्फ क्लेम भुगतान से नहीं, बल्कि इस बात से होनी चाहिए कि कंपनी कितनी तेजी और भरोसे के साथ ग्राहक की मदद के लिए पहुंचती है।”

मनीष विज, फाउंडर, ग्लोबल एश्योर (सर्विस एश्योर के सर्विस प्रोवाइडर) ने कहा कि, “गाड़ी खराब होने पर ड्राइवर कई घंटों तक सड़क पर फंस सकते हैं। ऐसे समय में उन्हें चिंता और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है और मदद का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। ग्लोबल एश्योर में हम समझते हैं कि सड़क पर फंसे होने पर हर मिनट बहुत अहम होता है। इसी वजह से हमें खुशी है कि हम आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के साथ मिलकर उनके ग्राहकों के लिए 8 बड़े शहरों में 30 मिनट सर्विस एश्योरेंस शुरू कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की भरोसेमंद इंश्योरेंस सेवा को हमारी तेज रोडसाइड सहायता और रियल-टाइम ट्रैकिंग के साथ जोड़कर हम ग्राहकों को पूरी मानसिक शांति देने और सड़क पर होने वाली परेशानी को तेज और भरोसेमंद मदद में बदलने का काम कर रहे हैं।”

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वेदांता ग्रुप ने लगाए लगभग 40 लाख पेड़, जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण पहलों का किया विस्तार https://post2pillar.com/nation/vedanta-group-plants-approximately-4-million-trees-expands-biodiversity-and-wildlife-conservation-initiatives/ https://post2pillar.com/nation/vedanta-group-plants-approximately-4-million-trees-expands-biodiversity-and-wildlife-conservation-initiatives/#respond Fri, 22 May 2026 06:39:34 +0000 https://post2pillar.com/?p=4400

 

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर वेदांता ग्रुप ने अपने परिचालनों में जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और प्रकृति-सकारात्मक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वित्त वर्ष 2021 से अब तक समूह ने लगभग 40 लाख पेड़ लगाए हैं और वर्ष 2030 तक 70 लाख पेड़ लगाने के अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। केवल वित्त वर्ष 2026 में ही परिचालन क्षेत्रों में करीब 10 लाख पेड़ लगाए गए, जिससे खनन क्षेत्रों, औद्योगिक भूमि और स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र के पुनर्स्थापन एवं पुनर्जीवन को समर्थन मिला।

विश्व आर्थिक मंच की पारिस्थितिक पुनर्स्थापन से जुड़ी वैश्विक पहल 1 ट्रिलियन ट्रीज़ (1t.org) के अनुरूप, वेदांता समूह की वृक्षारोपण पहलों में स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल देशी और पारंपरिक प्रजातियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, करंज, बांस, जामुन और लेमनग्रास जैसी प्रजातियां शामिल हैं। समूह अपने विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से वृक्षारोपण अभियान चला रहा है, वेस्टयार्ड को हरित पट्टियों में बदल रहा है, खनन के बाद की भूमि का पुनर्वास कर रहा है और मियावाकी पद्धति के तहत सघन वृक्षारोपण कर रहा है। यह तकनीक स्थानीय वन पारिस्थितिकी तंत्र को दोबारा विकसित करने और जैव विविधता की बहाली को तेज़ करने में मदद करती है।

वेदांता समूह ने अपने सभी 52 परिचालन परिसंपत्तियों में 100% जैव विविधता स्क्रीनिंग भी पूरी कर ली है। इसके माध्यम से जैव विविधता के आधारभूत मानक तय किए गए हैं और परिचालनों में जैव विविधता की शुद्ध हानि न होने के लक्ष्य के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया गया है।

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड सहित समूह की विभिन्न इकाइयों में कई जैव विविधता पहलें चल रही हैं। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने 1 लाख से अधिक पौधे लगाए और TERI के सहयोग से माइकोराइजा तकनीक का उपयोग करते हुए चंदेरिया लेड-जिंक स्मेल्टर की 16 हेक्टेयर बंजर भूमि को हरे-भरे ग्रीनबेल्ट में बदलने का कार्य किया। कंपनी ने देबारी, दरीबा, चंदेरिया और कायड़ में मियावाकी वन भी विकसित किए हैं। संरक्षण के प्रति अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और मजबूत करते हुए, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड वैश्विक संरक्षण ढांचों और जैव विविधता की शुद्ध हानि न होने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप साइट-विशिष्ट जैव विविधता प्रबंधन योजनाएं तैयार करने के लिए प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ (IUCN) के साथ सहयोग कर रही है।

बाल्को ने पारिस्थितिक पुनर्स्थापन को बढ़ावा देने के लिए टेलिंग डैम और टाउनशिप क्षेत्रों में देशी प्रजातियों का वृक्षारोपण किया है, जबकि वेदांता एल्युमिनियम की लांजीगढ़ इकाई गैर-सक्रिय रेड मड स्टोरेज क्षेत्रों में पौधारोपण के माध्यम से औद्योगिक भूमि का पुनर्स्थापन कर रही है। भारत की अग्रणी फेरोक्रोम उत्पादक कंपनी वेदांत फैक्टर ने खनन क्षेत्रों में मिट्टी के पुनर्जीवन को समर्थन देने के लिए सामुदायिक नदी तटों पर लेमनग्रास लगाकर फाइटोरिमेडिएशन पहलें लागू की हैं। वहीं गोवा में वेदांता आयरन एंड स्टील ने सांक्वेलिम खदानों में 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र का पुनर्जीवन किया है। इसके तहत स्थानीय और औषधीय पौधों की प्रजातियों को शामिल करते हुए पुरस्कार विजेता एग्रोफॉरेस्ट्री पहलें चलाई गई हैं।

ओडिशा के झारसुगुड़ा में वेदांता एल्युमिनियम द्वारा विकसित बायोडायवर्सिटी पार्क में 30 से अधिक तितली प्रजातियां पाई जाती हैं, जबकि लांजीगढ़ स्थित एवियन एरीना पार्क पक्षियों के लिए सुरक्षित घोंसले और बर्ड बाथ जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। वेदांता ऑयल एंड गैस ने आंध्र प्रदेश के रव्वा क्षेत्र में 86 एकड़ में कृत्रिम मैंग्रोव विकसित किए हैं, जो 150 से अधिक पक्षी प्रजातियों, स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव और संकटग्रस्त फिशिंग कैट के लिए आवास का काम कर रहे हैं। राजस्थान में भी वेदांता ऑयल एंड गैस स्पाइनी-टेल्ड लिज़र्ड के संरक्षण के लिए आवास पहचान और जागरूकता से जुड़ी पहलों को समर्थन दे रही है।

पारिस्थितिक पुनर्स्थापन से आगे बढ़ते हुए, वेदांता ग्रुप  अपने प्रमुख पशु कल्याण अभियान ‘TACO’ (पशु देखभाल संगठन) के माध्यम से पशु कल्याण और वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूत कर रहा है। हरियाणा के फरीदाबाद में TACO 24×7 पशु चिकित्सालय, आश्रय गृह और एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (ABC) संचालित करता है, जहां परित्यक्त और आवारा पशुओं के लिए उन्नत पशु चिकित्सा सेवाएं, डायग्नोस्टिक्स, मोबाइल इमरजेंसी सेवाएं और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

TACO की वन्यजीव संरक्षण पहल ‘मिशन वनरक्षा’ के तहत वेदांता ग्रुप  भारत के प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों में संरक्षण प्रयासों को समर्थन दे रहा है। इसके लिए कंपनी ने असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के साथ रणनीतिक साझेदारियां की हैं। यह पहल शिकार-रोधी ढांचे, निगरानी प्रणालियों, फ्रंटलाइन कर्मियों की आवाजाही और आवास संरक्षण उपायों को मजबूत कर रही है। इसके तहत निगरानी वाहनों, एंटी-पोचिंग कैंपों और वन कर्मियों के लिए आवासीय इकाइयों की व्यवस्था भी शामिल है।

वेदांता ग्रुप ने जैव विविधता जागरूकता और संरक्षण से जुड़ी कहानियों को बढ़ावा देने के लिए ‘तेंदुआ वंश – राणाओं का उदय’ जैसे प्रोजेक्ट्स का भी समर्थन किया है, जो भारत की वन्यजीव विरासत और संरक्षण तंत्र को प्रदर्शित करते हैं। इसके अलावा कंपनी ‘जंगली राजस्थान’ डॉक्यूमेंट्री परियोजना को भी सहयोग दे रही है, जो राजस्थान के विविध वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित है।

पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, जैव विविधता प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण में निवेश के माध्यम से वेदांता ग्रुप प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मजबूत कर रहा है, साथ ही सतत और जिम्मेदार विकास को भी आगे बढ़ा रहा है।

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पूज्य गुरुदेव कैलाश चंद्र श्रीमाली के सानिध्य में ‘त्रिशक्ति सुहाग सौभाग्य साधना शिविर’ संपन्न https://post2pillar.com/religion/trishakti-suhaag-saubhagya-sadhana-shivir-concluded-under-the-guidance-of-respected-gurudev-kailash-chandra-shrimali/ https://post2pillar.com/religion/trishakti-suhaag-saubhagya-sadhana-shivir-concluded-under-the-guidance-of-respected-gurudev-kailash-chandra-shrimali/#respond Wed, 20 May 2026 05:17:23 +0000 https://post2pillar.com/?p=4396

बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल से भारी संख्या में पहुंचे साधक।

​गुरुदेव ने दिया धैर्य का महामंत्र, कहा— संकट में विचलित न हों।

​भव्य आयोजन में साधकों को मिली गुरु दीक्षा और शक्तिपात की दिव्य चेतना।

​सुबह से शाम तक अनवरत चला विशाल भंडारा।

पटना :- अध्यात्म और साधना के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व अध्याय जोड़ते हुए ‘त्रिशक्ति सुहाग सौभाग्य साधना शिविर’ बेहद भव्य और गरिमामय तरीके से संपन्न हो गया। इस आध्यात्मिक महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए न केवल देश के विभिन्न राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधक पहुंचे। पूरा परिसर गुरुभक्ति और जयकारों से गुंजायमान रहा।

संकट के समय धैर्य ही सबसे बड़ा संबल: पूज्य गुरुदेव

​शिविर में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए परम पूज्य गुरुदेव कैलाश चंद्र श्रीमाली जी ने जीवन प्रबंधन और अध्यात्म का गहरा मर्म समझाया। उन्होंने साधकों को प्रेरित करते हुए कहा:
​”जीवन में जब भी कोई बड़ी परेशानी या संकट आए, तो उस समय घबराने की बजाय धैर्य रखने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। विपरीत परिस्थितियों में खोया हुआ धैर्य व्यक्ति को कमजोर बनाता है, जबकि संयम और गुरु-कृपा से बड़े से बड़े संकट को भी पार किया जा सकता है।”

गुरु दीक्षा और शक्तिपात से जागृत हुई चेतना:-

​शिविर का मुख्य आकर्षण गुरुदेव द्वारा दी गई दिव्य दीक्षाएं रहीं। पूज्य गुरुदेव ने शिविर में मौजूद सभी साधकों को गुरु दीक्षा और शक्तिपात की दीक्षा प्रदान की। शक्तिपात के दौरान साधकों ने एक असीम ऊर्जा और शांति का अनुभव किया। गुरुदेव ने सभी को सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद दिया।

व्यवस्था रही चाक-चौबंद, सुबह से शाम तक चला भंडारा:-

​इस विशाल शिविर को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। शिविर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए सुबह से लेकर देर शाम तक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) की व्यवस्था की गई थी। सेवादारों के समर्पण और अनुशासित व्यवस्था के कारण दूर-दराज से आए साधकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और सभी ने बेहद सहजता से साधना का आनंद लिया।
शिविर के समापन पर भावुक विदाई के साथ साधकों ने गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और अपने भीतर एक नई सकारात्मक ऊर्जा लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। यह शिविर क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी दिव्यता के लिए याद किया जाएगा।

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पाकिस्तान में रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ का तूफान! बैन के बावजूद बनी नंबर-1 फिल्म https://post2pillar.com/entertainment/ranveer-singhs-dhruvandhar-2-takes-pakistan-by-storm-becomes-the-no-1-film-despite-the-ban/ https://post2pillar.com/entertainment/ranveer-singhs-dhruvandhar-2-takes-pakistan-by-storm-becomes-the-no-1-film-despite-the-ban/#respond Sat, 16 May 2026 13:19:43 +0000 https://post2pillar.com/?p=4390
New Delhi: बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह और कल्ट डायरेक्टर आदित्य धर की जोड़ी ने एक बार फिर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में तहलका मचा दिया है। पिछले साल दिसंबर में आई ‘धुरंधर’ की ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद, अब इसके दूसरे पार्ट ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (Dhurandhar: The Revenge) को लेकर पाकिस्तान में अभूतपूर्व दीवानगी देखी जा रही है। पाकिस्तानी सरकार द्वारा फिल्म पर बैन लगाए जाने के बावजूद, यह मूवी वहां ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नंबर-1 ट्रेंड कर रही है और यह दावा खुद पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर्स कर रहे हैं।
1. मनी हाइस्ट और स्क्विड गेम जैसा क्रेज, नेटफ्लिक्स पर नंबर-1 ट्रेंड
पाकिस्तान के मशहूर कंटेंट क्रिएटर माविया उमेर फारूकी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उनके पीछे टीवी स्क्रीन पर नेटफ्लिक्स का होम पेज खुला है और उसपर ‘धुरंधर 2’ पहले पायदान पर नजर आ रही है।
क्रिएटर ने वीडियो में कहा, “पाकिस्तान में ‘धुरंधर: द रिवेंज’ नंबर-1 पर ट्रेंड कर रही है। हम सब पाकिस्तानी तो बोल रहे थे कि यह एक झूठी कहानी है, लेकिन रणवीर सिंह और आदित्य धर ने यह क्या कमाल कर दिया! आखिरी बार पाकिस्तान में ऐसा क्रेज ‘मनी हाइस्ट’ और ‘स्क्विड गेम’ जैसी ग्लोबल सीरीज के लिए देखा गया था। पिछले 24 घंटों के भीतर इसे करोड़ों पाकिस्तानियों ने देख डाला है।”
2. एक साथ टूटे फैंस, क्रैश हो गया नेटफ्लिक्स का सर्वर!
माविया उमेर फारूकी ने अपने एक और वीडियो में बड़ा दावा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में इस फिल्म को लेकर ऐसा पागलपन था कि जैसे ही रात 12 बजे यह स्ट्रीम हुई, पूरा मुल्क इसे देखने बैठ गया। एक साथ लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा लॉगिन करने के कारण नेटफ्लिक्स का सर्वर तक क्रैश हो गया था। पाकिस्तानी क्रिएटर ने आगे कहा, “रणवीर सिंह का किरदार भले ही काल्पनिक हो, लेकिन आदित्य धर ने इसे जिस तरह पर्दे पर उतारा है, उसे देखकर हमें भी यकीन हो गया कि भाई, रणवीर सिंह वाकई पाकिस्तान आया था!”
3. बैन के बाद भी 3000 करोड़ का कलेक्शन, अब भारत में इस दिन होगी रिलीज
गौरतलब है कि ‘धुरंधर’ का पहला पार्ट पाकिस्तान समेत कई गल्फ देशों (खाड़ी देशों) में बैन था, इसके बावजूद फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऐतिहासिक ग्रॉस कलेक्शन किया था। अब इसके दूसरे पार्ट को लेकर फैंस का इंतजार भारत में भी खत्म होने वाला है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का प्रीमियर भारत में 4 जून को जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर होगा, जिसके बाद 5 जून से इसे सभी यूज़र्स के लिए स्ट्रीम कर दिया जाएगा।
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90 सेकेंड तक थम गई थीं सांसें, जब पैर फिसला तो मौत के मुंह से लौटे थे सलमान खान https://post2pillar.com/entertainment/breaths-stood-still-for-90-seconds-when-his-foot-slipped-salman-khan-returned-from-the-jaws-of-death/ https://post2pillar.com/entertainment/breaths-stood-still-for-90-seconds-when-his-foot-slipped-salman-khan-returned-from-the-jaws-of-death/#respond Sat, 16 May 2026 13:08:40 +0000 https://post2pillar.com/?p=4385

New Delhi: सुपरस्टार सलमान खान का चार्म ऐसा है कि वो पर्दे पर आएं तो लाइमलाइट अपने आप उनकी तरफ खिंची चली आती है। फैंस उनके स्टाइल के इस कदर दीवाने हैं कि उनकी औसत फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों का बिजनेस कर लेती हैं। अपने 35 साल के लंबे करियर में सलमान ने 100 से अधिक फिल्मों में काम किया है और कई खतरनाक स्टंट्स खुद अंजाम दिए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में सलमान ने 90 के दशक के उन दो किस्सों को याद किया, जब स्टंट करते हुए उनकी जान सचमुच आफत में आ गई थी।
1. 80 फीट ऊंचा पहाड़, गहरी खाई और सलमान का ‘ईगो’
सलमान खान ने अपनी फिल्म ‘जागृति’ (1992) की शूटिंग का एक बेहद डरावना किस्सा साझा किया। यह शूटिंग उडुपी में एक 80 फीट ऊंची पहाड़ी पर हो रही थी, जिसके नीचे गहरी खाई थी। स्टंट के लिए नीचे सुरक्षा के तौर पर गद्दों और बॉक्स की तीन लेयर लगाई गई थीं।
सलमान ने बताया, “जब मैं चोटी पर पहुंचा, तो ऊंचाई के कारण मुझे नीचे रखे वो सेफ्टी बॉक्स दिखाई ही नहीं दे रहे थे। खाई इतनी गहरी थी कि मुझे सिर्फ अपने अंदाजे से कूदना था। मैं वो स्टंट मना कर देता, लेकिन तब तक वहां हजारों की भीड़ जुट चुकी थी। अब इतने लोगों के सामने ऊपर जाकर वापस नीचे आना मेरे ईगो (अहम) को गंवारा नहीं था। मैंने कूदने का फैसला कर लिया।”
2. मौत को छूकर निकले भाईजान: पैर फिसला और…
फैसले के बाद जो हुआ, उसने सेट पर मौजूद हर शख्स की सांसें अटका दी थीं। सलमान ने आगे बताया, “शॉट ओके हुआ, मैंने अपने मेकअप मैन का हाथ पकड़ा और जंप लगाने के लिए जैसे ही आगे दौड़ा, मेरा पैर फिसल गया। मेरा सिर पहाड़ की चोटी से टकराते-टकराते बचा और मैं सीधे नीचे जा गिरा।” गनीमत रही कि सलमान सही जगह पर लैंड हुए और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
3. ‘पत्थर के फूल’ का वो स्टंट, जब 90 सेकेंड के लिए थम गई थीं सांसें
सिर्फ ‘जागृति’ ही नहीं, सलमान ने अपनी एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पत्थर के फूल’ (1991) का भी जिक्र किया। इस फिल्म के एक सीन के लिए उन्हें मुंबई की सड़क पर स्केटिंग करनी थी। स्टंट के दौरान अचानक सलमान का बैलेंस बिगड़ गया और वह सुरक्षा के लिए रखे गद्दे पर इतनी जोरदार स्पीड से गिरे कि उनकी छाती पर गहरा शॉक लगा। सलमान के मुताबिक, उस हादसे के बाद करीब 90 सेकेंड (डेढ़ मिनट) तक उनकी सांसें पूरी तरह थम गई थीं और सेट पर सन्नाटा पसर गया था।
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शेयर बाजार डराएगा, सोना थकाएगा, लेकिन रियल एस्टेट कभी निराश नहीं करेगा: राकेश यादव https://post2pillar.com/economy/stock-market-will-scare-you-gold-will-wear-you-out-but-real-estate-will-never-disappoint-rakesh-yadav/ https://post2pillar.com/economy/stock-market-will-scare-you-gold-will-wear-you-out-but-real-estate-will-never-disappoint-rakesh-yadav/#respond Sat, 16 May 2026 12:24:39 +0000 https://post2pillar.com/?p=4382

पिछले दो वर्षों से वैश्विक स्तर पर जारी भारी उथल-पुथल के बीच, निवेशकों के बीच इस बात को लेकर बहस तेज हो गई है कि शेयर बाजार, गोल्ड और रियल एस्टेट में से सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प कौन सा है। दिग्गज रियल एस्टेट एक्सपर्ट और अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के सीएमडी राकेश यादव का कहना है कि शेयर और सोना आपको घर बैठे हर महीने पैसा नहीं देते, लेकिन प्रॉपर्टी देती है। बाजारों में निवेश के जितने भी विकल्प मौजूद हैं, उनमें सिर्फ रियल एस्टेट ही रिटर्न देने के मामले में सदाबहार है। आइए समझते हैं कैसे लॉन्ग टर्म निवेश में रियल एस्टेट सबसे बेस्ट है।

बाजार अनिश्चितता का डर नहीं

रियल एस्टेट में सबसे अच्छी बात यह है कि इस पर बाजार अनिश्चितता का असर बहुत ही कम होता है। इसके उलट ​शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, गोल्ड और सिल्वर पर भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक नीतियों का व्यापक असर होता है। इसलिए जब बात ‘कैपिटल प्रोटेक्शन’ और ‘रेगुलर इनकम’ की आती है, तो रियल एस्टेट का कोई मुकाबला नहीं है।

रेगुलर इनकम का भरोसेमंद जरिया

रियल एस्टेट एकमात्र ऐसा निवेश है जो आपको दोहरा लाभ देता है। एक तरफ आपकी संपत्ति की कीमत समय के साथ बढ़ती है, वहीं दूसरी तरफ यह आपको हर महीने ‘किराये’ के रूप में एक फिक्स इनकम सुनिश्चित करता है। शेयर बाजार में डिविडेंड अनिश्चित होता है, लेकिन प्रॉपर्टी का किराया एक ‘फिक्स रिटर्न’ की तरह काम करता है।

निवेश पर सबसे कम जोखिम

इतिहास गवाह है कि शेयर बाजार में 20-30% की गिरावट कुछ ही दिनों में देखी गई है, लेकिन आवासीय या कमर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतें कभी इस तरह धराशायी नहीं होतीं। प्रॉपर्टी की मांग हमेशा बढ़ती रहेगी, जिससे निवेश डूबने का जोखिम न के बराबर होता है।

इतिहास से सीखने की जरूरत

अगर पिछले 20-30 सालों के आंकड़ों को देखें, तो भारत में प्रॉपर्टी की कीमतों ने महंगाई को बड़े अंतर से पछाड़ा है। नोएडा, गुड़गांव या बेंगलुरु जैसे शहरों में प्रॉपर्टी ने निवेशकों को कई गुना रिटर्न दिया है, जो सोने या फिक्स्ड डिपॉजिट से संभव नहीं है।

महसूस और इस्तेमाल करना संभव

प्रॉपर्टी एक ऐसी संपत्ति है जिसे आप देख सकते हैं, महसूस कर सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए लंबी अवधि की वित्तीय स्वतंत्रता और सुरक्षित भविष्य के लिए रियल एस्टेट ही सबसे ‘बेस्ट’ और ‘लो-रिस्क’ निवेश है। अगर आप आज एक सही लोकेशन पर निवेश करते हैं, तो इतिहास खुद को दोहराएगा और आपकी संपत्ति आपको पीढ़ियों तक रिटर्न देती रहेगी।
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