पटना: राजधानी के पॉश इलाके बोरिंग रोड स्थित एक कोचिंग संस्थान में गुरुवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। दर्जनों की संख्या में पहुंचे छात्रों ने संस्थान में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की। छात्रों का आरोप है कि उनसे मोटी फीस वसूली गई है, लेकिन पढ़ाई की गुणवत्ता और फैकल्टी की व्यवस्था बेहद लचर है। अचानक कई शिक्षकों के संस्थान छोड़ने की सूचना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने संस्थान परिसर में बवाल काट दिया।
मामले की जानकारी मिलते ही एसके पुरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने छात्रों को शांत कराया और संस्थान प्रबंधन से बातचीत कर मामले को संभालने का प्रयास किया।
अनुभवी फैकल्टी का वादा किया गया था
छात्रों का कहना है कि संस्थान से एडमिशन के समय बेहतर शिक्षा और अनुभवी फैकल्टी का वादा किया गया था। इसके एवज में उनसे हजारों रुपये बतौर फीस ली गई। लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई शिक्षक लगातार क्लास छोड़ रहे थे। हाल ही में एक साथ कई फैकल्टी टीचरों के अचानक संस्थान छोड़ने की सूचना ने छात्रों में आक्रोश भर दिया। छात्रों का आरोप है कि कोचिंग संचालक ने फीस तो ले ली लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दी जा रही है, जिससे उनका भविष्य संकट में पड़ सकता है।
वहीं कोचिंग संस्थान के संचालक अभिषेक झा भगत ने छात्रों के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम एक साजिश के तहत रचा गया है। उनके अनुसार, करार होने के बावजूद कुछ शिक्षकों ने अचानक इस्तीफा दे दिया और छात्रों को भड़काकर हंगामा करने के लिए उकसाया गया। संचालक ने बताया कि फैकल्टी की हर मांग को पूरा करने के बावजूद कुछ शिक्षक क्लास लेने के लिए तैयार नहीं थे।
कोटा से नए फैकल्टी बुलाए जा रहे हैं
अभिषेक झा भगत ने कहा कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कोटा से नए फैकल्टी बुलाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों का पूरा सिलेबस समय पर पूरा कराया जाएगा और सेमेस्टर के शेड्यूल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही संस्थान ने छात्रों से अपील की है कि यदि किसी को कोई समस्या या सुझाव हो तो वह सीधे प्रबंधन से संपर्क करें।
उधर, छात्रों का कहना है कि उन्हें जल्द से जल्द बेहतर शिक्षकों की व्यवस्था चाहिए। उनका तर्क है कि कोटा जैसे शहरों से पढ़ाई करने की बजाय उन्होंने पटना में इसी संस्थान पर भरोसा किया था, लेकिन बार-बार फैकल्टी बदलने और पढ़ाई ठप होने से वे मानसिक दबाव में हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। छात्रों और प्रबंधन के बीच बातचीत कराई जा रही है ताकि माहौल और न बिगड़े। इस घटना के बाद इलाके में कोचिंग संस्थानों की व्यवस्थाओं को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और महंगे कोचिंग कल्चर के बीच छात्रों की नाराजगी ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार शिक्षकों का बदलना और कोचिंग प्रबंधन का सही समाधान न देना छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डाल सकता है।







