रूडी के स्वागत में पटना एयरपोर्ट पर उमड़ा हुजूम, समर्थकों ने लगाया नारा ‘बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो - रूडी भैया जैसा हो’ - Post2Pillar

रूडी के स्वागत में पटना एयरपोर्ट पर उमड़ा हुजूम, समर्थकों ने लगाया नारा ‘बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो – रूडी भैया जैसा हो’

राजीव प्रताप रूडी
आज पहली बार कांस्टीट्यूशन क्लब चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद सांसद राजीव प्रताप रूडी पटना पहुंचे। पटना एयरपोर्ट पर पहुंचने पर उनके सर्मथकों और बीजेपी कार्यकार्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक एयरपोर्ट पर फूल- माला और बैंड- बाजा लेकर पहुंचते थे। आज लंबे समय के बाद कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखा गया। रूडी के सर्मथक और भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज एयरपोर्ट पर ‘बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो – रूडी भैया जैसा हो’ नारे लगाने से नहीं चुके। यानी सीधे तौर पर अगले विधानसभा चुनाव में राजीव प्रताप रूडी को अगला मुख्यमंत्री कैंडीडेट बनाने का मांग आज कार्यकर्ताओं ने रख दिया।
post2pillar से बात करते हुए रूडी ने कहा कि बिहार के लोग हर चीज का जश्न शानदार तरीके से मनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह जीत मेरी नहीं, पूरे बिहार व देश की लोकतांत्रिक ताकत की है। कांस्टीट्यूशन क्लब ने दिखा दिया कि राजनीति में तालमेल और सामूहिक निर्णय की संस्कृति जीवित है। मैं सभी का दिल से धन्यवाद करता हूँ, आगे और जिम्मेदारी बढ़ गई है।
जयंत सिंह ने किया रूडी का स्वागत

इस अवसर पर भाजपा नेता जयंत सिंह ने रूडी का स्वागत किया। वह सुबह से हजारों कार्यकार्ताओं के साथ एयरपोर्ट पर डटे हुए थे। साथ में जयंत सिंह ने इस अवसर पर पोस्ट2पीलर के बात करते हुए कहा कि रूडी भाजापा के एक बड़े चेहरे हैं। हम सभी चाहेंगे कि बिहार बीजेपी का वह नेतृत्व करें। जयंत सिंह ने आगे कहा कि राजीव प्रताप रूढ़ी का यह जीत एक ऐतिहासिक जीत है। जयंत सिंह के साथ उनके छोटे भाई कबूल सिंह भी मौजूद रहे।
SIR को लेकर कही ये बातें
रूडी ने एसआईआर को लेकर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं बिहार विधानसभा के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की आगामी यात्रा पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, मेरा सभी राजनीतिक पार्टियों के मित्रों से यही संवाद है कि जो मतदाता छूटे हैं, उन्हें सूची में जुड़वाने का प्रयास करना चाहिए। गांव-गांव में घूमकर मतदाताओं को जुड़वाने का प्रयास करना चाहिए। एसआईआर के दौरान गांव में मतदाता ढूंढना और उन्हें जुड़वाना अधिक महत्वपूर्ण है, न कि सड़क पर यात्रा करना।

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